प्रिया बिष्ट लोकल न्यूज ऑफ इंडिया दिल्ली। • महाकुंभ पर इस साहित्य का शीर्षक है- ‘महाकुंभ का महामंथन’ • काउंसिल ने इस साहित्य की कवर फोटो रिलीज करते हुए कहा, प्रधानमंत्री को पहली प्रति भेंट करने का प्रयत्न करेंगे। • कहा, ईश्वरीय कृपा एवं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में डबल-इंजन सरकार के कुशल-प्रबंधन के कारण ही ये यज्ञ पूरा हुआ। • महाकुंभ की सफलता को विश्वव्यापी-स्तर पर ले जाने के लिए संस्था ने इसे हिन्दी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में तैयार किया। • 11 वर्ष के बाल-व्यास वैदेहीनंदन वेदांत ने दिया था काउंसिल को ये कॉन्सेप्ट • नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में आयोजित कुंभ पर भी इसी तरह का दस्तावेज तैयार करेगी काउंसिल नई दिल्ली। संस्था ‘रामायण रिसर्च काउंसिल’ ने महाकुंभ पर एक विस्तृत, शोधपरक एवं आकर्षक साहित्य को तैयार किया है। ‘महाकुंभ का महामंथन’ शीर्षक वाले इस कॉन्सेप्ट के सूत्रधार 11 वर्षीय बाल-व्यास वैदेहीनंदन पंडित वेदांतजी हैं। इस विषय की जानकारी देते हुए काउंसिल के सचिव पितांबर मिश्र बताते हैं कि आने वाली पीढ़ी सदियों बाद भी इस विषय पर शोध कर सके, संदर्...