सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

CM भुपेश का बड़ा फैसला: सेवानिवृत्ति की आयु अब 58 वर्ष से बढ़कर 60 वर्ष

वानिवृत्ति की आयु अब 58 वर्ष से बढ़कर 60 वर्ष


छत्तीसगढ़(Chhattisgarh) सरकार ने प्रदेश के निजी क्षेत्र के कारखानों और संस्थानों में कार्यरत (Private sector factories)कर्मचारियों-कर्मकारों (Workers)की सेवानिवृत्ति (Retirement)की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी है। इससे इन क्षेत्रों में कार्यरत लाखों कर्मकारों को दो वर्ष और सेवा करने का मौका मिलेगा।


यह ऐतिहासिक फैसला छत्तीसगढ़ औद्योगिक नियोजन (नियोजन आदेश) अधिनियम 1961 के प्रावधान के तहत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया के निर्देश पर लिया गया है। इस आशय की अधिसूचना 5 अगस्त 2019 को असाधारण राजपत्र में प्रकाशित की जा चुकी है। अब माह अगस्त से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को इसका तत्काल लाभ मिलेगा।


उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के प्रावधान के अनुसार राज्य के छोटे-बड़े सभी प्रकार के व्यपारियों-व्यवसायियों को अपने दुकान एवं स्थापना का केवल एक बार पंजीयन कराने का भी निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के प्रावधान के तहत दुकान एवं स्थापना का पंजीयन श्रम विभाग में कराना आवश्यक होता है। इस पंजीयन का हर पांच वर्ष बाद नवीनीकरण कराने का प्रावधान था। प्रदेश के व्यपारियों द्वारा लंबे समय से नवीनीकरण के प्रावधान समाप्त करने की मांग की राज्य सरकार से की जा रही थी। व्यपारियों के मांग को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और श्रम मंत्री डॉ. शिव डहरिया के निर्देश पर श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के तहत दुकान एवं स्थापनाओं के पंजीयन प्रत्येक पांच वर्ष में नवीनीकरण करवाए जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। अब प्रदेश के छोटे बड़े सभी प्रकार के व्यपारियों को उनके दुकान अथवा स्थापना का केवल एक बार पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के नवीनीकरण कीर आवश्यकता नहीं होगी। व्यपारियों के लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने से व्यपारियों को नवीनीकरण के लिए लगने वाले राशि, समय एवं उर्जा की बचत होगी।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वेतन तो शिक्षक का कटेगा भले ही वो महिला हो और महिला अवकाश का दिन हो , खंड शिक्षा अधिकारी पर तो जांच जारी है ही ,पर यक्ष प्रश्न आखिर कब तक  

महिला अवकाश के दिन महिलाओ का वेतन काटना तो याद है , पर बीएसए साहब को डीएम साहब के आदेश को स्पष्ट करना याद नहीं - शीतल दहलान , जिला अध्यक्ष , प्राथमिक शिक्षक संघ   सिस्टम ही तो है वरना जिस स्कूल में छः और आठ महीने से कोई शिक्षक नहीं आ रहा वहा साहब लोग जाने की जरूरत नहीं समझते  , पर महिला हूँ चीख चिल्ला ही सकती हूँ , पर हूँ तो निरीह ना - शीतल दहलान  विजय शुक्ल लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया दिल्ली।  खनन ,और शिक्षा दो ही ऐसे माफिया है जो आज सोनभद्र को दीमक की तरह खोखला कर रहे है, वो भी भ्रष्ट और सरपरस्ती में जी रहे अधिकारियो की कृपा से। बहरहाल लोकल न्यूज ऑफ इंडिया और कई समझदार लोग शायद शिक्षक पद की गरिमा को लेकर सोनभद्र में चिंतित नजर आते है।   चाहे म्योरपुर खंड शिक्षा अधिकारी को लेकर बेबाक और स्पष्ट वादी विधायक हरीराम चेरो का बयान हो कि   सहाय बदमाश आदमी है   या फिर ऑडियो में पैसे का आरोप लगाने वाली महिला शिक्षिका का अब भी दबाव में जीना और सिस्टम से लगातार जूझना जो जांच की छुरछुरछुरिया के साथ आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी को अपने रसूख और दबाव का खेल घूम घूम कर साबित करने की इजाजत देता हो। 

विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्तिथि को लेकर जारी शासनादेश से पैदा हुई उहापोह की स्तिथि साफ़ करे बीएसए - शीतल दहलान , जिला अध्यक्ष , उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ , सोनभद्र 

विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्तिथि को लेकर जारी शासनादेश से पैदा हुई उहापोह की स्तिथि साफ़ करे बीएसए - शीतल दहलान  , जिला अध्यक्ष , उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ , सोनभद्र        सूर्यमणि कनौजिया  लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया  सोनभद्र। जनपद में ताजा ताजा जारी एक शासनादेश से शिक्षकों में एक उहापोह की स्तिथि बन गयी है जिसको लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष शीतल दहलान ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि  वो इसको स्पष्ट करे।  पूरा मामला  मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के दिनांक 30/08/2020 के शासनादेश संख्य2007/2020/सी.एक्स-3 के गाइड लाइन अनुपालन के क्रम में जिला मैजिस्ट्रेट /जिलाधिकारी सोनभद्र के दिनांक 31/08/2020 के पत्रांक 5728/जे.एनिषेधाज्ञा/ कोविड- 19/एल ओ आर डी /2020 के आदेशानुसार जिसके पैरा 1 मे उल्लिखित निम्न आदेश पर हुआ है।  जिसमे    1. समस्त स्कूल कॉलेज, शैक्षिक एवं कोचिंग संस्थान सामान्य शैक्षिक कार्य हेतु 30 सितम्बर 2020 तक बंद रहेंगे। यद्यपि निम्न गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति होगी a. ऑनलाइन शिक्षा हेतु अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित

बेकार नहीं जाएगा ग्रामीणों का अंगूठा, होगा मान्य मतदान - एडीएम सोनभद्र

अगर   पहचान पत्र की पुष्टि के बाद अगूंठा सही से दबा कर मतपत्रों पर लगाया गया होगा तो वो मान्य होगा। और जनपद के सभी मतगणना केन्द्रो पर मान्य होगा - एडीएम सोनभद्र  विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  सोनभद्र , दिल्ली।   हजार किलोमीटर दूर बैठे बैठे मुझे मेरे टोली ने खबर दी की इस बार चुनाव में ज्यादातर भोले भाले आदिवासी अगूंठा ठोककर चले आये हैं और ना जाने कितने प्रधान , पंचायत सदस्य , जिला पंचायत सदस्य का भविष्य इन अंगूठो  के सहारे निपट जाय अगर यह सब अमान्य करार दिए जाय।  सोनभद्र हैं सब कुछ जायज हैं पर जब अंगूठा लगाने और उसकी वजह से उदास आदिवासी मतदाताओं का दुःख पता चला जिन्होंने वाकई में यह आखिरी रात को और ज्यादा दर्द भरी बनाने के लिए काफी था खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जिनको इन अंगूठे के मालिकानों से बस इस घड़ी के लिए उम्मीद थी क्योकि इन आदिवासी अंगूठा धारको का मालिकाना हक़ कल के बाद से फिर पांच साल के लिए इन्ही प्रधान जी और पंचायत जिला पंचायत सदस्य लोगो की कृपा पर निर्भर करेगा और उनका अंगूठा तो आपको पता हैं कि  कब लगेगा ? इसी उंहापोह की स्तिथि को सुलझाने का काम करने के लिए हमने डीएम सोनभद्र