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तीर्थन घाटी में कर्मा चैरिटेबल सोसाइटी फरीदाबाद के बच्चे दे रहे हैं पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता का सन्देश

 


  • दो वर्ष पुर्व भी इन्ही बच्चों ने घाटी में छेड़ा था स्वच्छता और पौधारोपण अभियान
  • घूमने फिरने का आनंन्द लेने के साथ ही करते है उस स्थान की साफ सफाई।
  • तीर्थन घाटी में बढ़ता कचरा चिन्ता का विषय, की जाएगी सख्ती- मोहन ठाकुर.

परसराम भारती 
लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 
तीर्थंन घाटी , गुशैनी , बंजार । जिला कुल्लू में उपमण्डल बंजार की तीर्थन घाटी पर्यटन की दृष्टि से अभी तक सबसे साफ और सुन्दर वैली के रूप में उभर कर सामने आई है। जिसका श्रेय स्थानीय लोगों के साथ यहां पर आने वाले पर्यटकों को भी जाता है जो घूमने फिरने के साथ साथ यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य और साफ सफाई को बनाए रखने के लिए अपना भरपुर योगदान दे रहे है। कुछ ही वर्षों पहले तीर्थन घाटी में पर्यटन की शुरुआत हुई है जिससे यहां के लोगों को इसका आर्थिक लाभ जरूर मिला लेकिन पर्यटन के आने के साथ ही यहां पर कूड़ा कचरा भी बहुत आने लगा। तीर्थन घाटी के संरक्षण और पर्यटन को सुचारु रूप से चलाने के लिए यहां पर तीर्थन संरक्षण एवं पर्यटन विकास एसोसिएशन का गठन किया गया। इस एसोसिएशन के सदस्य समय समय पर घाटी के संरक्षण और पर्यटन विकास को लेकर सफाई अभियान, पौधरोपण, प्रशिक्षण शिविर और खेल गतिविधियों के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाते रहते है। इन कार्यक्रमों में स्थानीय स्कुली छात्रों के अलावा यहां पर घूमने आए कई पर्यटक लोग भी शामिल होते है।

आजकल तीर्थन घाटी शाईरोपा के फारेस्ट एज होमस्टे में फरीदाबाद हरियाणा की एनजीओ कर्मा चैरिटेबल सोसाइटी की ओर से अनाथाश्रम के कुछ बच्चे भर्मण के लिए आए हुए है जो यहां पर घूमने फिरने के साथ साथ साफ सफाई, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का सन्देश भी दे रहे हैं। कर्मा चैरिटेबल सोसाइटी के सुपरवाइजर राकेश कुमार ने बतलाया कि इनकी संस्था गरीब और अनाथ बच्चों के कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करती है। दो वर्ष पुर्व भी इन्ही बच्चों ने तीर्थन घाटी में आकर घूमने फिरने के साथ साथ शाईरोपा से गहिधार तक सड़क किनारे सफाई अभियान छेड़ा था और इसके साथ ही यहां के महशूर छोई झरने के आस पास सफाई करके शाईरोपा में पौधरोपण भी किया था। इन्होंने बतलाया कि आज भी इस संस्था के 22 बच्चों ने तीर्थन संरक्षण एवं पर्यटन विकास एसोसिएशन के सदस्यों के साथ मिलकर शाईरोपा से लेकर गहिधार तक तीर्थन नदी के किनारे पर और गहिधार से वापिस शाईरोपा तक सड़क किनारे से करीब 60 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा इकटठा किया है। 

इनका कहना है कि अपने घरों, गांव, आसपड़ोस, रास्तों, नदी, नालों, सड़को और पार्कों की स्वच्छता एवं साफ सफाई रखना हर नागरिक का कर्तव्य बनता है।  


इनका कहना है कि कबाड़ से भी जुगाड़ किया जा सकता है जैसे कि बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतलों से घर पर ही आसानी से मजबुत रस्सियां, गमले और कई अन्य प्रकार की उपयोगी एवं सजावटी बस्तुएं बनाई जा सकती है। 



तीर्थन फोरेस्ट एज होमस्टे के प्रबन्धक मेघ सिंह भारती का कहना है कि बच्चे स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

इन्होंने बतलाया कि पिछले कल कर्मा चैरिटेबल सोसाइटी एनजीओ के 22 बच्चों का ग्रुप इनके अध्यापकों और संरक्षकों के साथ इनके होमस्टे में आया था जो आगामी तीन दिनों तक यहां पर ठहराब करेंगे। यही ग्रुप दो वर्ष पुर्व भी यहां ठहरा था तो उस दौरान भी इन्होंने तीर्थन घाटी में सफाई और पौधरोपण अभियान छेड़ा था। इस बार भी बच्चों ने यहां पर सफाई करने की इच्छा जाहिर की तो इन्होंने तीर्थन संरक्षण एवं पर्यटन विकास एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बात करके आज इस सफाई अभियान को सफल बनाया है।

तीर्थन संरक्षण एवं पर्यटन विकास एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मोहन ठाकुर का कहना है कि अभी तक घाटी की आवोहवा और वातावरण बिल्कुल शुद्ध एवं प्रदूषण रहित है जो इसे लम्बे समय और अगली पीडिओं तक बरकरार रखने के लिए अभी से ही जागरूकता और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। 



इनका कहना है कि तीर्थन घाटी को साफ सुथरा रखने में एसोसिएशन के सदस्यों, स्कुली छात्रों और बाहर से आए हुए अतिथितियों का भी भरपुर सहयोग मिल रहा है फिर भी घाटी में बढ़ता कचरा एक चिन्ता का विषय है। इन्होंने नदी के किनारे गन्दगी फैलाने वाले लोगों को चेताया है और आइन्दा से सख्ती बरतने की बात कही है।

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