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वाह रे गोरखनाथ जी वाह !घूसकांड में जांच जारी , तबेला का आदेश जारी करने वाले सहाय को बचाना भी जरूरी , निलंबित कर दिया तबेले वाले प्रधानाध्यापक को बीएसए गोरखनाथ जी 

वाह रे गोरखनाथ जी वाह !घूसकांड में जांच जारी , तबेला का आदेश जारी करने वाले सहाय को बचाना भी जरूरी , निलंबित कर दिया तबेले वाले प्रधानाध्यापक को बीएसए गोरखनाथ जी 


विजय शुक्ल 


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


सोनभद्र, दिल्ली।  पूरी खबर का ज्ञान नीचे है बस यह जान लीजिये कि  घूस काण्ड हो या स्कूल वर्दी का खेल या बाकी के गोरखधंधे... सहाय जी जो भी करेंगे सब जायज हैं और उन्होंने जितने भी नाजायज काण्ड कर रखे हैं वो सब भी विभागीय गुरु श्री गोरखनाथ जी की कृपा के कारण जायज हो जाते हैं। अब तबेला निर्माण का तो वो हम लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया वालो के हल्ला मचाते रहने और  इनके सबूत मिटाने का सबूत इकठ्ठा कर खबर चलाते जो रहते हैं उससे तो साहब बहुत नाराज हैं और अब सारा ठीकरा उस बेचारे बिजली विभाग की ठुकाई करने वाले और मौजूदा महिला प्रधानध्यापक को गाली गलौज और मार पीट करने के आदी  प्रधानाध्यापक महोदय  को निलंबित कर उस पर फोड़ दिया और अपने खंड शिक्षा अधिकारी सहाय का सहारा बन उसको एक बार फिर अक्षय वरदान दे दिया कि  वो स्कूल जा जाकर और कई जगह तो बिना गए भी...  सबका वेतन काट दे और उसको ख़त्म करने के एवज में चढ़ावा चढाने को बेचारे गुरूजी लोग मजबूर हो जाय। यह तो कमाई की मलाई खाने का शौक हैं जो कभी भी नहीं जा सकता।  ऐसा कहने वाले लोग भी गलत ही साबित होते हैं उनमे मैं भी शामिल हूँ हजार किलोमीटर दूर बैठा भला इनका क्या उखाड़ लूँगा। 


डीएम साहब जांच करे या खुद बीएसए साहब ,सबमे सहाय जी ऐसे पाक साफ़ निकल जाते हैं मानो आग से जलकर सीता मैया निकल गयी हो पवित्र, निष्पाप और निष्कलंक । 



बहरहाल नीचे खबर पढ़ ले आपको कहानी के सारे अध्याय पता चल जायेगे।  जो ना  पता हो बस जान लेना उस पर विभागीय जांच की कुंडली मारकर गुरूजी बैठे हैं। 


पुरानी खबर :


क्या सच में  स्कूल को तबेला बनाने के खेल में शामिल हैं सोनभद्र बीएसए गोरखनाथ जी के प्रिय खंड शिक्षा अधिकारी सहाय साहब 



विजय शुक्ल 


लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 


सोनभद्र , दिल्ली।  अभी घूस काण्ड की जांच डीएम साहेब के पास से पूरी होकर आई भी नहीं की सहाय साहब का एक नया काण्ड सामने आ गया।  मानो ऐसा लग रहा हैं कि  सोनभद्र की महिला शिक्षिकाओं से इनकी कर्री वाली दुश्मनी हैं और उनको धमका कर डराकर या एक दिन का वेतन काट करके अपना दबाव बनाने के लिए यह स्वतंत्र हैं क्योकि यह सोनभद्र के बीएसए  आदरणीय गोरखनाथ जी के सबसे प्रिय खंड शिक्षा अधिकारी जो ठहरे जिन पर शायद एक खबर के हिसाब से अभी कोई जुर्माना ठोका गया हैं।


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सिस्टम ही तो है वरना जिस स्कूल में छः और आठ महीने से कोई शिक्षक नहीं आ रहा वहा साहब लोग जाने की जरूरत नहीं समझते  , पर महिला हूँ चीख चिल्ला ही सकती हूँ , पर हूँ तो निरीह ना - शीतल दहलान 


 


बहरहाल म्योरपुर के खंड शिक्षा अधिकारी का बीएसए साहब से कितना गहरा नाता हैं इसका अंदाजा आप सिर्फ इस बात से लगा सकते हैं कि घूस काण्ड के ऑडियो जांच में फंसे होने के बावजूद भी विभाग ने इनको उसी महिला शिक्षिका को धमकाने की पूरी आजादी दे रखी हैं और स्कूल की वर्दी का व्यापार सुलभ बनाने की भी। 



