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एक्टिंग स्कूल हैं श्रीदेवी , हेमामालिनी , रेखा और अजय देवगन , मैं हर्षदा पाटिल अभिनेत्री नहीं एक स्टूडेंट हूँ

विजय शुक्ल 

लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया

दिल्ली।हर्षदा पाटिल अभी उम्र के तेईसवें  साल में है और उनकी फ़िल्मी सफर में अब कई अनुभव शामिल है तो कई अनछुए गलियारे अभी उनका इन्तजार कर रहे है।  पर ना जाने ऐसा क्यों लगा कि वो उतनी ही बेबाक है जितनी कंगना रनौत  और उतनी ही संजीदा और हाजिरजबाब जितनी रेखा।  उनकी खिलखिलाती नॉनस्टॉप हंसी मानो जैसे श्रीदेवी का चांदनी का किरदार सामने बैठा हो.आज मैंने जाना कि श्रीदेवी , नरगिस जी , रेखा जी का संजीदा अभिनय और अजय देवगन की बेहतरीन एक्टिंग का राज उनका किरदार की असलियत जिंदगी में जीना है वो समाज के दर्द को समझते है वो स्क्रिप्टेड एक्टिंग के स्टूडेंट की तरह नहीं है ऐसा मई नहीं मेरा अनुभव कह रहा है क्योकि मैं एक्टिंग करती हूँ पर वक़्त काम होने के कारण एक्टिंग की इन बड़ी हस्तियों को देख काम पाती थी अब चूंकि लॉक डाउन है तो थोड़ा वक़्त मिला सबको देखने का और यकीन मानिये यह सभी किरदार अपने अपने बेहतरीन अभिनय के बेताज बादशाह है चाहे वो गंगाजल में अजय देवगन का अभिनय हो जिसमे वो पुलिस वाले बने है या फिर सिंघम हो कॉमेडी एक्शन और संजीदगी का सही प्रयोग है और जब मैं इंडस्ट्री की महान अदाकारा श्री देवी , नरगिस ,हेमामालिनी , रेखा जी  को देखती हूँ तो उनके चलने ,उठने ,बैठने में जो अपनापन है रियलिटी है वो साफ़ महसूस होता है।  मैंने जब पैडमैन में अक्षय कुमार के साथ काम किया तो मुझे काफी कुछ सीखने को मिला और अब जब मैं मराठी मूवी और तेलुगु मूवी कर चुकी हूँ और लेडी सिंघम से लेकर एक दक्षिण भारतीय किरदार के रूप में इंडस्ट्री में हूँ तो लगता है की इन लोगो ने इस मुकाम को पाने में कितनी मेहनत  की होगी।  पर यकीन मानिये हम सब रोजाना सीखते है और यह दुनिया ही हमें सब कुछ सिखाती है पर यह लोग जो इतनी बेहतरीन एक्टिंग करते है यह सब स्कूल है एक्टिंग की।  हम इनसे बहुत मोटीवेट भी होते है और जब मेरे फैंस मुझे मेरे किरदार की तारीफ़ या खिचाई करते है तो लगता है कि हमसे ज्यादा हमारे फैंस उस किरदार में जीते है। 


वो तीन घंटे में हमारी ३०० दिनों की मेहनत का फैसला करते है इसलिए हमारी जिम्मेवारी उनके प्रति और समाज के प्रति ज्यादा बढ़ जाती है।  काश जल्द ही मैं अजय देवगन जैसे किरदार जैसा कुछ कर पाऊं . आने वाले समय में हिंदी सिनेमा में अलग अलग कई सामजिक प्रयोग होने वाले है और अगर समाज का सही आइना दिखाने वाली कोई मूवी आये और उसमे मुझे अभिनय का मौक़ा मिले जिसमे अजय देवगन जैसी शख्शियत हो तो मेरा काम करना मानो लाइव स्कूलिंग और लर्निंग होगी

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