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इंसान के रक्त का नहीं है कोई विकल्प: डीपी गोयल

  • कैनविन फाउंडेशन ने जिंदल स्टील एंड पावर कंपनी परिसर में लगाया शिविर
  • शिविर में 47 यूनिट रक्तदान, 180 की कोरोना जांच
  • रोटरी ब्लड बैंक का भी रहा शिविर में सहयोग


सोशल काका 

लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 

गुरुग्राम। शुक्रवार को यहां सेक्टर-32 स्थित जिंदल स्टील एंड पावर (जेएसपी) कंपनी परिसर में रक्तदान एवं कोरोना जांच शिविर लगाया गया। कैनविन फाउंडेशन की ओर से रोटरी ब्लड बैंक के साथ मिलकर यह शिविर लगाया गया। शिविर में 47 यूनिट रक्तदान स्टाफ सदस्यों ने किया, वहीं 180 लोगों की कोरोना जांच की गई। 




इस मौके पर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कैनविन फाउंडेशन के संस्थापक डीपी गोयल ने कहा कि रक्तदान अधिक से अधिक करना चाहिए। रक्तदान से किसी भी तरह से शरीर में कोई परेशानी नहीं होती। हर व्यक्ति 3 महीने में दुबारा से रक्तदान कर सकता है। उन्होंने यहां रक्तदाताओं को सर्टिफिकेट देते हुए कहा कि रक्तदान करके औरों का जीवन हम बचाते हैं। इंसान का रक्त ही इंसान का जीवन बचा सकता है। रक्त का कोई और विकल्प नहीं है। इसलिए हम सब अपनी सेहत का ख्याल रखें और समय-समय पर रक्तदान करते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी काल में रक्त की काफी कमी हो गई थी। कैनविन फाउंडेशन ने प्रयास करके अनेक रक्तदान शिविर लगाए हैं, जो कि अब भी जारी है। उन्होंने कोरोना को लेकर भी यहां जानकारी दी। डीपी गोयल ने कहा कि कोरोना ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। इस सीख के साथ ही अब हमें अपने लाइफ स्टाइल में परिवर्तन करके अधिक से अधिक जनहित के काम करने चाहिए। उन्होंने यहां कैनविन फाउंडेशन द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में चलाए जा रहे कार्यों का जिक्र किया। कैनविन के कार्यों से जेएसपी कंपनी के अधिकारी व स्टाफ काफी प्रेरित भी हुए। इस शिविर में रोटरी ब्लड बैंक की ओर से डा. महिमा व डा. मनोज, कैनविन फाउंडेशन से प्रवीण अग्रवाल व कृष्ण यादव ने काफी अहम भूमिका निभाई। 

एजीएम अमित जैन ने 96वीं बार किया रक्तदान

शुक्रवार को लगाए गए रक्तदान शिविर में जेएसपी कंपनी के एजीएम अमित जैन ने 96वीं बार रक्तदान किया। उनकी उम्र मात्र 42 साल है। युवाओं के लिए वे बेहतरीन रोल मॉडल हैं। एजीएम अमित जैन ने बताया कि वे नियमित तौर पर यानी हर 3 माह में रक्तदान कर देते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। इसलिए हम सबको इसे अपने जीवन का अहम कार्य मानकर चलना चाहिए। इस शिविर में कंपनी के स्टाफ में काफी उत्साह नजर आया। रक्तदान के लिए यहां के ज्यादातर युवा स्टाफ ने आगे आकर रक्तदान में दिलचस्पी दिखाई। हालांकि यहां काफी स्टाफ का रक्तदान लिया भी नहीं जा सका।  

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