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लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया की स्टाइल में समझे बजट : सरकार कहा से सौ रूपये जुटाएगी और कहा को सौ रूपये लुटाएगी



जुटाना: १०० रूपये = ३६ रुपया (कर्ज) + १५ रूपये (जीएसटी ) + १४ रूपये (इनकम टैक्स )+ १३ रूपये (कॉर्पोरेट टैक्स ) + ८ रुपया (केंद्रीय उत्पाद शुल्क )+ ३ रुपया (सीमा शुल्क ) + ६ रुपया (अन्य स्रोतों से ) + ५ रुपया (एक्स्ट्रा पूंजीगत 
 
लुटाना : १०० रूपये = २० रूपये (कर्ज का ब्याज भरने में ) + १६ रूपये (टैक्स कमाई से राज्यों का हिस्सा) + १३ रूपये (केंद्रीय योजनाओ पर) + १० रूपये (वित्त आयोग और अन्य हस्तांतातरण ) + ९  रूपये (सब्सिडी पर) +९ रूपये  (केंद्रीय वित्तपोषित योजनाओ पर) + ८ रूपये (रक्षा क्षेत्र ) + ५ रूपये (पेंशन ) + १० रूपये (अन्य मदो पर )




विजय शुक्ल 
लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 
दिल्ली। लो भाई राष्ट्रवादी सरकार का बजट 2021 (Budget 2021) भी  आ गया. तमाम सेक्टर्स  को लेकर सरकार ने अपने मखमली कवर को उठा जनता के बीच रख भी दिया . सवाल है कि आखिर  हमारा वाला  आम बोले  तो लोकल आदमी इस बजट को अपनी लोकल स्टाइल में कैसे समझे?

 इस बात को लेकर हम यहां इस बजट को सौ रुपये के आधार पर समझने की कोशिश करते हैं.  सरकार ने इसके बारे में जानकारी दी है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, अगर बजट सौ  रुपये का है तो इस बार पेश किए गए बजट के मुताबिक, सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए पेश बजट के तहत सबसे ज्यादा 36 रूपये  धन कर्ज (Loan) और दूसरी देयताओं के जरिये जुटायेगी. जबकि सबसे ज्यादा 20 रूपये  खर्च सिर्फ ब्याज चुकाने में ही हो जाएगा. सोमवार को पेश बजट डॉक्यूमेंट में इसकी जानकारी दी गई है.

बजट में GST से 15 रूपये  आएंगे

खबर के मुताबिक, केंद्रीय बजट 2021-22 के संक्षेप में बताया गया कि सरकार को होने वाली प्राप्तियों को सौ  रुपया माना जाए, तो इसमें सबसे ज्यादा 36 रूपये  उधार और दूसरे देयताओं से हासिल होंगे. बजट में माल एवं सेवा कर (GST) से 15 रूपये , इनकम टैक्स से 14 रूपये , कॉर्पोरेट टैक्स से 13 रूपये , केंद्रीय उत्पाद शुल्क से आठ रूपये  और सीमा शुल्क से तीन रूपये  मिलेंगे. सरकार को टैक्स से इतर सोर्स से छह रूपये  और कर्ज के एक्स्ट्रा पूंजीगत प्राप्तियों से पांच रूपये  हासिल होंगे.


केंद्रीय योजनाओं पर 13 रूपये  खर्च होंगे

खबर के मुताबिक, इसी तरह बजट में प्रस्तावित कुल खर्च को सौ  रुपया माना जाए तो सबसे ज्यादा 20 रूपये  ब्याज भरने पर खर्च होंगे. इसके अलावा  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) के इस बजट भाषण से पता चलता है कि केंद्र सरकार राज्यों को टैक्स और शुल्कों में उनका हिस्सा प्रदान करने पर 16 रूपये  खर्च करेगी. केंद्रीय योजनाओं पर 13 रूपये  खर्च किये जाएंगे.

यह भी जाने क्या हैं  रक्षा, पेंशन मद का खर्च

इसी तरह वित्त आयोग और दूसरे हस्तांतरण के ऊपर सरकार को 10 रूपये  का खर्च आएगा. सरकार सब्सिडी प्रदान करने में नौ रूपये , केंद्र सरकार से वित्तपोषित योजनाओं पर नौ रूपये , रक्षा क्षेत्र पर आठ रूपये  और पेंशन देने में पांच रूपये  खर्च करेगी. बजट के हर सौ  रुपये का 10 रूपये  दूसरे मदों पर खर्च होगा.

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