यूपी में अफसरशाही पर बढ़ते सवाल, जनसुनवाई और आईजीआरएस की व्यवस्था पर उठ रही उंगलियां। व्योमेंद्र कुमार सिंह लोकल न्यूज ऑफ इंडिया लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, शासन-प्रशासन की कार्यशैली भी राजनीतिक चर्चा का अहम मुद्दा बनती जा रही है। सरकार की ओर से जनसुनवाई और आईजीआरएस को आम आदमी की शिकायतों के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया जाता है। आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति देखने, समयसीमा पार होने पर अनुस्मारक भेजने और निस्तारण पर फीडबैक देने की व्यवस्था मौजूद है। लेकिन सवाल उस समय खड़ा होता है जब ऑनलाइन निस्तारण और जमीन पर वास्तविक समाधान के बीच दूरी दिखाई देने लगे। 2026 में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही के मामले सामने आए हैं। आगरा में शिकायतों के कथित फर्जी निस्तारण और खराब फीडबैक पर मंडलायुक्त ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और शिकायतकर्ता से बात किए बिना निस्तारण न करने के निर्देश दिए। लखनऊ में भी नगर निगम से जुड़ी शिकायतों के मामले में करीब 25 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिए...
श्री हरिदास आविर्भाव महोत्सव में जुटे श्रद्धालु, लक्ष्मी नारायण चौधरी और महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज की रही उपस्थिति
नरेंद्र सिंह लोकल न्यूज ऑफ इंडिया वृंदावन। श्री हरिदास जी के आविर्भाव महोत्सव के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महोत्सव में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और अध्यात्म गुरु महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में संत परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन का संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री हरिदास जी की भक्ति परंपरा को नमन करते हुए धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-कीर्तन में सहभागिता की। महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि संतों की वाणी और उनकी साधना समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का मार्ग दिखाती है। भारतीय संत परंपरा ने सदैव मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया है। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। श्री हरिदास जी की भक्ति और साधना समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। महोत्सव के दौरान संतों के प्रवचन, धार्मिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रह...