सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

रमज़ान का पाक माह और पंडित का रोज़ा


 


कहते है कि इस्लाम का सबसे बड़ा अहम् हिस्सा  पाक रमज़ान का माह होता है जिसमे मुस्लिम रोज़ा रखते है पूरे दिन लगभग बिना पानी पिए कुछ खाये वैसे ऐसे व्रत का तो हिन्दुओ में भी ढेरो सारा उदाहरण है पर लगातार पूरे माह किसी भी धर्म में ऐसा कठिनाई से पालन करने वाला जिसमे की लार तक निगली ना जाती हो वो सिर्फ रमज़ान के पाक महीने में रोज़ा है बहरहाल इस बार का रोज़ा कुछ ख़ास हुआ मेरे जीवन में।  कई कारणों से कई अलग अलग वजहों के कारण हमेशा मैं लगभग मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे व चर्च में जाता रहा हूँ तसल्ली हर जगह मिलती है एक जैसी ही जहां जाकर रूह नूरानी हो जाती है और आत्मा पाक।  इस बार मैंने रोज़ा रखने का मन बनाया हिम्मत करके पहले दिन का रोज़ा पूरा किया तो एहसास हुआ कि कैसी कठिनाईया रोज़ेदार रोजाना फेस करते होंगे अपने अपने कामो के साथ क्योकि ज्यादातर मुस्लिम या तो मैकेनिक है या अलग अलग कारीगरी के हुनर में लगे हुए है तो उनके  साथ साथ बिना खाये पिए रोज़ा एक कठिन ही है पर आज  दस दिन बीत गए और एक आदत सी बन गयी तो लग रहा है की ऊपर वाला रोज़ेदार को ताकत सही नीयत और अपने से लगा हुआ रखता है इस पाक माह में मुझे एक एहसास हुआ की मैं एक  शुकून की दुनिया में हूँ और ऊपर वाला मेरे पूरे खास रहमत बख्श रहा है पर जब लोगो का रिएक्शन देखा की एक पंडित ने रोज़ा रखा है तो मुझे अजीब सा लगा कि  क्या ईश्वर की इबादत करना धर्म परिवर्तन है क्या लोगो की सोच इतनी संकुचित हो गयी है कि  आज भगवान् के मजहबी तरीके से उनको तोला जा रहा है।  इस्लाम , हिंदुत्व क्रिस्टियन आज अपनी अपनी अलग अलग पैमाइशो में फंसकर शायद तबाही की तरफ ले जा रहे है जबकि सबकी दुनिया में ऊपर वाले ने अमन और शांति और लोगो की सेवा भाव का ही सन्देश दिया था। फिलहाल आज मैं मौज में हूँ एक पाक अनुभूति के साथ इस इबादत का मतलब भी साफ़ समझ आता है की धर्मगुरुओ ने क्यों इतने कठिन तरीके का पूरा माह रमज़ान का रोज़ा वाला तय किया  होगा पानी की बचत का शायद यह सबसे नायाब तरीका था और कारगर भी। 
मैं शुक्रगुजार हूँ उपरवाले का कि  मुझे इतना हौसला दे रखा है कि  मैं उसकी खिदमत में कुछ अपना वक़्त दे पा रहा हूँ बस वो मुझे मेरे बुरे कर्मो से मुक्ति दे और सबका कल्याण करे मैं तो उसका हूँ ही सो मुझे क्या फिक्र। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सनकी युवक ने धारदार हथियार से किया एक बेजुबान गौ वंश की हत्या : गिरफ्तार

