सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

प्लाज्मा दान करने को आगे आएं ठीक हुए लोग: नवीन गोयल

प्लाज्मा दान करने को आगे आएं ठीक हुए लोग: नवीन गोयल


 



  • प्लाज्मा डोनेशन को सरकार का पूर्ण सहयोग दे रही कैनविन फाउंडेशन

  • अब तक करीब एक दर्जन लोगों को प्लाज्मा करवाए हैं डोनेट

  • स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर नियमित तौर पर कोरोना जांच शिविर भी लगा रहे

  • कोरोना महामारी काल में शुरू से ही सक्रिय है कैनविन फाउंडेशन



शक्तिराज
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 
गुरुग्राम। कोरोना महामारी काल में सरकार के साथ कैनविन फाउंडेशन अपनी अहम भूमिका निभा रही है। कोरोना से ग्रसित होकर ठीक हो चुके लोगों के प्लाज्मा डोनेट करवाने को संस्था ने व्यापक पैमाने पर अभियान छेड़ रखा है। अपने स्तर पर प्लाज्मा डोनेट के लिए प्रचार, लोगों में जागरुकता समेत तमाम तरीकों से संस्था इस काम में लगी है। कैनविन शहर की एक मात्र ऐसी संस्था है, जो कि कोरोना महामारी काल में शुरुआत से लेकर अब तक किसी न किसी रूप में जनहित के कार्य कर रही है। 
कैनविन फाउंडेशन के सह-संस्थापक नवीन गोयल ने कहा है कि गुरू द्रोण की नगरी में दानवीरों की कमी नहीं है। उनकी कोरोना संक्रमित होकर ठीक हुए लोगों से अपील है कि वे प्लाज्मा डोनेट करने को आगे आएं। इस बीमारी को अवसर मान कर दूसरों का जीवन बचाएं। क्योंकि कोरोना संक्रमितों को ठीक हुए लोगों का ही प्लाज्मा चढ़ाया जा सकता है। कोरोना संक्रमितों को कोरोना से ठीक हुए लोगों का प्लाज्मा डोनेट करने की शुरुआत भी कैनविन फाउंडेशन की ओर से ही की गई। 31 जुलाई 2020 से प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कादीपुर में रोटरी प्लाज्मा बैंक की शुरुआत हुई। उसी दिन कैनविन ने 4 लोगों के प्लाज्मा डोनेट करवाकर अच्छी शुरुआत की थी। उसके बाद से लगातार कैनविन की टीम इस कार्य में दिन-रात मेहनत कर रही है। कोरोना को लेकर जिस तरह से संस्था ने व्यक्तिगत तौर पर, तकनीक का सहारा लेकर, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से, पंपलेट से, सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरण अभियान चलाया है, उससे लोग जागरुक भी हुए हैं। नवीन गोयल के मुताबिक कोरोना महामारी के दौरान समाजसेवा के अन्य कार्य भी उन्होंने शुरू किए। खुद मंडलायुक्त डा. अशोक सांगवान, उपायुक्त अमित खत्री, सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव ने भी कैनविन के कार्यों की सराहना की है।    
संस्था द्वारा अब तक दी गई सेवाओं का विवरण
नवीन गोयल ने बताया कि संस्था ने कोरोना काल में अब तक 25320 लोगों तक होम्योपैथी दवाओं का वितरण करने के साथ 15 फीसदी छूट पर 7535 लोगों को दवाओं की होम डिलीवरी कराई है। 2500 से अधिक लोगों का कैंप लगाकर कोरोना टेस्ट कराया गया है। करीब 1000 लोगों की ऑनलाइन कंसल्टेंसी की गई। लोगों को घर बैठे एक्स-रे, ईसीजी व एबीजी की जांच सुविधा भी दी गई। अब तक 683 लोगों का लैब टेस्ट किया गया। एम्बुलेंस सेवा 1800 लोगों को दी गई। वहीं 7 लोगों का प्लाज्मा भी डोनेट कराया गया है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बेकार नहीं जाएगा ग्रामीणों का अंगूठा, होगा मान्य मतदान - एडीएम सोनभद्र