बहरहाल यह वाला काण्ड न तो महमड  वाले गुरूजी से सम्बंधित हैं ना ही ऑडियो वाली शिकायत से अरे वही जो दस हजार के घूस वाली हैं और वो जांच के डिब्बे में कैद इनको वेतन काटने की ताकत से सबूतों गवाहों की नींद हराम करने की विभागीय आज़ादी दे रखी हैं। यह काण्ड तो सहाय साहब के ऊपर लगाए जा रहे एक आरोप का हैं जिसमे इन्होने अपने एक गुरूजी को परिवार सहित स्कूल में गायो का तबेला चलाने की इजाजत दे रखी हैं और उनसे उलझने का खामियाजा उस महिला शिक्षिका को गाली गलौज और मारपीट के रूप में दिया जा रहा हैं और बिलकुल सहाय साहब की स्टाइल में जैसे इनका लिंक गवर्नर से सीधा हैं जबकि यह अभी तक गोरखनाथ जी की कृपा से अरे गोरखपुर वाले योगी जी के गोरखनाथ धाम नहीं बल्कि सोनभद्र के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आदरणीय गोरखनाथ जी के द्वारा विभागीय आजादी का जश्न मना रहे हैं।


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अब ऐसा तो हैं नहीं कि सभी महिला शिक्षिकाएं इनसे कोई दुश्मनी रखती हो वो अलग बात हैं की काण्ड कुछ भी हो सोनभद्र के म्योरपुर के शिक्षा विभाग में उसमे सहाय साहब का  होना पक्का ही  होता हैं। यह मामला औराडांड़-|| में तैनात महिला प्रधानाध्यापिका ने सहाय साहब के रहमो करम से उस प्राथमिक विद्यालय में कब्जा जमाये पूर्व प्रधानाध्यापक जिनका ट्रांसफर कही और हो गया था और वो अपने पूरे कुनबे के साथ इस महिला प्रधानाध्यापिका को मारने पीटने और गाली गलौज पर आमादा हैं और वो भी प्राथमिक विद्यालय को खाली करने की विनती पर जिसकी शिकायत की हैं , बाकायदा लिखत में .... सहाय साहब की कृपा का जिक्र करते हुए। आप इस पत्र को पढ़ सकते हैं पूरा लिखा हैं साफ़ साफ़ यहाँ पर। 




 


अब सवाल यह हैं कि  क्या सच में उत्तर प्रदेश में महिला विरोधी अधिकारी शासन सम्हाल रहे हैं ? क्या सोनभद्र जैसे इलाके में महिला शिक्षिकाओं के साथ कुछ नया खेल खेला जा रहा हैं शोषण का , अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर घूस वसूलने का या फिर उनका वेतन काटकर उनको दबाकर रखने का।  अगर यह सच हैं तो योगी राज में बढ़ रहे बलात्कार और महिलाओ पर अत्याचार का जिम्मेदार कौन ?


आखिर क्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हाथ पाँव किसी नेता , अधिकारी या किसी मोह माया ने जकड रखा हैं कि  वो सहाय साहब का तिलिस्म तोड़ने में अब तक फेल हो रहे हैं। बहरहाल पुलिस क्या कार्रवाई करेगी यह तो राम जाने पर एक बात तय हैं कि  माँ दुर्गा के इस नवरात्री में जहां हम शैव शक्तियों नवदुर्गा की पूजा आराधना करते हैं और यह मनाकर चलते हैं कि इस दौरान हर कन्या , महिला हमारे लिए पूज्य होती हैं उनको आगे बढ़कर शिकायत करना पड़ रहा हैं और वो लगातार अपने जीवन को खतरे में डालने को मजबूर हैं। 




आप सबको नवरात्रि की शुभकामनाये और जगत जननी से बस यही आस हैं कि शायद सहाय साहब को सद्बुद्धि देने के साथ सोनभद्र बेसिक शिक्षा अधिकारी और डीएम साहब को चेतना दे कि  ऐसे अधिकारियों से इन महिला शिक्षिकाओं को सुरक्षित करे। 


अब सवाल यह हैं कि  क्या इस महिला प्रधानाध्यापिका को कोई न्याय मिलेगा और वो भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को बार बार अपनी समस्या बताने का कोई लाभ मिलेगा भी या नहीं ?


 


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