सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संस्कृति विवि में ले सकते हैं कहीं से भी आनलाइन प्रवेश, संस्कृति विवि की सजगता ने विद्यार्थियों को पहुंचाया बड़ा लाभ

संस्कृति विवि में ले सकते हैं कहीं से भी आनलाइन प्रवेश, संस्कृति विवि की सजगता ने विद्यार्थियों को पहुंचाया बड़ा लाभ



रिटायर्ड लेफ्टिनेंट बच्चू सिंह 


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में पूर्व से ही व्यक्तिगत रूप से, फोन से अथवा आनलाइन काउंसलिंग और प्रवेश की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों और विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए विश्वविद्यालय ने आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया को और आसान व सुविधाजनक बनाया है। देश-विदेश के किसी भी हिस्से में रहने वाले विद्यार्थी निर्धारित वेबसाइट और फोन नंबरों पर संपर्क करके अपने चयनित पाठ्यक्रमों में आसानी से प्रवेश ले सकते हैं। 


संस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने जारी एक बयान में कहा है कि कोविड-19 महामारी ने मानवीय जीवन के हर क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा भी है। लाकडाउन के चलते सभी शिक्षण संस्थान अनिश्चित समय के लिए बंद हो गए। ऐसी परिस्थितियों में यदि हम उच्च शिक्षा की ही बात करें तो जो विद्यार्थी इंटर के बाद विभिन्न पाठ्यक्रम की नियमित शिक्षा ले रहे थे उनकी शिक्षा पूरी तरह से ठप हो गई। कालेजों और विश्वविद्यालयों के सामने बड़ी चुनौती यह थी कि इन विद्यार्थियों का कोर्स कैसे पूरा कराया जाय। इन हालातों में संस्कृति विवि ने तत्परता बरतते हुए आगे कदम बढ़ाया और सभी संकाय के सदस्यों को आन लाइन पाठ्यक्रम तैयार करने और विद्यार्थियों के साथ आन लाइन ही क्लास शुरू करने की पहल की। हमने सभी डीन, फैकल्टी को मार्च में लॉक डाउन शुरू होते ही इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए थे। इसका लाभ यह हुआ कि विवि के शिक्षकों ने एक सप्ताह के अंदर ही विभिन्न एप्स के माध्यम से लाइव क्लासेज शुरू कर कोर्स पूरे कराने प्रारंभ कर दिए। 


कुलाधिपति गुप्ता का कहना है कि संस्कृति विवि द्वारा विद्यार्थियों को अपने विषय में विशेष ज्ञान से लाभान्वित करने के लिए देश-दुनिया के विषय विशेषज्ञों के लेक्चर आयोजित कराए गए। कोरोना की विभीषिका को ध्यान में रखते हुए सामान्य ज्ञान और भविष्य की चुनौतियों के प्रति तैयार करने के लिए एक्सपर्ट की वेबिनार आयोजित की गईं। ऐसा करने के पीछे विवि प्रशासन का उद्देश्य यही है कि हमारे विद्यार्थी इन वेबिनार से आवश्यक और अतिरिक्त कौशल हासिल करें और आने वाले भविष्य के लिए अपने आपको पूरी तरह से तैयार कर सकें। 


उन्होंने कहा है कि हमें यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि संस्कृति विवि के द्वारा लॉक डाउन के दौरान रिकार्ड 60 से अधिक विषय संबंधी और जरूरत के मुताबिक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित की जा चुकी हैं। इसके अलावा संस्कृति विवि की फैकल्टी द्वारा 32 हजार पांच सौ के करीब लेक्चर दिए जा चुके हैं। 110 फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम और 45 से अधिक फैकल्टी मीटिंग की जा चुकी हैं। यह सभी आन लाइन ही हुई हैं। आज संस्कृति विवि का विद्यार्थी भले ही विवि नहीं खुल सका हो, आवश्यक सभी पाठ्यक्रम पूरे कर चुका है। इतना ही नहीं वह वर्तमान हालातों और भविष्य की चुनौतियों से भलीभांति वाकिफ है। 


यहां हम यह भी बताना चाहते हैं कि माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद जब विद्य़ार्थी अपने भविष्य की शिक्षा के लिए विषय और क्षेत्र का चयन करने जाएगा तो यहां भी उसे संस्कृति विवि द्वारा हर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। संस्कृति विवि ने आनलाइन काउंसलिंग की पूरी सुविधा दी हुई है, इसका लाभ अन्य उन राज्यों के विद्यार्थी उठा भी रहे हैं जहां माध्यमिक परीक्षाएं हो चुकी हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए संस्कृति विवि ने आनलाइन प्रवेश के लिए व्यापक प्रवेश प्रणाली तैयारी की है। विद्यार्थी प्रवेश के लिए अपना रजिस्ट्रेशन वेबसाइट https://www.sanskriti.edu.in/register, ई. मेल admission@sanskriti.edu.in, व्हाट्सएप नंबर 9690899944, या फिर हेल्प लाइन 9358512345, 9359688848 से संपर्क कर करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन का काम जारी है और विद्यार्थी आन लाइन प्रवेश भी ले रहे हैं।


टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वेतन तो शिक्षक का कटेगा भले ही वो महिला हो और महिला अवकाश का दिन हो , खंड शिक्षा अधिकारी पर तो जांच जारी है ही ,पर यक्ष प्रश्न आखिर कब तक  

महिला अवकाश के दिन महिलाओ का वेतन काटना तो याद है , पर बीएसए साहब को डीएम साहब के आदेश को स्पष्ट करना याद नहीं - शीतल दहलान , जिला अध्यक्ष , प्राथमिक शिक्षक संघ   सिस्टम ही तो है वरना जिस स्कूल में छः और आठ महीने से कोई शिक्षक नहीं आ रहा वहा साहब लोग जाने की जरूरत नहीं समझते  , पर महिला हूँ चीख चिल्ला ही सकती हूँ , पर हूँ तो निरीह ना - शीतल दहलान  विजय शुक्ल लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया दिल्ली।  खनन ,और शिक्षा दो ही ऐसे माफिया है जो आज सोनभद्र को दीमक की तरह खोखला कर रहे है, वो भी भ्रष्ट और सरपरस्ती में जी रहे अधिकारियो की कृपा से। बहरहाल लोकल न्यूज ऑफ इंडिया और कई समझदार लोग शायद शिक्षक पद की गरिमा को लेकर सोनभद्र में चिंतित नजर आते है।   चाहे म्योरपुर खंड शिक्षा अधिकारी को लेकर बेबाक और स्पष्ट वादी विधायक हरीराम चेरो का बयान हो कि   सहाय बदमाश आदमी है   या फिर ऑडियो में पैसे का आरोप लगाने वाली महिला शिक्षिका का अब भी दबाव में जीना और सिस्टम से लगातार जूझना जो जांच की छुरछुरछुरिया के साथ आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी को अपने रसूख और दबाव का खेल घूम घूम कर साबित करने की इजाजत देता हो। 

विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्तिथि को लेकर जारी शासनादेश से पैदा हुई उहापोह की स्तिथि साफ़ करे बीएसए - शीतल दहलान , जिला अध्यक्ष , उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ , सोनभद्र 

विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्तिथि को लेकर जारी शासनादेश से पैदा हुई उहापोह की स्तिथि साफ़ करे बीएसए - शीतल दहलान  , जिला अध्यक्ष , उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ , सोनभद्र        सूर्यमणि कनौजिया  लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया  सोनभद्र। जनपद में ताजा ताजा जारी एक शासनादेश से शिक्षकों में एक उहापोह की स्तिथि बन गयी है जिसको लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष शीतल दहलान ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि  वो इसको स्पष्ट करे।  पूरा मामला  मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के दिनांक 30/08/2020 के शासनादेश संख्य2007/2020/सी.एक्स-3 के गाइड लाइन अनुपालन के क्रम में जिला मैजिस्ट्रेट /जिलाधिकारी सोनभद्र के दिनांक 31/08/2020 के पत्रांक 5728/जे.एनिषेधाज्ञा/ कोविड- 19/एल ओ आर डी /2020 के आदेशानुसार जिसके पैरा 1 मे उल्लिखित निम्न आदेश पर हुआ है।  जिसमे    1. समस्त स्कूल कॉलेज, शैक्षिक एवं कोचिंग संस्थान सामान्य शैक्षिक कार्य हेतु 30 सितम्बर 2020 तक बंद रहेंगे। यद्यपि निम्न गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति होगी a. ऑनलाइन शिक्षा हेतु अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित

सोनभद्र के बंटी-बबली का खेल अब जनता के सामने

सोनभद्र के बंटी-बबली का खेल अब जनता के सामने यू. पी. पुलिस इन्वेस्टिगेशन व पब्लिक सर्विस कमीशन का अपना फर्जी आई-डी कार्ड बनाकर जॉब लगवाने को लेकर लोगो का लाखो रुपए लूटा   मोहित मणि शुकला लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया सोनभद्र । एक ऐसा फर्जी पुलिस जो कि जनपद सोनभद्र का निवासी है और अपने फर्जी आई डी कार्ड के दम पर लोगो को जॉब दिलवाने के नाम पर व आने जाने के लिए टोल टैक्स पर पुलिस का रोब दिखा कर टोल टैक्स न देना फर्जीवारा करता आ रहा है। इस शख्स का नाम संतोष कुमार मिश्रा (पिता-आत्मजः राम ललित मिश्रा, सोनभद्र उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। संतोष कुमार मिश्रा फर्जी पुलिस की आई डी कार्ड बनाकर सोनभद्र में लोगो को गुमराह कर नौकरी के नाम मोटा रकम वसूल करके भागने की तैयारी में है। ये सोनभद्र या कहीं भी किसी भी टोल टैक्स पर पुलिस का फर्जी आई डी कार्ड दिखा कर निकल जाता है। इसका आई डी कार्ड "यू. पी. पुलिस इन्वेस्टिगेशन"* व "पब्लिक सर्विस कमीशन" के नाम पर बना हुआ है और बेखौफ जनपद सोनभद्र में ये घूम रहा है और लोगो को गुमराह कर रहा है। पैसे की लूट में इसकी लवर प्रिंसी भी इसका सा