लोकल न्यूज ऑफ इंडिया नई दिल्ली / रायपुर। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय DISHA (District Development Coordination and Monitoring Committee) समिति में रायपुर के ज़ीशान सिद्दीकी को सदस्य नामित किया है। इस संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय के DISHA डिवीजन द्वारा आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, ज़ीशान सिद्दीकी को राज्य स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि नामित सदस्यों को समिति की बैठकों में आमंत्रित किया जाएगा तथा राज्य में केंद्र सरकार की विकास योजनाओं की निगरानी एवं समन्वय से जुड़े विषयों पर उनकी सहभागिता रहेगी। ज़ीशान सिद्दीकी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा, रायपुर जिला अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति के बाद राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे रायपुर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने कहा कि ज़ीशान सिद्दीकी लंबे समय से सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक...
डॉ मो अमीन पूर्व संयुक्त निदेशक, भारतीय चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल के हालिया चुनाव परिणामों ने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र की उस जटिल सच्चाई को सामने ला दिया है, जिसे अक्सर राजनीतिक शोर में दबा दिया जाता है। चुनाव केवल वोट गिनने की प्रक्रिया नहीं होते, वे समाज की मनःस्थिति, जनता की अपेक्षाओं, राजनीतिक संगठनों की पकड़, प्रशासनिक विश्वास और समय के साथ बदलती जनभावनाओं का सम्मिलित परिणाम होते हैं। लेकिन आज के दौर में हर हार और हर जीत को किसी एक तकनीकी कारण से जोड़ देने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। बंगाल चुनाव के बाद भी कुछ ऐसा ही दिखाई दिया, जब पूरा विमर्श SIR यानी “Special Intensive Revision” और चुनाव आयोग की भूमिका के इर्द-गिर्द सिमटता नजर आया। यह सच है कि मतदाता सूची की समीक्षा, प्रशासनिक निर्णय, अधिकारियों के तबादले और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठे। यह भी सच है कि मतगणना से पहले का माहौल सामान्य लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा से अधिक तनावपूर्ण था। लेकिन क्या किसी चुनाव परिणाम को केवल इसी एक पहलू से समझा जा सकता है? शायद नहीं। लोकतंत्र में जनता का निर्णय अचानक नहीं बदलता। उसके प...