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गुप्तकाशी में फटा बादल,चपेट में आई मैक्स में सवार सभी यात्री सुरक्षित

  लोकल साथी उत्तराखंड  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  गुप्तकाशी । कोरोना महामारी के बीच प्रदेश में आए दिन प्राकृतिक आपदा भी मुश्किलों का सबब बनी हुई है। बीते माह भारत चीन सीमा पर आईं आपदा के बाद आज गुप्तकांशी के पास बादल फटने की खबर है। मिली सूचना के आधार पर सोमवार सांय नरकोटा और सम्राट होटल के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऊपर पहाड़ी पर बादल फटने से अत्यधिक मलबा आ गया ।जिसकी चपेट में एक मैक्स वाहन संख्या UK07R7318 आ गया। वाहन में चालक सहित कुल ४सवारी मौजूद थीं जिनको स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया लेकिन वाहन मलबे के साथ बहकर नदी किनारे चला गया। सूचना पाकर मौके पर मौके पर पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग, कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, डीडीआरएफ की टीमें पहुंच चुकी थी। समाचार लिखे जाने तक जेसीबी लगाकर राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने एवं यातायात को सुचारू किए जाने का प्रयास किया जा रहा था।

खरौंधी पूर्व से रामकेश उरांव और पश्चिमी क्षेत्र से प्रहलाद गुप्ता को क्षेत्र पंचायत सदस्य तो निगाई से सपा समर्थित आनंद कुमार खरवार को जिला पंचायत सदस्य चुन जनता ने जताया भरोसा

सूर्य प्रकाश त्रिपाठी  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  खरौंधी। यूपी पंचायत चुनाव का परिणाम घोषित होने के साथ ही उम्मीदवारों के भाग्य और परिश्रम का फैसला बैलेट  बॉक्स से निकल आया। कोन ब्लॉक में मतगणना का कार्य आज दोपहर तक जारी रहा। परिणाम की प्रतीक्षा में उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ पूरी रात उत्सुकता के साथ मतगणना स्थल पर डटे रहे।        खरौंधी पंचायत से जहां 15 अलग - अलग वार्डो से विभिन्न उम्मीदवारों ने जीत हासिल की वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में खरौंधी पूर्व से रामकेश उरांव और पश्चिमी क्षेत्र से प्रहलाद गुप्ता ने अपने निकटम प्रतिद्वंदियों को मात देकर जीत का परचम लहराया।       जिला पंचायत क्षेत्र निगाई से सपा समर्थित उम्मीदवार आनंद कुमार खरवार ने अपने प्रतिद्वंदी जितेंद्र कुमार खरवार को लगभग 2000 मतों के अंतर से पीछे छोड़ते हुए जोरदार जीत हासिल किया। परिणाम को लेकर क्षेत्र में तरह - तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

यूपी से सटी सीमावर्ती मार्गो को जेसीबी से रास्ता खुदवा आवाजाही रोक रहा जिला प्रशासन

  गिरवानी से उतर प्रदेश भभनी मार्ग अरविन्द जायसवाल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  बलरामपुर , छत्तीसगढ़। कोरोना के बढ़ते हुए मामलो को देखते हुए भारत के कई राज्य तालाबंदी कर रहे हैं।  और लोगो को रोकने के लिए अलग अलग प्रयोग कर रहे हैं।  इसी के चलते बलरामपुर जिला में  रघुनाथनगर थाना छेत्र के अंतर्गत आने वाले उत्तर प्रदेश से सटे  सभी सीमावरतीय इलाकों से आवाजाही  को रोकने हेतु प्रशासन के द्वारा जेसीबी से सभी बाई पास रास्तों को खुदवाया  गया ताकि वहाँ से किसी भी प्रकार से दूसरे राज्य में आना जाना बंद किया जा सके।   अभी तक आपने सिर्फ हरियाणा में किसान आंदोलन में शिरकत कर रहे दिल्ली जाने वाले किसानो को लेकर ऐसी बाते सुनी थी अब उसी की तर्ज पर बलरामपुर जिला प्रशासन भी रास्ता खोदो अभियान में जुट गया हैं।  बड़ा सवाल यह हैं कि  इस तरह से राजकीय या राष्ट्रीय संपत्ति का नुक्सान करने की सोच और प्लानिंग जिला प्रशासनिक अधिकारी करते कैसे हैं ? और क्या राज्य सरकारों और छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल की यही योजना लॉक  डाउन  से निपटने की हैं।  एक तो पहले से यह सब मार्ग जर्जर अवस्था में हैं ऊपर से यह रास्ता खोदो अभियान ए

आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिकावको को दें राहत वरना इस्तीफा दे शिक्षा मंत्री:सुनील सेठी

निजी स्कूलों की फीस माफी की मांग लोकल साथी उत्तराखण्ड  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  हरिद्वार । महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुनील सेठी ने शिक्षा मंत्री से निजी स्कूलों की फीस पर अंकुश लगाने व अभिवावकों को राहत देने की मांग की है। सुनील सेठी ने कहा कि जैसे तैसे अभिवावकों ने 2020 में बंद स्कूलों की फीस जमा करवाई लेकिन अब हालात बहुत बुरे है व्यापार चौपट होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिकावको को अपने बच्चो की शिक्षा को लेकर चिंता सता रही है। सरकार द्वारा निजी स्कूलों की फीस माफी की मांग पिछले वर्ष से अभिवावक उठा रहे है लेकिन सरकार द्वारा कोई मदद नही दी गई जो कि सीधा सीधा निजी स्कूलों के दवाब में सरकार की हठकर्मिता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब भी अभिवावक स्कूलों की फीस माफी की मांग कर रहा है अगर सरकार वो नही कर सकती तो कम से कम जितने घण्टे ऑनलाइन क्लास चल रही है उस हिसाब से ही फीस निर्धारित करें। पिछले वर्ष भी निजी स्कूलों द्वारा अविभावकों का जमकर शोषण हुआ और टयूशन फीस के नाम पर  की पूरी फीस वसूली गई ।इसकी जानकारी के बाद भी सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई रही। उ

