लक्ष्मी शर्मा लोकल न्यूज ऑफ इंडिया भुवनेश्वर । जाजपुर जिले के दशरथपुर और बिंझारपुर क्षेत्र की मूल निवासी तथा ओड़िशा के एक प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालय में वरिष्ठ पद पर कार्यरत काव्या प्रिया ढाल ने हाल की बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों की मदद के साथ सरकारी स्कूलों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की पहल की हैं । बाढ़ के दौरान जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने पर उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई । इसके बाद उन्होंने दीर्घकालिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए दशरथपुर और बिंझारपुर के सरकारी स्कूलों में जल शुद्धीकरण टैंक लगवाए हैंं । इससे विद्यार्थियों को स्कूल समय में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा । हाल ही में ओड़िशा में आई बाढ़ के दौरान जलजमाव और जनजीवन प्रभावित होने से कई परिवारों को आवश्यक वस्तुओं की परेशानी का सामना करना पड़ा । ऐसे में काव्या प्रिया ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर सहयोग किया । उनके अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य किसी राजनीतिक या औपचारिक अभियान के रूप में प्रचार करना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के लोगो...
सावन बरवाल की रफ्तार ने रचा इतिहास, मैराथन में भारत को 44 साल बाद मिला पदक पहाड़ की पगडंडियों से एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचा हिमाचल का सितारा रघुबीर सिंह राणा लोकल न्यूज ऑफ इंडिया मंडी/जोगिंद्रनगर। कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके हौसलों में उड़ान होती है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के छोटे से क्षेत्र *जोगिंद्रनगर* के बेटे *सावन बरवाल* ने अपनी मेहनत, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति से इस कहावत को सच कर दिखाया है। एशियन गेम्स 2026 में पुरुष मैराथन स्पर्धा में सावन बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए *रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया।* उनकी इस उपलब्धि ने न केवल भारत का मान बढ़ाया, बल्कि हिमाचल प्रदेश को भी अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। *42.195 किलोमीटर की इस कठिन दौड़* में सावन ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास और संयम का परिचय दिया। दुनिया के बेहतरीन धावकों के बीच उन्होंने अपनी गति, धैर्य और मानसिक मजबूती के दम पर दूसरा स्थान हासिल किया। *44 साल का इंतजार खत्म, मैराथन में भारत को गौरव* सावन बरवाल की यह उपलब्धि इसलिए भ...