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नीति आयोग में अव्वल दर्ज हो रहे सोनभद्र का परचम  लहराने वाले जिला  बेसिक शिक्षा अधिकारी के लिए ऐसे आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी कही कलंक तो नहीं 

नीति आयोग में अव्वल दर्ज हो रहे सोनभद्र का परचम  लहराने वाले जिला  बेसिक शिक्षा अधिकारी के लिए ऐसे आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी कही कलंक तो नहीं 


विजय शुक्ल


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया


सोनभद्र, दिल्ली।  खंड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर ना जाने क्यों अपने आप चर्चा में है हाल फिलहाल में अखबारों में शिक्षकों के नाम के सहारे अपने आप को छुपाने की कोशिश में लगे हुए है।  जबकि उनका नाम पूरी तरीके से संदिग्ध माना जा रहा है ऑडियो काण्ड से लेकर शिक्षक श्रुतिदेव तिवारी के मामले में। जहां तक शिक्षक श्रुतिदेव तिवारी का मामला है तो वो शायद इन्होने निपटा ही दिया है क्योकि वो बड़ा खेल है और उस खेल के खुलासे में कई लोग निपटते नजर आ रहे थे।  हालांकि यहां यह बताना जरूरी है कि  लगभग साल भर पहले से फ़र्ज़ी डिग्री  में फसे शिक्षकों के ऊपर ठीक उसी समय प्रथिमिक दर्ज कार्रवाई जाती है जब सहाय साहब के दामन पर दांग वाले छींटे पड़ते दिखे। अब जब महिला से इनके घूस काण्ड की जांच जिलाधिकारी के अधीन सीओ दुद्धी साहब कर ही रहे है जो अपने साफगोई और अच्छी कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते हैं तब यह सवाल बेमानी हो जाता है कि  अब इसमें आगे क्या होगा।  फिर भी इनकी कार्यप्रणाली को लेकर मैंने प्राथमिक शिक्षक संघ के रूप में सक्रिय  सभी संगठनों यानी गुटों से बात करने की कोशिश की और जो है वो आपके सामने है। 



सहाय साहब की पहुँच गवर्नर तक है ऐसा वो शिक्षकों के बीच कहते फिरते है. हम सबको इन्तजार हैं तो बस जांच रिपोर्ट का। जांच के बाद इसकी ज्वाला और उठेगी। पता नहीं इनको किसका संरक्षण प्राप्त है वरना यह खुले आम जांच के बावजूद भी दौरे पर जा जाकर प्रभाव और उसका दबाव बना ही रहे है जो चिंता का विषय है।  इनके खिलाफ तो इतने मामले हैं जो हम आपको कह नहीं सकते।  शिक्षा विभाग के लिए इस पद का खिलवाड़ बना रखा है ऐसे लोगो ने  - इकरार हुसैन , ब्लॉक अध्यक्ष  प्राथमिक शिक्षक संघ म्योरपुर


शत  प्रतिशत सोशल मीडिया पर चल रही आवाज खंड शिक्षा अधिकारी की ही है।  अटैचमेंट का खेल तो अधिकारी अपने हिसाब से खेलते ही आ रहे है और अब भी यह जारी है उनकी सुविधा के हिसाब से।  बाकी शिक्षक या अधिकारी जो भी दोषी हो उनको दंड मिलना चाहिए यह सब शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान के लिए ख़तरा है - योगेश पांडेय  जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षा संघ , सोनभद्र 



सीओ साहब अच्छे है उनकी जांच में जो भी दोषी होगा उसको सजा जरूर मिलेगी - शीतल दहलान जिला अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ , सोनभद्र 


अब हमने गाँव वालो से बोल दिया है कि गुरूजी लोग अगर ना आये तो अपनी आवाज उठाओ मैंने तो कई बार शिकायत की थी पर कोई ध्यान दे तब ना - मनीराम , ग्राम प्रधान पति, इंजानी, म्योरपुर ब्लॉक 



बहरहाल एक तरफ ईमानदार जिलाधिकारी और तेज तर्रार अच्छे विज़न के तहत काम करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अच्छे शिक्षकों के साथ सोनभद्र का मान पूरे देश में बढ़ा रहे है वही दूसरी तरफ इनके खंड शिक्षा अधिकारी का घूस काण्ड हो या अवकाश पर खेल रहे शिक्षकों से कमाई का तंत्र सब इनके लगातार प्रयासो को धूमिल ही नहीं बदनाम भी कर रहा है।  अब देखना यह है कि  जांच के दौरान इनको किनारे रखते हुए निष्पक्षता से इस दाग को धोने वाला कोई सर्फ एक्सेल टाइप का प्रयोग महोदय गोरखनाथ पटेल और विभागीय नेतृत्व करता है या फिर शिक्षा विभाग जिंदाबाद के नारे के पीछे ग़दर मूवी जैसा कोई खंड शिक्षा अधिकारी या श्रुतिदेव तिवारी जैसे कुछ शिक्षक  अपना जिंदाबाद करवाते हुए शिक्षा विभाग मुर्दाबाद का नारा लगवाने का खेल खेलते रहेंगे। 



हो सकता है कि  शिक्षक श्रुतिदेव तिवारी किसी मजबूरी में रहे हो पर उनकी मजबूरी का मतलब इसका नियमतीकरण करते हुए व्यवसाय बनाना तो नहीं।  ज्यादातर शिक्षक संघ इस बात के खिलाफ है कि  उनके शिक्षकों और योग्य अधिकारियों की मेहनत पर कोई इस तरह कीचड उछाले भले ही वो अधिकारी हो या शिक्षक


 


खैर हमारा काम शिक्षकों को आने वाले शिक्षक दिवस पर सब सम्मान की नजर से देखे और शिक्षा विभाग के प्रति सबका सम्मान ऐसा ही बना रहे इसका प्रयास है क्योकि हम जानते है कि  गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताय  आज भी सच होना चाहिए।  


इस शिक्षक दिवस पर अगर सोनभद्र के जिला शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी वास्तव में गुरुजनो को सम्मान की नजर से देखने का माहौल देना चाहते है तो ऐसे आरोपित कलंको से उनको निजात पाना ही होगा और सदा सच बोलो के सन्देश के नीचे झूठ बोलने वालो को सबक भी सिखाना होगा यही शायद इन अधिकारियों द्वारा अपने गुरुजनो को गुरुदक्षिणा सरीखा होगा।  



बाकी हम तो ठहरे निरा मूरख टाइप के पत्रकार ना जाने क्यों नाहक ही चिल्लाते रहते है पर अगर हमारे इस शोर शराबे से खंड शिक्षा अधिकारी सहाय के पीड़ित शिक्षक सामने आकर अपनी आवाज बुलंद कर पाए तो हमें अपनी गुरुदक्षिणा मिली समझो।  अगर आप किसी भी तरह से खंड शिक्षा अधिकारी या किसी भी ऐसे विभागीय लोचे से परेशान है या पीड़ित है तो आप अपनी जानकारी साक्ष्यों के साथ मुझे सीधे भेज सकते है आपकी जानकारी हम गोपनीय रखेंगे ही और साथ में आपके दर्द की गूँज दिल्ली तक पहुचायेगे और हाँ ऐसा करने में हमें कोई हज़ार किलोमीटर का फासला तंग भी नहीं करेगा। मेरा नम्बर है : 9910003357  विजय शुक्ल सम्पादक लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया (फ़र्ज़ी व् फिरौती पत्रकार आपकी इच्छा हो तो ब्लैकमेलर भी कहे मुझे कोई फरक नहीं पड़ता )


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