रघुबीर सिंह राणा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया।
मजदूरों की छंटनी, एलपीजी चालान और सब्सिडी बंद करने को लेकर कांग्रेस सरकार पर बरसे रवि ठाकुर।
केलांग - पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण जनजातीय क्षेत्र सहित प्रदेश की आम जनता गहरी चिंता और संकट में है।
मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट
रवि ठाकुर ने विशेष रूप से स्पीति उपमंडल की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग में मस्टररोल पर कार्यरत सैकड़ों स्थानीय मजदूरों को बिना किसी ठोस कारण के अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। ठाकुर ने कहा कि इस अचानक लिए गए फैसले ने इन परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार किया है, जिससे सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं।
ग्रामीण जीवन पर 'अव्यावहारिक' फैसले
लाहौल में एलपीजी (LPG) के इस्तेमाल को लेकर हो रही कार्रवाई पर भी भाजपा नेता ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि खेतों और खलिहानों में खाना पकाने के लिए एलपीजी के इस्तेमाल पर चालान काटना पूरी तरह से अव्यावहारिक है। ठाकुर के अनुसार, यह सरकारी आदेश जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है और ग्रामीण निवासियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाला है।
किसानों और बागवानों पर दोहरी मार
बजट की कमी का हवाला देते हुए सरकार द्वारा किसानों और बागवानों की सब्सिडी बंद करने पर भी रवि ठाकुर ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि और बागवानी है। सब्सिडी बंद करने से इन क्षेत्रों पर निर्भर हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई है, जिससे बागवान और किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।"
सरकार से फैसले वापस लेने की मांग
भाजपा नेता रवि ठाकुर ने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में मजदूर, किसान, बागवान और आम आदमी—सभी वर्ग कांग्रेस सरकार से निराश हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जनविरोधी निर्णयों को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए और जनता के वास्तविक हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाए जाएं।

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