प्रिया बिष्ट
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
मनाली/कुल्लू की वादियों में एक ऐसी मुलाकात हुई, जो सिर्फ एक फिल्मी कार्यक्रम नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और विज़न की कहानी बन गई। साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अक्किनेनी नागार्जुन अपनी 100वीं फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में हिमाचल पहुंचे और यहां उन्होंने अपने करीबी मित्र, उत्कृष्टता पुरस्कार विजेता तथा बारागढ़ रिजॉर्ट एंड स्पा के निर्देशक नकुल खुल्लर से मुलाकात की—एक ऐसी मित्रता, जो अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होती दिख रही है।
बारागढ़ रिजॉर्ट एंड स्पा, IHCL सेलेक्शन्स में नागार्जुन और अभिनेत्री ऐश्वर्या रमेश के आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। महाप्रबंधक रणजीत सिंह ने पारंपरिक आतिथ्य के साथ अभिनंदन किया, लेकिन इस पूरे आयोजन की आत्मा रहे नकुल खुल्लर—जिनकी सूझबूझ और नेतृत्व ने इस मुलाकात को एक विशेष आयाम दे दिया।
यह सिर्फ एक दोस्ती नहीं, बल्कि दो अलग-अलग क्षेत्रों के सफल व्यक्तित्वों का संगम है—जहां एक तरफ भारतीय सिनेमा का प्रतिष्ठित चेहरा है, तो दूसरी ओर पर्यटन और फिल्म लोकेशन प्रबंधन को नई दिशा देने वाला युवा नेतृत्व। नकुल खुल्लर ने बारागढ़ को जिस तरह फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक विश्वसनीय और आकर्षक केंद्र बनाया है, वह इस मुलाकात के जरिए और भी स्पष्ट हो गया।
स्थानीय समन्वयक अनिल काइस्ता और रॉनी काइस्ता के अनुसार, नागार्जुन की 100वीं फिल्म अन्नपूर्णा स्टूडियो के बैनर तले बन रही है। निर्देशक कार्तिक आर और कैमरामैन राजा महादेवन के नेतृत्व में फिल्म की शूटिंग लाहुल के कोकसर, नग्गर और मनाली में जारी रहेगी।
इस ऐतिहासिक मुलाकात ने यह साबित कर दिया है कि जब दोस्ती विज़न से मिलती है, तो वह सिर्फ याद नहीं रहती—वह इतिहास बन जाती है। हिमाचल की वादियों में लिखी जा रही यह कहानी आने वाले समय में फिल्म इंडस्ट्री और पर्यटन दोनों के लिए एक मिसाल बन सकती है, और इसके केंद्र में हैं नकुल खुल्लर—एक ऐसा नाम, जो अब केवल मेजबान नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुका है।


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