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दून में भाजपा की हार का बड़ा कारण बन सकता है नप बद्दी की कार्यप्रणाली

 


  •  नप द्वारा बेहद अनियोजित तरीके से किया जा रहा धनराशि का व्यय 
  • एम विकास के नाम पर करोड़ों की बर्बादी चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट 



पंकज गोल्डी,

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया,



बद्दी: प्रदेश की सबसे अमीर कहे जाने वाली नगर परिषद बद्दी को शहर के विकास के लिए प्रदेश सरकार से करोड़ों रुपया मिल रहा है। लेकिन इस धनराशि का व्यय बेहद अनियोजित तरीके से किया जा रहा है। जहां विकास कार्यों की सर्वाधिक जरूरत है उन पर ध्यान न देकर ऐसे कई स्थानों पर नगर परिषद ने काम करा दिए हैं जहां फिलहाल अधिक जरूरत नहीं थी। विकास के नाम पर करोड़ों की बर्बादी भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ रही है। ताजा उदाहरण नगर परिषद के वार्ड नो 9 के साईं मंदिर के सामने वाली गली का है। सूत्रों कि माने तो ख़राब मेटेरिअल से बनाई जा रही यह गली एक बारिश भी ढंग से नही झेल पाएगी। इस गली का न तो सही ढंग से लेवेल किया गया है, जिससे बरसात के समय में पानी खड़ा होने का पूरा अंदेशा जताया जा रहा है। इसी गली में बिना जरुरत के कही जगह दोनों और नालियों का निर्माण कर दिया गया है। जिससे गली छोटी पड़ गयी और स्तनीय निवासियों को गाड़ियों को खड़ा की दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। वही स्थानीय लोगो दिनेश कुमार,पंकज कौशल,रवि, रुपिंदर, गुलशन मेहता, सुरेश, अश्वनी कुमार, मुकेश सहित अन्य लोगो ने कहा कि उन्होंने कई बार नप बद्दी को इस नाली के निर्माण रोकने के लिए गुहार लगाई परन्तु अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।   


- निजी खुन्नस के चलते घरों के आगे गलियों का निर्माण करवाने का कयास -

कयास तो यह भी लगाया जा रहा है कि नप के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने अपनी निजी खुन्नस के चलते कई लोगों के घरों के आगे गलियों का निर्माण करवाया है। हालांकि इस बात को नप अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने साफ तौर पर नकारा है।


- नप नही करता मौके पर निर्माण कार्य की जांच -

 हैरानी की बात यह है कि जो निर्माण कार्य चल रहे है उन कार्यो की भी नप द्वारा मौके पर जाकर कभी भी जांच नहीं की जाती है। संबंधित कार्य की गुणवत्ता कैसी है, ठेकेदार द्वारा जो सामग्री  निर्माण कार्यो में प्रयोग की जा रही है उसमें गुणवत्ता है या नही। जिसका फायदा अक्सर ठेकेदार उठाते है और मनमर्जी से कार्य करते है। जिसमें वे सस्ती व घटिया सामग्री लगाकर खूब चांदी कूट रहे है और खामियाज़ा शहर वासी भुगगते है। वही नप के लाखों रुपए खर्चने के बावजूद भी शहर के लोगों को दिक्कतों से निजात नही मिल पा रही है। लगता है सब राम भरोसे ही चल रहा है। 

गौरतलब है कि नप ने इस गली में पहले से ठीक ठाक टाइलों को उखाड़ कर उस पर नई टाइलों के लगाने का कार्य आखिर क्यों दिया और जहा नालियों कि जरूरत तक नही थी वहा पर नालियों का निर्माण आखिर क्यों करवाया। अब सवाल यह पैदा होता है कि क्या सिर्फ पर अपने चेहतों तो खुश करने के लिए टेंडर दिया गया है या फिर कुछ और कारण है। ऐसे में नगर परिषद की कार्यप्रणाली पूरी तरह से संदेह के घेरे में है। बार-बार परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन सरकार किसी भी तरह की कार्यवाही के मूड में नजर नहीं आ रही है। जिसका खामियाजा आने वाले इसी साल विधानसभा के चुनावो में भाजपा को भुक्तना पड़ सकता है और दून में भाजपा की हार का एक बड़ा कारण नप बद्दी की कार्यप्रणाली भी बन सकती है।


- क्या कहते है अधिकारी -

वही नगर परिषद बद्दी के ई.ओ. रणवीर सिंह वर्मा का कहना है कि अगर स्थानीय निवासियों को गली में बनी नालियों से आपत्ति है तो उन्हें बंद करवा दिया जाएगा।


फोटो कैप्शन- विकास के नाम पर नप बद्दी द्वारा वार्ड न 9 कि गली में बिना जरूरत के कर दिया नाली का निर्माण। बद्दी-1,2

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