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संस्कृति विश्वविद्यालय वेबिनार : समस्या से मुक्ति, समस्या को हल करने से हीः अरुणाचलम

संस्कृति विश्वविद्यालय वेबिनार :

समस्या से मुक्ति, समस्या को हल करने से हीः अरुणाचलम

 


रिटायर्ड लेफ्टिनेंट बच्चू सिंह 

लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आर्गेनाइजेशन एक्सपेटेशनः टूल्स आफ सेल्फ डवलपमेंट विषय को लेकर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार के मुख्य वक्ता थे आईएफबी आटोमोटिव्स लिमिटेड के प्लांट हेड, एस अरुणाचलम। उन्होंने वेबिनार में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी समस्या से भागना भी समाधान से दूरी को बढ़ाता है। समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका इसे हल करना है। 

वेबिनार का संचालन जूम एप के माध्यम से किया गया और इसका यू ट्यूब पर अंतर्राष्ट्रीय प्रसारण किया गया। दक्षिण के जाने माने विशेषज्ञ अरुणाचलम ने वेबिनार में सम्मलित विद्यार्थियों और शिक्षकों को उन बुनियादी अपेक्षाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जो कोई भी संस्थान अपने कर्मचारियों से करता है। उन्होंने संस्थान और कर्मचारी के बीच के संबंधों पर भी प्रकाश डाला। इस संबंध में उन्होंने जापान के फाइव एस सिस्टम की जानकारी देते हुए बताया कि इसका क्या मतलब है और इस सफलतापूर्वक कैसे लागू किया जाता है। उन्होंने कोविड-19 के संदर्भ में इसमें वृद्धि करत हुए 6 एस सिस्टम भी इजाद किया। 

ज्ञात रहे कि फाइव एस एक कार्यस्थल संगठन विधि है जो पाँच जापानी शब्दों की एक सूची है। जापानी भाषा में ये सेरी, सीतोन, सीस, सीकेत्सु और शितुस्के बोले जाते हैं। हिंदी में इनको चयन, क्रमानुसार व्यवस्थित करना, प्रकाश में लाना, मानकीकृत और स्थायित्व कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सूची बताती है कि किस तरह इस्तेमाल की गई वस्तुओं की पहचान और भंडारण,  क्षेत्र और वस्तुओं को बनाए रखने और नए आदेश को बनाए रखने के लिए दक्षता और प्रभावशीलता के लिए एक कार्य स्थान को व्यवस्थित करना है। निर्णय लेने की प्रक्रिया आमतौर पर मानकीकरण के बारे में एक संवाद से आती है, जो कर्मचारियों के बीच समझ पैदा करती है कि उन्हें काम कैसे करना चाहिए। उन्होंने पी.डी.सी.ए.( योजना-दर-जांच-कार्य) चक्र के बारे में भी बड़ी उपयोगी जानकारी दी।

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