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बेहाल हैं हिमाचल का सबसे पुराने  डिपो में शुमार बैजनाथ 

बेहाल हैं हिमाचल का सबसे पुराने  डिपो में शुमार बैजनाथ 



गौरव सूद 


लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 


धर्मशाला। प्रदेश के सबसे पुराने डिपो में शुमार बैजनाथ का हाल बेहाल है। जानकारी मिली है कि लोकडाउन के समय के बाद से अब तक बैजनाथ एच.आर.टी.सी. निगम डिपो में लगभग 100 के करीब बसें धूल फांक रही हैं। इनमें से कुछ बसें निगम डिपो में, कुछ बसें बस स्टैंड में तो कुछ बसें सड़कों किनारे या निजी जगहों पर पार्क हैं।


जानकारी मुताबि वर्तमान समय में बैजनाथ डिपो से मात्र 55 रूटों पर केवल 20 बसों को चलाया जा रहा है, जबकि लंबे रूटों पर फिल्हाल बसों को पिछले 6 माह से नहीं चलाया गया है। गौरतलब है कि कारोना प्रकोप से पूर्व बैजनाथ से चड़ीगढ़, अमृतसर, दिल्ली, हरिद्वार, लुधियाना, देहरादून सहित लगभग 20 रूटों पर बसों का चलाया जाता था, लेकिन आर्डर खुलने के बावजूद इन लंबे रूटों पर बसों के न चल पाने के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के भीतर बसों को चलाने के आदेश दे दिए गए हैं। कुलदीप ठाकुर ने बताया कि बैजनाथ से लगभग 55 रूट चलाएं जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2 रूट शिमला वाया मंडी व एक वाया सरकाघाट से चलाएं गए हैं, जबकि अन्य सभी रूट लोकल स्तर पर चल रहे हैं। सूत्रों से ये भी जानकारी मिली है कि जोगिंद्रनगर से अधिकत्तर रूट चले हुए हैं , जबकि बैजनाथ डिपो जोकि निगम की अच्छी खासी आय अर्जित करवाता था, यहां से रूटों को चलाने में अधिकारी कुछ खास रूचि नहीं दिखा रहें हैं। बैजनाथ निगम डिपो के आर.एम. कुलदीप ठाकुर ने बताया कि सरकार की ओर से लोंग रूटों को चलाने बारे अभी तक कोई आदेश नहीं मिले हैं, जैसे ही आदेश आएंगे, लोंग रूट बसों को बैजनाथ से शुरू करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिपो या अन्यजगहों पर खड़ी बसों को रूटीन वाईज चलाया जा रहा है व सुचारू रूप से बसों की नियमित जांच की जा रही है।


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