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आखिर किसने बाँध रखे हैं सूरजगढ़ फ़ार्म हाउस पर कार्रवाई करने के लिए डीटीपी बाठ के हाथ ,

  • फार्म हाउसों को गिराने में डीटीपी बाठ का दोहरा मापदंड
  • सूरजगढ़ फार्म पर कार्रवाई नहींं होने सेेेे उठ रहे सवाल
  • अरावली में किस की निगरानी में अवैध रूप से चलाया जा रहा फार्म
  • चंडीगढ़ स्थित 8 विभागों को शिकायत भेजकर दागे सवाल
  • एडवोकेट ने शिकायत के मार्फत तत्काल कार्रवाई की मांग की


कहते हैं की राजनीतिक रसूख और भ्र्ष्टाचार के आकाओ की छत्रछाया हो तो कुछ भी किया जा सकता हैं  फिर लाख मुनादी पीटने पर भी ना अधिकारी सुनते हैं ना सियासतदान। ऐसा  ही  एक मामला अरावली में स्तिथ एक फार्म हाउस का हैं जिसको कहा जाता हैं की एक बड़े केंद्रीय नेता का आशीर्वाद प्राप्त हैं अब यह अफवाह हैं या हकीकत यह तो खट्टर  साहब ही जाने पर आज उस पर एक प्रेस कॉनफेरेन्स ने मानो आठ आठ विभागों में धुल फांक रही शिकायतों की फाइलों से धुल झाड़ने का काम किया हैं और शायद डीटीपी बाठ साहब को भी थोड़ी सी संगदिली इस फार्म हाउस पर भी कार्रवाई करने की एक छोटी सी तन्द्रा तोड़ने की कवायद सी भी साबित हो जाय यह प्रेस कॉनफेरेन्स।  बाकी आस पास की कानाफूसी में  शराब,शबाब और कबाब में खेलता यह एक नया जहां कब टूटेगा यह तो समय बतायेगा। एनजीटी  के नियमो की तो इसको कोई परवाह नहीं और फायर ब्रिगेड की तो बात ही छोडो रही बात राजस्व या जीएसटी की तो वो गरीबो से टैक्स का मामला हैं इन फार्म हाउस के मालिकान उससे कही ऊपर उठ चुके हैं।  ऐसे कई आरोप प्रत्यारोप एक अधिवक्ता ने लगाए हैं।  खुद ही पढिए  और हो सके तो यह खबर एक एक बार ही सही सभी अधिकारियों और मुखयमंत्री साहब और बाकियो को साझा करके इस पर कुछ कार्रवाई करने का प्रयास करे।  बाठ साहब को भी भेज सकते हैं पर उनके बंधे हाथ कितना और क्या कर पाएंगे यह वो ही जाने। 


लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

गुड़गांव।पिछले कुछ दिनों से लगातार अरावली में स्थापित हुए फार्म हाउस को तोड़ने का मामला सामने आ रहा है, लेकिन यहां 12 एकड़ में अवैध रूप से बनाए गए सूरजगढ़ फार्म देखने के बाद डीटीपी एनफोर्समेंट अपनी आंखें आखिर क्यों बंद कर लेते हैं, यह अपने आप में बड़ा सवाल है, बता दें कि डीटीपी इंफोर्समेंट आर एस बाट द्वारा लगातार अरावली में अवैध रूप से निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन सूरजगढ़ फार्म पर कार्रवाई नहीं होने से अब एडवोकेट नरेंद्र की ओर से शिकायत से संबंधित 8 विभागों को शिकायत भेजकर कार्यवाही की मांग की गई है, साथ ही अवैध रूप से चलाए जा रहे फार्म को लेकर सवाल पूछे गए हैं,


क्या है आरोप

एडवोकेट नरेंद्र ने आरोप लगाया है कि गांव बंधवाडी, तहसील सोहना स्थित अरावली की पहाड़ी में सूरजगढ़ फार्म के नाम पर 12 एकड़ जमीन पर कमर्शियल एक्टिविटी की जा रही है. एडवोकेट नरेंद्र का आरोप है कि यहां उपरोक्त गतिविधियां  दीप एजुकेशन सोसाइटी का द्वारा उसके सतीश यादव पूर्व सरपंच ग्राम कन्हैय व उसके परिवार के आज सदस्य के द्वारा बिना किसी लाइसेंस के चलाया जा रहा है, जिससे हरियाणा सरकार को लाखों के राजस्व को चूना लग रहा है.


आरोप है कि यह रिसोर्ट चलाने के लिए सूरजगढ़ फार्म के मालिक ने ना ही एनजीटी से अनुमति ली है, ना ही फायर तथा पर्यावरण विभाग से एनओसी ली है, मौके पर इस रिपोर्ट को चलाने के लिए कानून को ताक पर रखकर रोड भी बना ली गई है, जीएसटी एवं अन्य टैक्स भी हजम किया जा रहा है, आरोप है कि इस रिपोर्ट में असंवैधानिक तरीके से जीव जंतुओं को रखा गया है, जो कि बगैर लाइसेंस के एनजीओ को रिसोर्ट में रखना कानूनन अपराध है, मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ वाइल्ड एनिमल एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाए और जिस तरह से अरावली में बने अन्य फार्म को तोड़ा गया है उसी तर्ज पर इस फार्म को तोड़ने की कार्रवाई की जाए.



किन विभागों को भेजी गई शिकायत

अवैध रूप से चल रहे इस फार्म पर कार्रवाई के लिए शिकायतकर्ता एडवोकेट नरेंद्र ने मुख्य सचिव हरियाणा सरकार चंडीगढ़ सचिव एवं वित्त आयुक्त, टाउन एंड कंट्री प्लैनिंग हरियाणा चंडीगढ़, वित्त आयुक्त एवं सचिव पर्यावरण एवं जीव जंतु एवं वन विभाग हरियाणा सरकार,डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लैनिंग हरियाणा चंडीगढ़, निदेशक राज्य सतर्कता ब्यूरो पंचकूला हरियाणा, उपायुक्त गुरुग्राम, संजय सिंह विधायक सोहना गुरुग्राम, डीटीपी इंफोर्समेंट एंड कंट्री टाउन प्लैनिंग सेक्टर 14 गुरुग्राम समेत अन्य विभागों को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है,

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