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मई, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रमज़ान का पाक माह और पंडित का रोज़ा

  कहते है कि इस्लाम का सबसे बड़ा अहम् हिस्सा  पाक रमज़ान का माह होता है जिसमे मुस्लिम रोज़ा रखते है पूरे दिन लगभग बिना पानी पिए कुछ खाये वैसे ऐसे व्रत का तो हिन्दुओ में भी ढेरो सारा उदाहरण है पर लगातार पूरे माह किसी भी धर्म में ऐसा कठिनाई से पालन करने वाला जिसमे की लार तक निगली ना जाती हो वो सिर्फ रमज़ान के पाक महीने में रोज़ा है बहरहाल इस बार का रोज़ा कुछ ख़ास हुआ मेरे जीवन में।  कई कारणों से कई अलग अलग वजहों के कारण हमेशा मैं लगभग मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे व चर्च में जाता रहा हूँ तसल्ली हर जगह मिलती है एक जैसी ही जहां जाकर रूह नूरानी हो जाती है और आत्मा पाक।  इस बार मैंने रोज़ा रखने का मन बनाया हिम्मत करके पहले दिन का रोज़ा पूरा किया तो एहसास हुआ कि कैसी कठिनाईया रोज़ेदार रोजाना फेस करते होंगे अपने अपने कामो के साथ क्योकि ज्यादातर मुस्लिम या तो मैकेनिक है या अलग अलग कारीगरी के हुनर में लगे हुए है तो उनके  साथ साथ बिना खाये पिए रोज़ा एक कठिन ही है पर आज  दस दिन बीत गए और एक आदत सी बन गयी तो लग रहा है की ऊपर वाला रोज़ेदार को ताकत सही नीयत और अपने से लगा हुआ रखता है इस पाक माह में मुझे एक एहसास हुआ

रुद्राक्ष की गूढ़ व रोचक जानकारी

लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया     माना जाता है कि एक बार पृथ्वी पर त्रिपुर नामक एक भयंकर दैत्य उत्पन्न हुआ था । वह बहुत बलशाली और पराक्रमी था । देवताओंके लिये  उसे पराजित करना असंभव था ; तब ब्रह्मा, विष्णु और इन्द्र आदि देवता भगवान शिव की शरण में गए और उनसे रक्षा की प्रार्थना लगने लगे ।                                             भगवान शिव के पास अघोर नाम का एक दिव्य अस्त्र था । वह अस्त्र बहुत विशाल और तेजयुक्त था । उसे सम्पूर्ण देवताओं की आकृति माना जाता है । त्रिपुर का वध करने के उद्देश्य से शिव ने नेत्र बंद करके अघोर अस्त्र का चिंतन किया । अधिक समय तक नेत्र बंद रहने के कारण उनके नेत्रों से जल की कुछ बूंदें निकलकर भूमि पर गिर गईं । उन्हीं बूंदों से महान रुद्राक्ष के वृक्ष उत्पन्न हुए । फिर भगवान शिव की आज्ञा से उन वृक्षों पर जो फल लगे उनकी गुठलियों को रुद्राक्ष कहा गया । वैसे भी देखा जाये तो रुद्र का अर्थ शिव और अक्ष का आँख अथवा आत्मा है ।                                                                                   ये रुद्राक्ष अड़तीस प्रकार के कहे गये हैं । माना जाता है कि जो फल शिव

चुनावों के नतीजों को लेकर सेलेब्स ट्विटर पर दे रहे रिएक्शन

  लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती रुझानों में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है और फिर बीजेपी को बहुमत मिलता दिख रहा है। चुनावों के नतीजों को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चाओं का दौर जारी है। सेलिब्रिटीज भी चुनावों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर व्यक्त कर रहे हैं।  किसने क्या लिखा? रितेश देशमुख   रितेश देशमुख ने लिखा:  भारत ने फैसला दे दिया,लोकतंत्र का जश्न मनाना चाहिए, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इस ऐतिहासिक जीत की बधाई। अनुपम खेर अनुपम खेर ने मोदी की जीत की ओर इशारा करते हुए लिखा-आएगा तो... प्रजातंत्र के इस महोत्सव में आज भारत का भविष्य और भी उज्जवल होगा। जय हो।   चेतन भगत भारत ने अपना फैसला सुना दिया। लाउड और क्लियर #Electionsresults2019 कमाल राशिद खान कमाल राशिद खान ने लिखा-अगले 5 सालों के लिए खुद से ये 5 वादे करता हूं। 1) न्यूज चैनल नहीं देखूंगा। 2) राजनीति को लेकर ट्वीट नहीं करूंगा। 3) बीजेपी के खिलाफ कोई शब्द नहीं कहूंगा। 4) हर दिन कहूंगा कि अमित शाह और नरेंद्र मोदी राजनीति के बाप हैं।  5) किसी भी राजनीतिक ट्वीट को न पढूंगा औ

