सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Featured Post

देवभूमि कुल्लू में 3 मई को उमड़ेगा आस्था का सैलाब: सतगुरु माता सुदीक्षा जी के प्रवचनों से गूंजेगी आध्यात्मिक चेतना

  आक़िल खान  लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया  हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी कुल्लू एक बार फिर भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगने जा रही है। 3 मई को यहां एक विशाल आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सतगुरु माता सुदीक्षा जी अपने अमृतमय प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन के गूढ़ सत्य से अवगत कराएंगी। इस विशेष अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के कई हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिससे कुल्लू की वादियां भक्ति रस में डूबी नजर आएंगी।सतगुरु माता सुदीक्षा जी अपने सरल, सहज और प्रभावशाली प्रवचनों के लिए जानी जाती हैं। उनके संदेशों में आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ मानवता, प्रेम, करुणा और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। वे अपने विचारों के माध्यम से यह बताती हैं कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और परमात्मा से जुड़ाव में निहित है। उनके प्रवचन जीवन की जटिलताओं को सरल भाषा में समझाकर लोगों को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा
हाल की पोस्ट

राजभर की रैली में उमड़ा भारी जनसैलाब, पीडीए के दावे पर सवाल

  विजय शुक्ल लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  वाराणसी। पिंडरा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित सामाजिक समरसता रैली में उमड़े भारी जनसैलाब ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।  सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर और राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर के नेतृत्व में आयोजित इस रैली ने न केवल सामाजिक एकता का संदेश दिया, बल्कि मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को भी चुनौती देने का संकेत दिया। रैली में विभिन्न जातियों और समुदायों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। इस भीड़ को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव द्वारा प्रचारित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का समीकरण यहां अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सका। रैली का संख्याबल इस बात की ओर इशारा करता दिखा कि जमीनी स्तर पर सामाजिक समीकरणों में बदलाव की संभावनाएं बन रही हैं। अपने संबोधन में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति से ऊपर उठकर समरसता और सहयोग की दिशा में काम करना ही समय की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ...

भाजपा के किले में सामाजिक घुसपैठ !

डॉ विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय जो बदलाव दिख रहा है, वह सामान्य चुनावी हलचल नहीं है, बल्कि सत्ता के सामाजिक आधार पर सीधा हमला है। अखिलेश यादव अब केवल भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी उस केमिस्ट्री के खिलाफ खड़े हैं जिसने पिछले एक दशक में उसे मजबूत और स्थिर बनाया। यह केमिस्ट्री भाषणों या नारों से नहीं बनी, बल्कि छोटे-छोटे सामाजिक समूहों को जोड़कर तैयार की गई एक ठोस संरचना है, जिसे अब समाजवादी पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने गैर-यादव ओबीसी समाज को अलग-अलग हिस्सों में संगठित करके उसे राजनीतिक ताकत में बदला। राजभर, निषाद और कुर्मी जैसे समुदायों को उनके अपने-अपने नेताओं के जरिए प्रतिनिधित्व दिया गया और उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि वे सत्ता में हिस्सेदार हैं। यही कारण है कि इन जातियों का झुकाव भाजपा की ओर स्थिर बना रहा। लेकिन अब अखिलेश यादव इसी स्थिरता को अस्थिर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने जिस तरह महिला नेतृत्व को सामने रखकर पीडीए की नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश की है, वह केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं है। सीमा राजभ...

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस का स्पष्ट रुख – तत्काल लागू करने की मांग

प्रिया बिष्ट  लोकल न्यूज़ ऑफ इंडिया  गुरुग्राम   जिला ग्रामीण महिला कांग्रेस की अध्यक्ष  शैलजा भाटिया द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संविधान का 106वां संशोधन) पर कांग्रेस का स्पष्ट पक्ष रखा गया। इस अवसर पर महिला जिला अध्यक्ष (शहरी)  पूजा शर्मा, कुसुम शर्मा एवं शर्मिला सहित महिला कांग्रेस की अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहीं। शैलजा भाटिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित होकर कानून बन चुका है, इसलिए इसमें किसी प्रकार का विरोध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस कानून के पक्ष में रही है और महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए निरंतर प्रयासरत रही है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने इस कानून को लागू करने के बजाय इसे जातीय जनगणना और परिसीमन से जोड़कर 2029 तक टाल दिया। यदि सरकार की मंशा साफ होती, तो 2024 के चुनाव में ही 543 लोकसभा सीटों पर सीधे 33% महिला आरक्षण लागू किया जा सकता था। भाटिया ने आरोप लगाया कि परिसीमन के बहाने ...

भारतीय खेल जगत के लिए गौरव का क्षण — डॉ. अमिताभ शर्मा को स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी की उपाधि

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  दिल्ली. भारतीय खेल जगत के लिए यह एक गर्व का क्षण है कि डॉ. अमिताभ शर्मा को अमेरिका के प्रतिष्ठित मैरीलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की गई है। यह उपलब्धि उनके अथक परिश्रम, दूरदर्शी नेतृत्व और खेल क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रमाण है। डॉ. शर्मा ने अपने करियर के दौरान खेलों के विकास और प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी यह शैक्षणिक उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि भारतीय खेल प्रणाली को नई दिशा देने की उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। खेल प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विषय में पीएचडी हासिल कर उन्होंने यह साबित किया है कि भारतीय प्रतिभाएं वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं। उनकी यह सफलता देशभर के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रशासकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. अमिताभ शर्मा की यह उपलब्धि आने वाले समय में भारतीय खेलों के विकास में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण प्रदान करेगी। उम्मीद की जा रही है कि उनके अनुभव और ज्ञान से देश में खेलों का स्तर और अधिक सुद...

​'कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता त्रस्त': पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने सरकार को घेरा।

​रघुबीर सिंह राणा  लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया। मजदूरों की छंटनी, एलपीजी चालान और सब्सिडी बंद करने को लेकर कांग्रेस सरकार पर बरसे रवि ठाकुर। ​केलांग - पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण जनजातीय क्षेत्र सहित प्रदेश की आम जनता गहरी चिंता और संकट में है। ​मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट ​रवि ठाकुर ने विशेष रूप से स्पीति उपमंडल की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग में मस्टररोल पर कार्यरत सैकड़ों स्थानीय मजदूरों को बिना किसी ठोस कारण के अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। ठाकुर ने कहा कि इस अचानक लिए गए फैसले ने इन परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार किया है, जिससे सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं। ​ग्रामीण जीवन पर 'अव्यावहारिक' फैसले ​लाहौल में एलपीजी (LPG) के इस्तेमाल को लेकर हो रही कार्रवाई पर भी भाजपा नेता ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि खेतों और खलिहानों में खाना पकाने के लिए एलपीजी के इस्तेमाल पर चालान काटना ...

महिलाओं के 33% आरक्षण का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण : महेश आज़ाद

  कालांवाली (पवनशर्मा) लोकल न्यूज ऑफ इंडिया महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए #नारी_शक्ति_वंदन_अधिनियम के लिए आवश्यक संविधान संशोधन बिल का कांग्रेस पार्टी ,तृणमूल कांग्रेस, डी एम के तथा समाजवादी पार्टी द्वारा विरोध करना अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। जारी एक बयान में महेश आज़ाद, मंडल महामंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए लाया गया यह ऐतिहासिक कदम नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे समय में विपक्षी दलों द्वारा इस महत्वपूर्ण बिल का विरोध करना उनकी महिला-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना समय की मांग है। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का यह निर्णय देश की मातृशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। महेश आज़ाद, मंडल महामंत्री ने आगे कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वाले इन विपक्षी दलों को देश की जागरूक मातृशक्ति आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके ...