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  • -प्रैस विज्ञप्ति।
  • -किसानों के गांधी आंदोलन के आगे देश का प्रधानमंत्री झुका;-डा सुशील गुप्ता, राज्यसभा सांसद, आम आदमी पार्टी।
  • -संसद में बिल लाकर काले कानून वापस ले, शहीद किसानों को सच्ची श्रद्वांजलि दे प्रधानमंत्री;-डा सुशील गुप्ता, राज्यसभा सांसद, 
  • --आतंकवादीए खालिस्तानी और राष्ट्र विरोधी कह कर किसानों के हौसले तोड़ने की कोशिश की गईं  लेकिन आजादी के दिवानों की तरह किसानों ने लड़ाई लड़ी और जीते. डा सुशील गुप्ता, राज्यसभा सांसद, आम आदमी पार्टी।

प्रिया पटवाल

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया



चंडीगढ: मैं सबसे पहले उन शहीद किसान भाइयों को नमन करता हूं, जिन्होंने तीन काले कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए अपना बलिदान दिया। उनकी शहादत ने ही  सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इतिहास आपको सदैव याद रखेगा। यह बात  राज्यसभा सांसद डा सुशील गुप्ता ने अपनी श्रद्वांजलि किसानों के प्रति अर्पित करते हुए कही। 

उन्होंने कहा कि किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन के कारण ही आज देश के प्रधानमंत्री को अपने तीनों काले कृषि कानून वापस लेने को मजबूर होना पडा,बल्कि शाहदत और कुर्बानी के बाद देश के अन्नदाता की बदौलत आज मोदी सरकार की तानाशाही का अंत हुआ उसके अहंकार का अंत हुआ। उन्हें मजबूर होकर चुनाव में हार के डर के कारण तीनों कृषि कानून वापस ले लेना पडे। मैं इसके लिए सभी अन दाताओं को शुभकामनाएं देता हूं, बधाई देना चाहता हूं उनके आंदोलन को नमन करना चाहता हूं  शांतिपूर्ण संघर्ष की बदौलत आज यह तीनों कानून वापस हो गए। 

हरियाणा सहप्रभारी डा गुप्ता ने संदेह जताते हुए कहा क्या नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को सिर्फ चुनाव में हार के डर से ऐसा करना पडा है। उन्होंने कहा अहिंसा के इस आंदोलन में लगभग 900 से अधिक किसान शहीद हो गए। मगर उन्होंने यह कानून वापस नहीं लिया।  शाहदत के दौरान अगर आप खामोश ना होते तो शायद ऐसे ही स्थिति पैदा ना होती।



डा गुप्ता ने कहा भारत के अन्नदाता किसानो पर एक साल तक घोर अत्याचार हुआ है । सैंकड़ों किसानो की शहादत हुई। अन्नदाताओं को आतंकवादी कह कर अपमानित किया गया। मगर किसानों ने एक बार फिर बता दिया है कि उनसे बगैर पूछे समझे कोई भी कानून बनाना उचित नहीं. किसान को मूर्ख ना समझें।

डा गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोदी से अपनी तीन मांगे रखी और कहा मोदी जी इस कानून को निरस्त करने के लिए संसद में बिल  लाएं और एमएसपी के मामले में कानून को स्वरूप देने के लिए सभी किसानों के दलों से चर्चा करें, आगामी सत्र में किसानों के पक्ष में एमएसपी के लिए कानून लाएं, इसके अलावा जो कृषि कानून की लड़ाई में शहीद हुए हैं, किसानों की उनकी शहादत को याद किया जाए उन्हें राहत राशि दी जाए। 

उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि आम आदमी पार्टी पहले दिन से ही उक्त तीनों काले कानून के खिलाफ संसद से सडक तक साथ थी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी धन्यवाद दिया और कहा कि वह हमेशा से ही किसानों के पक्ष मंे खडे रहे।


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