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संकट की घड़ी में 100 दिनों से लगातार NSPR अध्यक्ष, आमिर अल्वी लाखों लोगों कि कर चूके हैं मदद

संकट की घड़ी में 100 दिनों से लगातार NSPR अध्यक्ष, आमिर अल्वी लाखों लोगों कि कर चूके हैं मदद



कुसुम लाल


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


दिल्ली।नेशनल स्टूडेंट प्रोटेक्शन राइट्स एनएसपीआर संस्था द्वारा कोरोना वायरस की महामारी के प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, हमेशा सामाजिक गतिविधियों जैसें नशा मुक्त भारत, स्वच्छता अभियान, एड्स व कैंसर, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्राकृतिक आपदाएं, अनाथ बच्चों, वृद्धजनों एवं दिव्यांग लोगों के कल्याण और उनकी बेहतरी के काम में जुटे NSPR फाउंडेशन ने राष्ट्रव्यापी तालाबंदी की घोषणा के तुरंत बाद मौजूदा मुश्किल समय में लोगों की मदद के लिए कई नए कदम उठाए हैं।



नेशनल स्टूडेंट प्रोटेक्शन राइट्स एनएसपीआर ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ कदम मिलाते हुए मध्य-प्रदेश भोपाल के अलावा इन 80 दिनों में अन्य कई राज्यों सहित NSPR टीम एवं आमिर अल्वी द्वारा, हज़ारों लोग जो कि लॉकडाउन के चलते अपने घरों से दूर थें किसी के पास ना तो खाने-पीने की कोई व्यवस्था थी और नही घर जानें के लिए कोई पैसा।



ऐसे जरूरतमंद लोगों को आमिर अल्वी ने अपने घर बनाने की जमा पूंजी और अपनी गाड़ियां बेचकर उन लोगों को उनके अपने-अपने घर पहुंचाने का काम किया। वहीं बस्तियों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रवासी मजदूरों, क्वारेंटाइन सेंटर्स, फुटपाथ, अस्पताल, हाईवे एवं गाँव से लेकर शहर की गलियों सहित अभी तक देशभर में 10 लाख से अधिक जरूरतमंद लोगों तक भोजन के पार्सल एवं 30 हज़ार से ज्यादा परिवारों को राशन किट के साथ ही हज़ारों जरूरतमंद लोगों को जरूरी दवाईया दुध सब्जियां रसोई गैस फ़ेस मार्क्स सैनिटाइजर जैसी कई जरूरी चीजें लॉकडाउन के पहले दिन से ही एनएसपीआर संस्था एवं सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से लगातार वितरण करी जा रहीं हैं। वहीं नोवल कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए वंचित वर्ग के लोगों के साथ ही स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस कर्मी, प्रशासन के लोग एवं कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहें हैं, हज़ारों लोगों को निशुल्क सेफ्टी किट, मार्क्स, सैनिटाइजर, फ़ल फ्रूट, एनर्जीड्रिंक, भोजन तथा अन्य कई जरूरी सामग्री NSPR एवं सहयोगियों द्वारा रोज़ाना बाटी गई।



पहल मानवता की "दो रोटी कम खाएं दो रोटी ज्यादा बनाएं" 'कोई भूखा ना सोए'



संस्था द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए नेशनल स्टूडेंट प्रोटेक्शन राइट्स NSPR के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय समाजिक कार्यकर्ता जो कि हमेशा ही लोगों की मदद करने में आगें रहते हैं, देश ही नहीं बल्कि विदेशी धरती पर भी मानवता और देशभक्ति की मिसाल कायम कर पिछले सालों हुए सीरिया में भयंकर नरसंहार को देखते हुए भारत से हज़ारों किलोमीटर की हवाई यात्रा कर जॉर्डन पहुंचकर हिंसा प्रभावित सीरियाई शरणार्थियों की मदद करने पहुंचे थे, जहाँ उन्होनें इंसानियत को जिंदा रखते हुए हज़ारों जरूरतमंद लोगों के बीच राहत शिविरों में कार्य करतें हुए राशन एवं जरूरी राहत सामग्री वितरित करी थी, एवं वहाँ भारतीय तिरंगा लहराकर राष्ट्र का गौरव बढ़ाने वाले भोपाल शहर के निवासी आमिर अल्वी ने कहा, "मौजूदा संकट की ईस घड़ी में यह जरूरी है कि हम एक समुदाय के रूप में सहयोग करें और सामूहिक रूप से एक दूसरे की यथासंभव मदद करने के लिए काम करें। एक तरफ हम इस बात से सहमत हैं कि इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए एक पूर्ण तालाबंदी की आवश्यकता है, दूसरी तरफ हम यह भी समझते हैं कि समाज के कुछ निश्चित वर्ग ऐसे हैं जिनके पास अपने और अपने प्रियजनों की रक्षा के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं, NSPR टीम द्वारा संकट की घड़ी में इंसानों के साथ बेजुबान जानवरों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा हैं हम नहीं चाहते कि कोई भी मेरे शहर एवं अन्य राज्यों में जहाँ मेरी टीम कार्य कर रहीं हैं वहाँ भूखा सोए। आमिर अल्वी ने कहां की कोरोना वायरस को लेकर देश नहीं बल्कि पूरी की पूरी दुनिया चिंतित हैं इस महामारी का बड़ा असर देखने को मिल रहा हैं जहां पूरे विश्व में इस महामारी को देखते हुए लॉकडाउन की घोषणा की थी, वहीं भारत में लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाने के तहत सोमवार को देश के कई हिस्सों में रेस्टोरेंट, मॉल और धार्मिक स्थल खोल दिए गए हैं, वहीं देश में कोविड-19 के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।



सोमवार को संक्रमण के करीब 10 हजार मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामले 2.57 लाख के पार चले गए हैं, यह वायरस करीब 7500 से ज़्यादा लोगों की जान ले चुका है। भारत कोरोना वायरस के मामलों के हिसाब से दुनिया का पांचवा सबसे प्रभावित देश हैं, भारत से पहले अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन ही हैं। मुंबई के ही मामले दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड, स्वीडन, यूएई, सिंगापुर, पुर्तगाल, इंडोनेशिया, स्विट्जरलैंड, यूक्रेन, पौलेंड, जापान, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड और कई अन्य देशों से ज्यादा हैं। आमिर अल्वी ने आगे कहा कि हमारी टीम हालात को संभालने के लिए लगातार काम कर रही है, और मध्य-प्रदेश भोपाल के अलावा अन्य राज्यों में भी स्थानीय प्रशासन और जरूरतमंद लोगों की भी हर संभव सहायता कर रही है।


 



कोरोना से निकलीं यह भयानक महामारी पूरी दुनिया में फैल गई है और अब भी यह बहुत तेजी से फैल रही हैं, इसलिए हर एक की रक्षा करना बहुत महत्वपूर्ण है इसी क्रम में आने वाले दिनों में हम इस तरह की और भी पहल एवं जागरूकता अभियान चलाते रहेंगे कयोंकि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म हैं।


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