कनखल पुलिस ने चोरी छिपे रेत,बजरी ले जाते ट्रेक्टर ट्रोलियो को किया सीज

लोकल साथी उत्तराखंड  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  कनखल ।कोरोना संक्रमण के चलते जिले में लगे कर्फ्यू के चलते जहा सडको पर सन्नाटा पसरा हुआ है और प्रशासन हर नाके पर मुस्तैदी दिखा रहा है फिर भी कुछ लोग धड़ल्ले से अपने काम को अंजाम से रहे है।   इसी के मद्देनजर आज कनखल थाना पुलिस द्वारा चैकिंग के दौरान ग्राम जियापोता पंजनहेड़ी से चोरी छिपे रेत, बजरी ले जा रहे 03 ट्रेक्टर ट्रोलियो को पकड़ा । पूछताछ में उक्त ट्रेक्टर चालक खनन संबंधित कोई भी कागजात नही दिखा पाए। चलते पुलिस द्वारा खनन सम्बन्धित कागजात ना होने और ओवरलोडिंग के चलते ट्रेक्टर ट्रोलियो को सीजकर अग्रिम कार्यवाही की गई। पुलिस टीम में SHO कनखल कमल कुमार लुंठी, SSI राजेन्द्र सिंह रावत,इंचार्ज पु0चौ0 जगजीतपुर सत्येंद्र नेगी, का0 जयपाल सिंह मौजूद रहे।

कोरोना कर्फ्यू में नाई को दुकान खोलना पड़ा भारी

लोकल साथी उत्तराखंड  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  थाना सतपुली ।आम जन को कोविड संक्रमण  से बचाव के लिये जिलाधिकारी गढ़वाल द्वारा जनपद के नगर निगम, नगर पालिका,और नगर पंचायत क्षेत्र में दिनाक 3-05-21 से 06-05-21तक कोरोना कर्फ़्यू लगाया गया है जिसके अनुसार आवश्यक वस्तु की दुकानों को दोपहर 12 बजे तक खुलने और इस दौरान अन्य सभी प्रकार की  दुकानों को बंद करने के आदेश दिए गए है। जिसके तहत  एसएसपी पौड़ी पी रेणुका देवी द्वारा जनपद के सभी थाना प्रभारियों को कोरोना कर्फ्यू का कढ़ाई से  पालन कराने हेतु निर्देशित किया गया है।   वही आज बस स्टेंड सतपुली में   अतीक अहमद पुत्र यूसुफ निवासी ग्राम- रियासत शानपुर थाना - नजीमाबाद (जिला बिजनोर) हाल हिना हेयर ड्रेसर  सतपुली द्वारा कोरोना कर्फ्यू का पालन न करते हुए अपनी दुकान को खुला रखते हुए पाया गया जंहा पर लोगो की बाल काटने वालो की भीड़ लगी थी। जिस पर  कस्बे में  ड्यूटी रत का0 तेज सिंह द्वारा उक्त हेयर ड्रेसर के विरुद्ध थाने पर  कोरोना कर्फ़्यू का पालन न करने पर राष्ट्रीय आपदा अधिनियम की धारा 51(B) ओर धारा 188 भा0द0वि0 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिस पर कानूनी कार्य

चिकित्सको की नहीं कमी फिर भी स्वास्थ्य विभाग नहीं के रहा सेवाएं

  लोकल साथी उत्तराखंड  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  हरिद्वार । कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन को चिकित्सा संसाधनों व जरूरी सुविधाओं के अलावा चिकित्सकों की कमी से भी जूझना पड़ रहा है। जहां एक ओर कोरोना के मरीजों के लिए लगातार कोविड सेंटर बनाए जा रहे है वहीं बड़ा सवाल ये की क्या वहा चिकित्सा स्टाफ भी पर्याप्त है। यदि नहीं तो चिकित्सा जगत के पेशेवरों की सेवाएं क्यों नहीं ली जा रही हैं। जबकि अकेले हरिद्वार में ही दो बड़े मेडिकल कालेजों (ऋषिकुल एवं गुरुकुल आयुर्वेदिक कालेज) के सैकड़ों विशेषज्ञ शिक्षक, चिकित्सक मौजूद हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी खतरनाक लहर से निपटने मंें सरकार व जिला प्रशासन की कार्यशैली ही कारगर साबित होती है। यदि इच्छा शक्ति हो तो संसाधनविहीन भी सभी समस्याओं से निपटने में सक्षम हो जाता है। फिर ऐसे मंें संसाधन होने के बावजूद यदि उसका इस्तेमाल ना किया जाए तो ये अनुभवहीनता व इच्छाशक्ति की कमी को ही दर्शाता है। ऐसा ही कमोवेश हरिद्वार में इन दिनों देखा जा सकता है। जहां दो बड़े मेडिकल कालेज होने के बावजूद उनमें कार्यरत सैकड़ों चिकित्सक शिक्षकों, ट्रेनी चिकित्सक