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एचआर में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के नफे नुकसान को सरल तरीके से समझाती यह किताब : AI Revolution in HRM -The New Scorecard 

एचआर में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के नफे नुकसान को सरल तरीके से समझाती यह किताब : AI Revolution in HRM -The New Scorecard 



विजय शुक्ल 


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


दिल्ली।  आजकल धीरे धीरे हमारी छोटी मोटी जरूरतों को आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और तकनीक आसान बनाती जा रही हैं और ऐसा ही प्रयोग अब बड़े बड़े औद्योगिक घराने अपने मानव संसाधन को और ज्यादा सटीक और उपयोगी बनाने के लिए कर रहे हैं।  कुल मिलाकर ऐसे सारे काम जिनको मानव संसाधन में कोई मानव करता था अब मशीनों की मदद से किया जा रहा हैं।  या यूं कहे मशीनों की मदद से आसान बनाया जा रहा हैं। 


अब सवाल यह हैं कि  मानवीय भूलो को और उनके पारखी समझ को क्या यह मशीनी दुनिया वाली सोच पूरे का पूरा प्रयोग में ला पाएगी या नहीं।  इन सबका पूरा आकलन और सावधान रहने की छोटी से छोटी बाते मानव संसाधन क्षेत्र में कार्यरत लोगो को समझाने में यह किताब काफी हद तक सफल हैं।  इस किताब को अश्वनी कुमार उपाध्याय (Associate Professor, Symbiosis Institute of Media and Communication, Pune, India),कोमल खंडेलवाल (Assistant Professor, OB & HRM, CMS Business School, Jain (Deemed-to-be University), Bengaluru, India ) और जयंती आयंगर (globally published journalist and  former Chief of Bureau of The Economic Times) ने लिखी हैं। 


आप इस किताब को पढ़े अगर आप खुद उद्यमी हैं या मानव संसाधन के क्षेत्र से जुड़े हैं।  कुल मिलाकर यह किताबे फुल  पैसा वसूल टाइप के मामले में फिट बैठती हैं। मेरे आकलन और मेरी समझ से परे यह किताब आपको आज के वास्तविक भागदौड़ में नफे नुकसान के साथ साथ अपनी महत्ता बनाये रखने के जरूरी दांव पेंच समझाने में भी कारगर होगी। 


आप इस किताब की ज्यादा जानकारी यहाँ से ले सकते हैं :


AI Revolution in HRM | SAGE Publications Inc


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