  अरबिंद गुप्ता  लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया  बीजपुर /सोनभद्र.  मामला थाना क्षेत्र बिजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बघाडू के टोला पर्वबतवा का है जहां एक युवक ने मानवता को शर्मसार करते हुए बेजुबान गौ वंश के साथ क्रूरता भरी कारनामे को अंजाम दिया है। पुत्र के इस कारनामे से नाराज पिता बिहारी लाल ने पुलिस को तहरीर दे कर बताया कि उनका 28 वर्षीय पुत्र रामजियावन जंगल से एक लावारिस बछिया पकड़ कर घर लाया और धारदार हथियार से काट कर शव को ठिकाने लगा दिया। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक और उनके नेतृत्व में गठित टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौका मुआयना कर जाँच पड़ताल शुरू कर दिए आरोपी की तलाश जारी थी कि इसी दौरान आरोपी रामजियावन मौका देख कहीं भागने की फिराक में चौक चौराहे का चक्कर काट रहा था कि अचानक पुलिस की नजर पड़ गई और सक्रिय पुलिस के जवानों ने बगैर देर किए युवक को धर दबोचा और पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार किया और बछिया की हत्या में उपयोग किए गए विभिन्न वस्तुओं को भी छिपा कर रखा था अभियुक्त की निशानदेही पर धारदार हथियार जैसे कुल्हाड़ी और नरकुल की रस्सी भी बरामद कर ली गयी। पुलिस ने...

रोहित–त्रिशला : कोसी तट, हिमालय की पवित्र वेदी और वैदिक परिणय

  प्रिया बिष्ट  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  गर्जिया, ढिकुली. उत्तराखंड के रामनगर स्थित ढिकुली क्षेत्र में कोसी नदी के शांत तट पर डॉ. रोहित कटारिया और डॉ. त्रिशला परिहार का विवाह प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता के संतुलित संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। हिमालय की हरित शृंखलाओं की पृष्ठभूमि और कोसी के निरंतर प्रवाह के बीच आयोजित यह डेस्टिनेशन वेडिंग अपने वैदिक स्वरूप और सादगीपूर्ण आयोजन के कारण विशेष रहा। डॉ. त्रिशला परिहार स्वर्गीय श्रीमती पी.के. देवी एवं श्री रामाधार सिंह की पौत्री तथा श्रीमती सीमा सिंह और प्रो. अनिल कुमार सिंह की सुपुत्री हैं। उन्होंने एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में एचआईएमएसआर, दिल्ली से एमडी (सामुदायिक चिकित्सा) की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. रोहित कटारिया स्वर्गीय श्रीमती कमला देवी एवं श्री दौलत राम के पौत्र तथा श्रीमती मुकेश लता और श्री रमेश कटारिया, गुरुग्राम के सुपुत्र हैं। उन्होंने वीएमएमसी से एमबीबीएस और एमडी (रेडियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त की है तथा एम्स ऋषिकेश से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में पीजीडी किया है। विवाह समारोह कोसी नदी के तट पर स्थित कॉर्बेट ह...

पचास साल में कैसा रहा हिमाचल की लाइफलाइन HRTC का सफ़र

1974 से लेकर 2024 तक HRTC का सफ़र उप मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी के संग्रहालय एवं वाल ऑफ हॉनर का किया शुभारंभ स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर निगम द्वारा 12 अक्टूबर को भव्य समारोह का होगा आयोजन गब्बर सिंह वैदिक Local Newsofindia उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज हिमाचल पथ परिवहन निगम के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर पुराना बस अड्डा शिमला में स्थित हिमाचल पथ परिवहन निगम के मुख्य कार्यालय में निर्मित संग्रहालय एवं वाल ऑफ हॉनर का लोकार्पण किया। इस अवसर उन्होंने कहा कि वाल ऑफ हॉनर के माध्यम से हम यहाँ पर हिमाचल पथ परिवहन निगम के सफर को जान सकेंगे। उन्होंने बताया कि 1974 से लेकर अब तक के फैसलों एवं अवार्ड्स अंकित किया गया है। इसके साथ-साथ हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के मॉडल को भी अलग अलग स्थानों पर दर्शाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश को निगम के 50 वर्ष पूर्ण होने पर गर्व होना चाहिए। निगम की बसों की सेवाएं दुर्गम क्षेत्रों तक है और लोगों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचती है। हमारे बसों के ड्राइवर सबसे अचे अनुभवी है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर निगम द्वारा...