नाथ परंपरा की गुरु-शिष्य धारा को वैश्विक मंच पर पहुंचा रहे हिमालयन सिद्धा अक्षर डॉ विजय शुक्ल लोकल न्यूज ऑफ इंडिया सिडनी/दिल्ली। हिमालय की तपोभूमि से निकली भारतीय योग परंपरा अब ऑस्ट्रेलिया की धरती पर नई चेतना का संचार कर रही है। प्राचीन नाथ परंपरा की गुरु-शिष्य परंपरा से सिंचित हिमालयन सिद्धा अक्षर इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में हिमालयी सिद्ध योग, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय योग ज्ञान की मूल भावना से दुनिया को परिचित करा रहे हैं। हिमालयन सिद्धा अक्षर को बाबा बालकनाथ परंपरा से जुड़े गुरु-शिष्य मार्ग से प्राप्त आध्यात्मिक ज्ञान और योग साधना का वाहक माना जाता है। उनकी योग यात्रा आधुनिक योग के केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह योग को उसके मूल स्वरूप—साधना, आत्मअनुशासन, चेतना जागरण और जीवन संतुलन के विज्ञान के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित हो रहे उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग योगासन, प्राणायाम, ध्यान, मुद्राओं, त्राटक साधना और हिमालयी योग पद्धतियों का अनुभव कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य योग को...