नये टिकटोक से लोकतंत्र के पुराने नायक का एक नायाब चेहरा

    चूंकि लोकतंत्र है बोलने की स्वाधीनता सब को है तो क्यों न लोकतंत्र के इस नए लोकतंत्र का फार्मूलेशन ठीक टिकटोक की तरह अपडेट क्यों न हो ।तो भैय्या जब बात हो नए टिकटोक से लोकतंत्र की तो भैय्या कनपुरिया बकैत की खुजली चालू हो जाती है।चूंकि इस बार का टिकटोक सा लोकतंत्र बहुत  प्रसिद्ध  हो गया इस बार ।आजकल घरन में सासबहू के नाटकन की जगह बस चुनाव की चर्चा करती रहती  है बस ।जो घर की लेडीजे एक मिनट को सास बहू को सीरियल को चैनल नही हटाती बेउ आज लोकतंत्र के नए टिकटोक के रेनुबल के पुराने कलाकर को नयो रुख देख रही थी। हां भैया बे ही जिन्हें लोगन ने चौकेदार तो चोर के नाम से प्रसिद्ध करो तो। भैया कछु होए घर की लेडीज के सीरियल छुड़वायदे,आज के लड़कन को राजनीति के बारे चर्चा करवो सिखाय देओ।चाहे उनकी हालत टिकटोक के प्लॉप कलाकर तरह होए लेकिन व्हाट्सअप फ़ेसबुक यूनिवर्सिटी से ,पीचडी,करवे के बाद ससुरे अपने आप को सबसे बडा ज्ञाता समझना लगे है।चुकी टिकटोक के नए फीचर जैसा ई लोकतंत्र भी लोगन में अपनी छाप छोड़ रहो है आगे देखो। जाको जो पुराने हीरो है उनको नव अवतार जरूर लोगो को भौचक्कों कर रो है। वैसे टिकटोक जैसे ल

ये ढाई किलो का हाथ अब और भी भारी, सनी देओल की विजयी सियासी शुरुआत

जपा के प्रत्‍याशी और बॉलीवुड स्‍टार सनी देयाेल लोकसभा चुनाव की मतगणना में बड़ी बढ़त से बेहद उत्‍साहित हैं। सनी देयोल के कहा कि बहुत खुश हूं। जनता ने ढाई किलो के हाथ को और भारी कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हक में रूझान आने से खुश हूं। सनी देयोल को बढ़त के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ले जश्‍न मनाना शुरू कर दिया। गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र में सनी का ढाई किलो का हाथ कांग्रेस पर  भारी पड़ा है। इस सीट से जीत दर्ज कर बॉलीवुड स्‍टार सनी देयोल ने अपने सियासी कैरियर की विजयी शुरूआत करेंगे। भाजपा प्रत्‍याशी सनी ने कांग्रेस के दिग्‍गज नेता सुनील जाखड़ को बहुत पीछे छोड  दिया है। सुनील जाखड़ पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष हैं और पिछले साल हुए इस सीट के लिए हुए उपचुनाव में जाखड़ भारी मतों से विजयी हुए थे, लेकिन सनी देयाेल की फिल्‍मी चमक में वह फीेके पड़ते दिख रहे हैं। सनी देयोल की इस जीत से भाजपा ने अपने गढ़ पर फिर कब्‍जा कर लिया है। इसके साथ ही सनी ने मरहूम विनोद खन्ना की गुरदासपुर की विरासत को संभाल लिया है। सनी ने लोकसभा चुनाव के समय ही भाजपा में शामिल हुए थे और पार्टी ने उनको गुरदासपुर से प्रत्

जो देश के पिछले 67 साल में नहीं हुआ क्या अब मोदी के नेतृत्व में होगा

  लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. रुझानों से एक बात तय हो गई है कि केंद्र में बीजेपी एक बार फिर से अपनी सरकार बनाती दिख रही है. कांग्रेस तमाम प्रयासों के बावजूद भी सफल होती नहीं दिख रही है. कई बड़े गढ़ में वह हारती दिख रही है. बीजेपी अब देश के इतिहास में पहली गैर कांग्रेस पार्टी है, जो लगातार दूसरी बार अपने बहुमत के आधार पर सरकार बनाने जा रही है.                                 इससे पहले देश के 67 साल के चुनावी इतिहास में ये कभी नहीं हुआ, जब किसी गैर कांग्रेसी सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद वापसी की हो. देश में पहली बार 1952 में चुनाव हुए थे, उसके बाद अब तक लोकसभा चुनाव 2019 को मिलाकर 17 चुनाव हुए हैं. तब से लेकर अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ जब कोई गैर कांग्रेसी सरकार आई हो और उसने पांच साल पूरा करने के बाद सत्ता में वापसी की हो. लेकिन 2019 में ये इतिहास पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी बदलने जा रही है. अब तक मिले रुझानों के आधार पर ये कहा जा रहा है कि बीजेपी फिर से अपने दम पर सत्ता पर कब्जा जमाने जा रही है. पहली बार केंद्र में 10 साल के लिए सत्ता से बाहर होगी कांग