शैलजा भाटिया आखिर कितनी और घटनाओं के बाद गुरुग्राम में नागरिकों की सुरक्षा को किसी घटना के बाद की जाने वाली कार्रवाई के बजाय एक मजबूत व्यवस्था का हिस्सा माना जाएगा? गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइक सवार का कथित रूप से पीछा कर उसे टक्कर मारने की घटना और पार्किंग विवाद में एक कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक के साथ कथित मारपीट ने एक बार फिर गुरुग्राम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी और कानून को अपना काम करना चाहिए। लेकिन इन घटनाओं ने एक बड़ा सवाल हमारे सामने रख दिया है—क्या गुरुग्राम के नागरिक वास्तव में अपने शहर में सुरक्षित महसूस करते हैं? गुरुग्राम में सड़क पर गुस्सा, तेज और लापरवाही से वाहन चलाना, सार्वजनिक स्थानों पर झगड़े और मारपीट, महिलाओं की सुरक्षा तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं कोई नई बात नहीं हैं। वर्षों से ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। हर बार घटना के बाद आक्रोश होता है, प्राथमिकी दर्ज होती है, कार्रवाई के आश्वासन दिए जाते हैं और कुछ समय बाद मामला शांत हो जाता है। आखिर यह सिलसिला कब खत्म होगा? सवाल यह नह...
धर्मबीर भांगरौला वरिष्ठ उप महापौर, अनूप सिंह भांभू उप महापौर निर्वाचित; सर्वसम्मति के पीछे संगठन, समाज और सत्ता के संतुलन का सधा संदेश डॉ विजय शुक्ल लोकल न्यूज ऑफ इंडिया गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम में धर्मबीर भांगरौला का वरिष्ठ उप महापौर और अनूप सिंह भांभू का उप महापौर निर्वाचित होना सामान्य स्थानीय निकाय चुनाव भर नहीं है। दोनों का सर्वसम्मति से चुना जाना उस राजनीतिक बिसात की तरफ इशारा करता है, जिसमें भाजपा ने पद से ज्यादा सामाजिक संदेश साधने की कोशिश की है। और इस बिसात के बीच प्रदेश महामंत्री वेद फुल्ला की मौजूदगी इसे और दिलचस्प बना देती है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा पर्यवेक्षक तथा वेद फुल्ला और गुरुग्राम जिला प्रभारी संदीप जोशी सह-पर्यवेक्षक थे। मतदान की नौबत आए बिना वार्ड 28 के पार्षद एवं भाजपा एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष धर्मबीर भांगरौला और वार्ड 25 के पार्षद अनूप सिंह भांभू के नाम पर सहमति बन गई। राजनीति में कई बार मुकाबला जीतने से ज्यादा महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले सहमति बना लेना होता है। यहीं वेद फुल्ला का राजनीतिक कद पद से आगे दिखाई देता है।फुल्ला उन नेताओं में...