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लोकल फूडी क्या दे पायेगा बड़े घरानो को टक्कर 

लोकल फूडी क्या दे पायेगा बड़े घरानो को टक्कर 



गौरी  


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


दिल्ली। क्या आपको पता हैं कि  रिलायंस हो या अडानी या फिर बाबा राम देव का पतंजलि आज कल सबका पूरे भारत में एक बड़ा व्यापार हैं और हर कोई अपने अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर बताता हैं।  पर लोकल फूडी जैसी कंपनी जब किसानो से और शुद्ध अनाज पर पुरानी पद्धतियों से तैयार उत्पाद लोगो के बीच ला रही हैं तो लोगो को अच्छा लग रहा हैं। सबसे मजेदार बात यह ऑनलाइन ऑफलाइन और एक बेहतरीन पैकिंग में मौजूद हैं। 



आखिर क्या हैं लोकल फूडी का मिशन।  इसको लेकर हमने लोकल फूडी के रिटेल और डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क की जिम्मेदारी सम्हाल रहे वाईस प्रेसिडेंट व्योमेन्द्र सिंह से जब सवाल किया तो उनका एक ही जबाब था कि  सेहत और स्वाद हम दोनों लोगो को देना चाहते हैं और हमारे उत्पाद आबो हवा जमीनी ताना बाना और जल जैविकी की समझ के आधार पर अनाजों को चुनने के साथ साथ उनकी प्रोसेसिंग साफ़ सफाई के साथ साथ नैसर्गिक प्राकृतिक और जन भागीदारी का नायाब मिश्रण हैं।  आपको शुद्धता हम बोलकर या मिलाकर नहीं देते बल्कि प्राकृतिक देते हैं पंचतत्वों की समझ के साथ वाले लोकल फूडी के प्रोडक्ट्स आपकी शारीरिक जरूरतों को पूरा करेंगे।  मां  का दुलार हो या दादी का प्यार इन सबको माटी की महक के साथ समेटे हैं हमारे लोकल फूडी के प्रोडक्ट्स। 



वही लोकल फूडी के प्रोडक्ट्स को प्रयोग में लाने वाले कुछ चुनिंदा ग्राहकों से या यूं कहे सबसे पहली बार इन प्रोडक्ट्स का प्रयोग करने वाले लोगो से बातचीत पर उनका अनुभव कैसा रह यह जानिये :


 


मिठास में गुड़ , अचार का चठ्खारा , घराट का शुद्ध आटा , चुनिंदा चावल लोगो के दिल और दिमाग में जगह बनाने की ही नहीं उनको अपना बनाने की ताकत रखते हैं।  मैंने जब इन सभी का प्रयोग किया और इनके मानकों को देखा तो मानो मुझे अमृत मिल गया हो।  बाकी सब धंधा बड़ा कर रहे होंगे पर लोकल फूडी तो हमें जोड़ और ज़िंदा कर रहा हैं।  शायद गाँव इसके व्यापार के साथ बढ़ना शुरू हो जाय।  यह बहुत ही बड़ी और नेक पहल हैं।  मैं और मेरा परिवार बस लोकल फूडी का प्रयोग करेंगे - डॉ अग्रवाल , प्रोफेसर आई आई एम, रुद्रपुर 


स्वदेशी के नाम पर लोगो ने अब तक ठगा लेकिन अच्छा लगा जब कोई सीधे बोल रहा हैं कि  आम के पेड़ से चुराए गए आम का अचार हैं यह।  सच में बेहतरीन हैं लोकल फूडी के यह उत्पाद - विशाल मेहरा , व्यवसायी एंड समाजसेवी 


घराट  का या जात  का आटा  तो सपना था पर अब यह  हकीकत हैं , लाजबाब स्वाद के साथ साथ सोंधी आटे  की महक पहली बार महसूस हुई - के वी एस  नाथन 


मर्दो को अमूमन खरीदने की इतनी समझ नहीं होती पर आज मेरे जनाब ने कमाल कर दिया। लोकल फूडी की शक्कर और गुड़ की मिठास पर तो मेरी बिटिया ने भी चटकारा लिया - सुप्रिया पटवाल , ENTREPRENURE & आईटी एक्सपर्ट्



lnifoodie.com


दिसम्बर माह से लोकल फूडी आम बाजार में लोगो के लिए उपलब्ध हो जाएगा और लोकल फूडी का लक्ष्य लोगो को सेहत और भरोसा परोसना हैं ना कि भरोसे को बेचना। ऐसा मानना हैं लोकलफूडी टीम का। 


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