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सवाल है कि सूरत बदले

उन्नाव वलात्कार कांड में कोर्ट ने पूर्व वीजेपी नेता कुलदीप _सिंह सेंगर को दोषी ठहरा दिया हैयानी कहा जा सकता है कि इस मामले में कम से कम सीमित अर्थों में न्याय हुआ हैलेकिन ये इंसाफ वहुत महंगी कीमत चुकाने के वाद हासिल हआ इस क्रम में पाडिता का पूरा परिवार वर्वाद हो गया | चूंकि मामला मीडिया में उठता रहा, वलात्कार के कुल 1,46,201 छात्रा से एक चलती बस में इसलिए सेंगर तक कानून के र मामलों की सुनवाई हो रही थी, वजयपथ सामूहिक बलात्कार किया गया थाहाथ पहुंचे। मगर अक्स लेकिन इसमें से 18,333 मामलों सड़क पर फेंके जाने से पहले उस वलात्कार कांडों में ऐसा नहीं लिए कानूनों को सख्त वनाये जाने दोषसिद्धि दर कम थी। हाल के वर्षों का ही अदालतों ने निपटारा किया। पर गंभीर रूप से हमला किया गया र न्नाव वलात्कार कांड में कोर्ट ने पूर्व वीजेपी नेता कुलदीप होता इस वात की तस्दीक राष्ट्रीय के वावजूद वलात्कार के मामलों में में वलात्कार के मामलों में दोषसिद्धि जानकारों का कहना है कि था वाद में उसकी मौत हो गई __ अपराध रिकॉर्ड व्यूरो (एनसीआरवी) दोषसिद्धि दर कम है। 2017 के सिंह सेंगर को दोषी ठहरा दिया हैदर बढ़ी भी है, तो आरोपपत्र वलात्कार मामलों की जांच करने थी। इस भयानक कांड के वाद के आंकड़े भी करते हैं। उनके एनसीआरवी के आंकड़ों के (चार्जशीट) दायर करने की दर वाले पुलिस के क्षेत्रीय कर्मचारियों वलात्कार के कानून को सख्त यानी कहा जा सकता है कि इस मुताविक दिल्ली के निर्भया सामूहिक अनुसार, 2017 में वलात्कार के कम हो गई है। यानी समस्या दूसरी को अधिक कुशल बनाने की बनाया गया। लेकिन उससे सुरत मामले में कम से कम सीमित अर्थों वलात्कार के सात साल बाद भी में न्याय हुआ हैलेकिन ये इंसाफ ज्यादा नहीं बदली है। अभी मामलों की कुल संख्या 1,46,201 जगह शिफ्ट हो गई है। एनसीआरवी जरूरत है। अभी उप-निरीक्षक देश में वलात्कार के मामलों में थी, लेकिन उनमें से केवल 5,822 के आंकड़ों के मुताविक, 2017 में स्तर का अधिकारी आरोप पत्र हैदरावाद कांड से फिर इस मुद्दे पर वहुत महंगी कीमत चुकाने के वाद हासिल हआ इस क्रम में पाडिता आरोपी के दोषी ठहराए जाने की दर लोगों को ही दोषी ठहराया जा चर्जशीट दायर करने की दर 86.4 दायर करता है। ऐसे में तथ्यों की वहस छिड़ी । लेकिन असल में सिर्फ 32.2 प्रतिशत है। इस घटना सका 2017 में मेट्रोपॉलिटन फीसदी थी, जवकि 2013 में यही गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं हो पाती। सूरत कैसे वदले, ये सवाल का पूरा परिवार वर्वाद हो गया | चूंकि के वाद यौन उत्पीड़न से निपटने के शहरों में भी वलात्कार के मामलों में दर 95.4 फीसदी थी। 2017 में 2012 में दिल्ली में 23 वर्षीय एक कायम है।


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