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काश कुछ और फ़िल्मी सितारे हर्षदा पाटिल सरीखे होते तो आसानी से रुक जाती तीसरी लहर



विजय शुक्ल 

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

मुंबई, दिल्ली। दूसरी लहर से उबरते भारत में जैसे ही मामले कम हुए लोगबाग कुल्लू मनाली और मसूरी शिमला गोवा घुमते नजर आने लगे।  तीन दिन की मौज में तीसरी लहार को मनाओ न्यौता देने का कार्यक्रम बना लिया हो।  पर वही दूसरी ओर अभिनेत्री और महाराष्ट्र प्रदेश की  ब्रांड एम्बेस्डर , प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी प्रचार प्रसार योजना  हर्षदा  पाटिल ने अपने व्यस्तता वाले जीवन शैली में भी मुंबई के गरीब बच्चे बच्चियों को मास्क और सेनिटाइजर बाँट उनको हाथ धोने , दो गज की शारीरिक दूरी बंनाने और मास्क पहनने के साथ साथ सेनेटाइजर का प्रयोग करने का बीड़ा  उठा रखा हैं।  



काश हमारे फ़िल्मी दुनिया और उद्योग जगत की हस्तियां बाहर निकलकर अपने आस पास के जरूरतमंदो को ऐसे ही आगाह करती और देश दुनिया की चकाचौंध में लापरवाह होते बचपन और लोगो को तीसरी लहर से बचाने के इस महाअभियान में समाज को जागरूक करती तो यकीन मानिये तीसरी लहर की जंग हम आने से पहले ही जीत जाते। 



आपको बता दे कि  अपने निजी जीवन में बेहद संजीदा , सरल और सौम्य स्वभाव की हर्षदा पाटिल की सोच सामाजिक न्याय और समरसता को बनाये रखने की ओर  ज्यादा हैं और उनको सामजिक चेतना जगाने वाली फिल्मो में काम करने की यही सोच आगे बढ़ाती हैं जैसा उन्होंने पैडमैन में अक्षय कुमार के साथ सेनेटरी पैड के प्रति समाज में फैली ग़लतफ़हमी से निजात दिलाने का काम  किया था तो दूसरी ओर लोगो को कई मराठी फिल्मो में क़ानून की धमक दिखाने वाले लेडी सिंघम का अभिनय।  



मराठी ट्रेडिशनल लुक में तो हर्षदा पाटिल मानो महारष्ट्र के परिवेश  को नया जीवन दे देती हो।  उनका देश से अपना लगाव और अपनी मातृभूमि की सेवा करने की यह चेष्टा सबसे जुदा  और ख़ास बनाती हैं। एनबी क्रिएशन्स के राहुल ने हर्षदा पाटिल के इस मुहीम को कैमरे में कैद कर इस नेक पहल को लोगो में पहुंचाने का काम  किया हैं। 

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