l महिला दिवस पर शैलजा भाटिया के कार्यालय का सांसद कुमारी शैलजा ने कराया शुभ प्रवेश गुरुग्राम, 8 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को गुरुग्राम के धानकोट स्थित बरात घर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुग्राम महिला कांग्रेस अध्यक्ष शैलजा भाटिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला कार्यालय का उद्घाटन किया गया। कार्यालय का विधिवत उद्घाटन सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा ने किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव सुश्री सुभाषिनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती पर्ल चौधरी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं और पूरा सभागार खचाखच भरा रहा। इस अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए कई सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिलाओं के लिए नि:शुल्क नेत्र जांच, दंत चिकित्सा जांच और स्वास्थ्य परामर्श शिविर लगाए गए, जिनका बड़ी संख्या में महिलाओं ने लाभ उठाया। इ...
प्रोफेसर सकलानी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति का प्रयोग — एनसीईआरटी गढ़ रही भारत के भविष्य की पाठशाला
डॉ विजय शुक्ल लोकल न्यूज ऑफ इंडिया नई दिल्ली . स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही भारत ने केवल औपनिवेशिक शासन से मुक्ति ही नहीं पाई थी, बल्कि अपने अतीत को समझने और उसे नई पीढ़ियों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी अपने हाथों में ली थी। यह जिम्मेदारी शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से पूरी की जानी थी और शिक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम बनीं इतिहास की पाठ्य पुस्तकें। लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि स्वतंत्रता के बाद लिखे गए इतिहास में कई ऐसे पहलू रहे जिन पर अपेक्षित गहराई से चर्चा नहीं हो पाई। कई घटनाएँ और प्रसंग या तो सीमित रूप में सामने आए या उन्हें एक विशेष दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया। इसी कारण समय-समय पर इतिहास लेखन को लेकर यह प्रश्न उठता रहा कि क्या हमारी पाठ्य पुस्तकें भारत के अतीत की पूरी कहानी कह पाती हैं या नहीं। भारत का इतिहास केवल राजाओं, युद्धों और सत्ता परिवर्तन की घटनाओं का क्रम नहीं है। यह एक ऐसी सभ्यता की कहानी है जिसकी जड़ें हजारों वर्षों में फैली हुई हैं। वेदों, उपनिषदों, बौद्ध दर्शन, जैन परंपरा, भक्ति आंदोलन और असंख्य सांस्कृतिक धाराओं से निर्मित इस देश की पहचान केवल राजनीतिक घटना...