अगर   पहचान पत्र की पुष्टि के बाद अगूंठा सही से दबा कर मतपत्रों पर लगाया गया होगा तो वो मान्य होगा। और जनपद के सभी मतगणना केन्द्रो पर मान्य होगा - एडीएम सोनभद्र  विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  सोनभद्र , दिल्ली।   हजार किलोमीटर दूर बैठे बैठे मुझे मेरे टोली ने खबर दी की इस बार चुनाव में ज्यादातर भोले भाले आदिवासी अगूंठा ठोककर चले आये हैं और ना जाने कितने प्रधान , पंचायत सदस्य , जिला पंचायत सदस्य का भविष्य इन अंगूठो  के सहारे निपट जाय अगर यह सब अमान्य करार दिए जाय।  सोनभद्र हैं सब कुछ जायज हैं पर जब अंगूठा लगाने और उसकी वजह से उदास आदिवासी मतदाताओं का दुःख पता चला जिन्होंने वाकई में यह आखिरी रात को और ज्यादा दर्द भरी बनाने के लिए काफी था खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जिनको इन अंगूठे के मालिकानों से बस इस घड़ी के लिए उम्मीद थी क्योकि इन आदिवासी अंगूठा धारको का मालिकाना हक़ कल के बाद से फिर पांच साल के लिए इन्ही प्रधान जी और पंचायत जिला पंचायत सदस्य लोगो की कृपा पर निर्भर करेगा और उनका अंगूठा तो आपको पता हैं कि  कब लगेगा ? इसी उंहापोह की स्तिथि को सुलझाने का काम करने के लिए हमने डीएम सोनभद्र

अड़ीबाज़ एवं ब्लैकमेलर फैसल अपने आप को पत्रकार एवं FMSCI का मेंबर बताने वाला निकला फर्जी

  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  भोपाल।  राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां फैसल मोहम्मद खान नाम का शातिर व्यक्ति अपने आपको फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया FMSCI का सदस्य अपने आप को पत्रकार बता रहा था, जिसको लेकर वह लोगों के साथ फोटोग्राफी के नाम पर ब्लैकमेलिंग का काम करता है कई मोटर स्पोर्ट्स इवेंटो की वीडियो बनाकर लोगों को ठगने का काम भी इस शातिर द्वारा किया जा रहा था। इसी को लेकर जब एफएमएससीआई के पदाधिकारियों से इस विषय पर बात करी गई तो उन्होंने बताया कि इस नाम का हमारा कोई भी सदस्य भोपाल या आस पास में नहीं हैं, एफएमएससीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह ब्लैकमेलिंग कर लोगों से मोटर स्पोर्ट्स इवेंट के नाम पर पैसे हेटने का काम करता है। जब कोई ऑर्गेनाइजर मोटर स्पोर्ट्स इवेंट करते हैं तो यह वहां पर कई अन्य साथियों के साथ मिलकर अपनी धोस जमाकर, फोटोग्राफी के काम को लेकर जबरन उन ऑर्गनाइजर पर दबाव बनाता है एवं ब्लैकमेलिंग कर उनसे पैसे हेटने का काम इसके द्वारा किया जाता है।

योगी जी आपका यह बेसिक शिक्षा मंत्री ना तो तीन में न तेरह में ......

शिक्षक नहीं बंधुआ मजदूर और दास प्रथा वाली फीलिंग आती है, अँग्रेजो की सरकार शायद ऐसे ही रही होगी। अब हम तो खतरे में हैं ही लगता हैं अब सरकार भी खतरे में हैं  - शीतल दहलान , जिला अध्यक्ष , महिला शिक्षक संघ , सोनभद्र  1671 शिक्षकों की मौत का आकड़ा चुनाव के दौरान का हैं।  बड़ा अजब गजब हैं यह मंत्री के तीन मौत का आकड़ा। यह शर्म की बात हैं।  मौत पर मजाक करना दुखद हैं. बाकी डिपार्टमेंट के लोगो की तो वैक्सीनेशन तक करवाई गयी पर शिक्षकों को तो बस मौत के बाजार में उतार दिया गया  - इकरार हुसैन, ब्लॉक अध्यक्ष , म्योरपुर, सोनभद्र , प्राथमिक शिक्षक संघ  विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  दिल्ली। मीडिया से दो गज की सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखने की हिदायत देने वाले रामराज में सब कुछ ठीक ठाक हैं क्योंकि अब गंगा में गश्त लगाती पुलिस हैं लाशो को बेवजह वहाँ भटकने से रोकने में।  क्योकि लड़ाई तो सारी  मुर्दा लोगो को लेकर ही हैं यूपी में।  तो अब यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री जिन्होंने लाशो की गणित में विशारद की होगी शायद का विवादित बयान उसी की एक बानगी हैं। जिनके हिसाब से चुनाव में कुल शिक्षकों में सिर्फ तीन की मौत ह