लोकल न्यूज ऑफ इंडिया वाराणसी: सर्दियों का मौसम आमतौर पर त्योहारों और पारिवारिक मेल-मिलाप का समय माना जाता है, लेकिन दिल के लिए यह साल का सबसे चुनौतीपूर्ण दौर भी हो सकता है। इस अवधि में कार्डियक इमरजेंसी के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। ठंडा मौसम, लाइफस्टाइल में बदलाव और समय पर इलाज न लेना मिलकर जिस स्थिति को जन्म देते हैं, उसे “विंटर हार्ट” कहा जा सकता है—ऐसा दिल जिस पर अतिरिक्त दबाव होता है, कई बार उन लोगों में भी जो खुद को जोखिम में नहीं मानते। सर्दियों में कम तापमान के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही खून गाढ़ा होने लगता है और क्लॉट बनने का रिस्क बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना बढ़ती है, खासकर बुज़ुर्गों और डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों में। इस मौसम में कई लोग फिजिकल एक्टिविटी कम कर देते हैं, भारी भोजन करते हैं और शुरुआती चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे दिल पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। बीएलके–मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के कार्डियोथो...