सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आयुर्वेद का इस्तेमाल बचा सकता है कोरोना सेः डा.राजकुमार

आयुर्वेद का इस्तेमाल बचा सकता है कोरोना सेः डा.राजकुमार



  • संस्कृति आयुर्वेद कालेज ने आयोजित की महत्वपूर्ण वेबिनार



रिटायर्ड लेफ्टिनेंट बच्चू सिंह


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


मथुरा। संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल द्वारा आयोजित “इम्युनिटी बूस्टर एंड कोविड-19 प्रिंवेटिव मेसर्स फार चिल्डरन” विषयक सेमिनार में मुख्यवक्ता यूपी यूनिवर्सिटी आफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सैफईं इटावा के कुलपति प्रोफेसर (डा.) राजकुमार ने विश्व को झकझोरने वाली महामारी कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेद के प्रभावकारी इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आयुर्वेद में उल्लेखित ऐसी अनेक जड़ी बूटियां हैं जिनका इस्तेमाल कर लोग इस कोविड-19 के प्रकोप से अपना बचाव कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के माध्यम से शीघ्र ही विश्व कोरोना से मुक्त पाएगा। हमने इससे निपटने के लिए औषधि तैयार कर ली है, लगातार प्रशिक्षण चल रहे हैं। इस औषधि का नाम ‘राज निर्वाण’ बूटी दिया गया है।


सेमिनार में गेस्ट आफ आनर निदेशक उप्र आयुर्वेदिक सेवाएं ने कहा कि आज कोरोना महामारी से जूझने में आयुर्वेद एक बड़ी भूमिका निर्वाह कर रहा है। संस्कृति विवि के चेयरमैन और देश के सबसे युवा कुलाधिपति सचिन गुप्ता के नेतृत्व में संस्कृति आयुर्वेद कालेज बच्चों की इम्युनिटी में सरकार के कार्यक्रमों में विशेष सहयोग प्रदान कर सकता है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की आयुर्वेदिक सेवाओं द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसमें आयुष आपके द्वार, स्कूल हेल्थ प्रोग्राम, स्वर्ण पाशन्न संस्कार आदि हैं। इनके द्वारा आयुर्वेद के उपयोगी प्रयोग के प्रति लोगों को जागरूक तो किया ही जा रहा है, साथ ही साथ उनको स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं भी दी जा रही हैं। उन्होंने कहा की कोराना से बचाव के लिए आयुर्वेद की जड़ी-बूटियों से निर्मित काढ़ा वितरित किया जा रहा है। संस्कृति विवि द्वारा भी ग्रामीण क्षेत्र में आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार तैयार काढ़ा वितरित किया गया है। जहां तक बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने की बात है तो उसके लिए हमारे कार्यक्रमों द्वारा बच्चों के खानपान, व्यायाम तथा आयुर्वेद की औषधियों की जानकारी दी जा रही है। लोगों को आयुर्वेद की जड़ी-बूटियों के पौधे लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।   


उन्होंने बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता का महत्व बताते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को आयुर्वेद के पारंपरिक तरीकों को अपनाकर बढ़ाया जा सकता है। इस बारे में वेबिनार में ज्ञानवर्धक जानकारी भी दी। साथ ही भारत में कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिए पारंपरिक उपचार पद्धति में आयुर्वेद के प्रयोग की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। राजकीय आयुर्वेदिक कालेज लखनऊ में कौमार्य भृत्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डा.) मिथलेश वर्मा ने बाल स्वास्थ्य पर कोविड-19 के संदर्भ में उपयोगी वक्तव्य दिया। आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर ने बच्चों पर इस महामारी के कारण पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला और बच्चों की देखभाल के लिए रसायन के प्रयोग के महत्व को बताया। 


वेबिनार में आयुर्वेद कालेज के सभी छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इससे पूर्व संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डा. राणा सिंह व एकेडमिक डीन सुरेश कासवान में अतिथियों का परिचय देते हुए स्वागत किया। वेबिनार का समापन संस्कृति विवि की विशेष कार्याधिकार मीनाक्षी शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सनकी युवक ने धारदार हथियार से किया एक बेजुबान गौ वंश की हत्या : गिरफ्तार

