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शिवराज सिंह चौहान ने सिर्फ विकास की योजनाए नहीं बनाई बल्कि जनजातियों को उनके अधिकार दिए - अमित शाह , गृहमंत्री भारत सरकार

कांग्रेस ने नहीं किया कभी जनजातियों का कल्याण - अमित शाह 



प्रिया पटवाल 

लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 

दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने जबलपुर में बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस ने कभी भी जनजातियों का कल्याण नहीं किया। कांग्रेस ने सिर्फ जनजातीय कल्याण की बात उनके वोट लेने के लिये की है। सिर्फ उनकी भावनाओं को बाँटा है। अलग-अलग दल खड़ा कर अलग-अलग लोगों को आगे लाकर जनजातियों के वोटों में बंटवारा हो, इस प्रकार की भावना कर दी है। भारतीय जनता पार्टी जनजातियों के विकास के लिये कटिबद्ध है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनजातियों के विकास के लिये बनाई गई विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई है। श्री चौहान ने सिर्फ विकास की योजनाएँ ही नहीं बनाई बल्कि जनजातियों को उनके अधिकार भी देने की शुरूआत की है।

 श्री शाह ने कहा कि केन्द्र के वार्षिक बजट में जनजातियों के विकास के लिये कांग्रेस के शासन काल वर्ष 2013-14 में जहाँ 4200 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान थावहीं भाजपा के शासन काल में वर्ष 2021-22 में बजट प्रावधान 7900 करोड़ कर दिया गया है। इसी तरह जनजातियों के विकास से संबंधित अन्य कम्पोनेन्ट में 2013-14 में 21,500 करोड़ रूपये का प्रावधान थावहीं 2021-22 में इसे 78,900 करोड़ रूपये कर दिया गया है। अनुसूचित जनजाति का कवरेज 24 से बढ़ाकर 41 मंत्रालयों में कर दिया गया है। प्रत्येक अनुसूचित जनजाति बहुल विकासखंड में आवासीय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। 167 स्वीकृत हो गये हैं। कुल 250 विद्यालय बनाये जाने हैं। देश में ट्रायबल रिसर्च इन्स्टीट्यूट 18 से बढ़ाकर 27 कर दिये गये हैं। इस कार्य के लिये बजट 7 करोड़ से बढ़ाकर 150 करोड़ रूपये कर दिया गया है। श्री शाह ने बताया कि जनजातीय लोगों द्वारा उत्पादित सामग्री की खरीदी के लिये जहाँ कांग्रेस के शासन काल में 9 राज्यों से 10 उत्पादों की अनुमति थीवहीं अब सभी राज्यों में 49 उत्पादों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिये डिस्ट्रिक मिनरल फंड बनाया गया है। इसके माध्यम से 51 हजार करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्य जनजातीय क्षेत्रों में कराये गये हैं।

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