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तन और मन के मिलान की यात्रा हैं योग -अभिनेत्री हर्षदा पाटिल

 


विजय शुक्ल 
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 
दिल्ली. वैसे तो आज योग दिवस के दिन जानी मानी हस्तियों का योग करना एक लाजमी हैं पर आजकल जिस तरह फ़िल्मी सितारों के राज बाहर आ रहे हैं उससे पता चलता हैं कि  उनकी खूबसूरती और तंदरुस्ती का राज योग भी हैं जो उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं।


ऐसा ही एक सहज नाम हैं हर्षदा पाटिल का।  बेहतरीन खूबसूरत और जिंदादिल अभिनेत्री के साथ साथ संस्कारो से सिंचित उनका मन सबसे अलग बनाता हैं।



बचपन में अपने पिता डॉक्टर गोपाल किशन राव पाटिल के साथ अठखेलियाँ करते हुए योग को सीखना और आज उसी योग के जरिये अपने सौंदर्य को निखार अभिनय की अपनी कर्मठ शैली से वो एक बड़े मुकाम पर हैं।  दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ साथ अक्षय कुमार जैसे अभिनेता के साथ पैडमैन जैसी फिल्मो में अपने अभिनय का योग उन्होंने पूरा पूरा दिखाया। 



योग दिवस पर अभिनेत्री हर्षदा पाटिल ने कहा कि  योग तो अंतर्मन की यात्रा हैं और उस अंतर्मन को बाहर की दुनिया के हर पैतरे का जबाब देने की क्षमता से पूर्ण करना ही योग का परिणाम हैं।  




आज इस कोरोना महामारी में योग ने ना सिर्फ हमें दुनिया की तमाम तनाव भरी बातो से बचाया बल्कि हमारे आत्मविश्वास को हमेशा संजोये रखा। 


    मेरे लिए योग मेरे बाबा डॉक्टर गोपाल किशन राव पाटिल की दी हुई  ऐसी देन हैं जो मेरे लिए अनमोल हैं। मेरी मां और बाबा ने मुझे देश दुनिया की तमाम झंझटो से हमेशा एक कवच के रूप में बचाते हुए अपनी संस्कृति और समाज को सहेजने का ज्ञान दिया हैं।  यह संस्कार , संस्कृति और योग ही मेरा रक्षा कवच हैं। 

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