  अरबिंद गुप्ता  लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया  बीजपुर /सोनभद्र.  मामला थाना क्षेत्र बिजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बघाडू के टोला पर्वबतवा का है जहां एक युवक ने मानवता को शर्मसार करते हुए बेजुबान गौ वंश के साथ क्रूरता भरी कारनामे को अंजाम दिया है। पुत्र के इस कारनामे से नाराज पिता बिहारी लाल ने पुलिस को तहरीर दे कर बताया कि उनका 28 वर्षीय पुत्र रामजियावन जंगल से एक लावारिस बछिया पकड़ कर घर लाया और धारदार हथियार से काट कर शव को ठिकाने लगा दिया। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक और उनके नेतृत्व में गठित टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौका मुआयना कर जाँच पड़ताल शुरू कर दिए आरोपी की तलाश जारी थी कि इसी दौरान आरोपी रामजियावन मौका देख कहीं भागने की फिराक में चौक चौराहे का चक्कर काट रहा था कि अचानक पुलिस की नजर पड़ गई और सक्रिय पुलिस के जवानों ने बगैर देर किए युवक को धर दबोचा और पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार किया और बछिया की हत्या में उपयोग किए गए विभिन्न वस्तुओं को भी छिपा कर रखा था अभियुक्त की निशानदेही पर धारदार हथियार जैसे कुल्हाड़ी और नरकुल की रस्सी भी बरामद कर ली गयी। पुलिस ने...

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, 146060 अभ्यर्थी पास

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, 146060 अभ्यर्थी पास लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया  लखनऊ ।परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का परिणाम मंगलवार दोपहर जारी हो गया। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में 12.30 बजे परीक्षा समिति की बैठक के बाद अधिकारिक रूप से परिणामों की घोषणा की गई। पाठ्यक्रम के बाहर से पूछे गए हिन्दी साहित्य के तीन प्रश्नों पर प्रत्येक प्रश्न के लिए एक-एक (यानि कुल तीन-तीन) नंबर सभी अभ्यर्थियों को एक समान रूप से दिया गया है। 6 जनवरी 2019 को आयोजित परीक्षा के लिए पंजीकृत 431466 अभ्यर्थियों में से 409530 सम्मिलित हुए थे। इनमें से 146060 (35.66 प्रतिशत) सफल हैं। सामान्य वर्ग के 36614, ओबीसी 84868, एससी 24308 और एसटी के 270 अभ्यर्थी पास हैं। 69000 शिक्षक भर्ती रिजल्ट : 69000 भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी, बुधवार से देख सकेंगे रिजल्ट कोर्स के अनुसार बात की जाए तो डीएलएड (बीटीसी) करने वाले 38610, शिक्षामित्र 8018, बीएड 97368 और अन्य पाठ्यक्रम करने वाले 2064 अभ्यर्थी सफल हैं। परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी अपना परिणाम बु...

रोहित–त्रिशला : कोसी तट, हिमालय की पवित्र वेदी और वैदिक परिणय

  प्रिया बिष्ट  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  गर्जिया, ढिकुली. उत्तराखंड के रामनगर स्थित ढिकुली क्षेत्र में कोसी नदी के शांत तट पर डॉ. रोहित कटारिया और डॉ. त्रिशला परिहार का विवाह प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता के संतुलित संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। हिमालय की हरित शृंखलाओं की पृष्ठभूमि और कोसी के निरंतर प्रवाह के बीच आयोजित यह डेस्टिनेशन वेडिंग अपने वैदिक स्वरूप और सादगीपूर्ण आयोजन के कारण विशेष रहा। डॉ. त्रिशला परिहार स्वर्गीय श्रीमती पी.के. देवी एवं श्री रामाधार सिंह की पौत्री तथा श्रीमती सीमा सिंह और प्रो. अनिल कुमार सिंह की सुपुत्री हैं। उन्होंने एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में एचआईएमएसआर, दिल्ली से एमडी (सामुदायिक चिकित्सा) की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. रोहित कटारिया स्वर्गीय श्रीमती कमला देवी एवं श्री दौलत राम के पौत्र तथा श्रीमती मुकेश लता और श्री रमेश कटारिया, गुरुग्राम के सुपुत्र हैं। उन्होंने वीएमएमसी से एमबीबीएस और एमडी (रेडियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त की है तथा एम्स ऋषिकेश से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में पीजीडी किया है। विवाह समारोह कोसी नदी के तट पर स्थित कॉर्बेट ह...