सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सीबीआई से करवाई जाए पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच : चौ. राम कुमार

पुलिस भर्ती प्रकरण व ईएसआई पीएफ में हो रही धांधली को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

दून कांग्रेस ने पूर्व विधायक चौ. राम कुमार की अगुवाई में राज्यपाल को भेजा ज्ञापन



विवेक अग्रवाल 
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

ऊना। दून कांग्रेस ने मंगलवार को तहसील कार्यालय बद्दी के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करवाने और उद्योगों में युवाओं के साथ हो रहे शोषण को लेकर कांग्रेस ने उग्र रूप दिखाया। तहसीलदार बद्दी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कांग्रेस ने दोनों मामलों पर जांच करवाने और कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार को तहसील कार्यालय बद्दी में पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी व दून ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुलतार मैहता की अगुवाई में भारी संख्या में युवा एकत्रित हुए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं एक हस्ताक्षरित ज्ञापन तहसीलदार बद्दी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को भेजा गया। ज्ञापन के माध्यम से दून कांग्रेस ने पुलिस भर्ती पेपर लीक प्रकरण की जांच सीबाईआई से करवाने की मांग की। पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी ने कहा कि इस प्रकरण से प्रदेश लाखों युवाओं के साथ भद्दा मजाक हुआ। 76 हजार बेरोजगार युवाओं ने पुलिस भर्ती की परीक्षा दी जो आज सरकार की लापरवाही का शिकार हुए। एक तो पहले ही युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं ऊपर से प्रदेश सरकार की नाकामी का दंश भी अब युवाओं को झेलना पड़ रहा है।
सरकारी क्षेत्र में जहां युवाओं से मजाक किया जा रहा है वहीं उद्योगों में भी शोषण का सिलसिला जारी है। उद्योगों मं कार्यरत युवाओं को न तो न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है वहीं न उन्हें ईएसआई और पीएफ की सुविधा मिल रही है। ईएसआई और पीएफ के नाम पर ठेकेदार और कंपनियां मिलकर धांधली कर रही हैं। राम कुमार चौधरी ने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। सरकार की नाक तले पुलिस भर्ती का पेपर लीक हो गया जो कि शर्मनाक है और युवाओं के साथ धोखा है। वहीं उद्योगों में भी युवाओं का शोषण कर उन्हें निचोड़ा जा रहा है। कमरतोड़ काम के बाबजूद भी न तो मेहनत के पैसे मिल रहे और न ही उन्हें ईएसआई पीएफ की सुविधा। दून कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर जहां पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग उठाई वहीं उद्योगों में हो रहे शोषण पर भी सख्त नियम बनाने की गुहार लगाई।
इस मौके पर पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी के साथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुलतार मैहता, प्रधान भाग सिंह, हुस्न चंद, मलकीयत सिंह, दिनेश कुमार, राम लाल, जितेंद्र ठाकुर, हैप्पी सिंह, सुभाष कुमार, चरणजीत सिंह, लेखराम नंबरदार, राम स्वरूप, सुरेंद्र ठाकुर, अजय कुमार, प्रदीप धीमान, रमन कुमार, बलदेव, देवेंद्र, तरूण, बिट्टू, शिव कुमार, नरेंद्र ठाकुर, माधव कौशल, मलूकचंद समेत भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नायाब सितारा"

कारनामों की भब्य चमक के साथ एक बार फिर सुर्खियों में छाया 'म्योरपुर' भब्य व्यवस्था से शिक्षक समाज हुआ स्तब्ध, 'म्योरपुर के गौरव'का हुआ स्वागत  लग गया मजमा, बढ गया रुतबा... सिर गर्व से हुआ ऊचा, आशा की किरण और व्यवस्था बचाने की दिव्य मुहिम के बीच  निखरने लगी "आभा" मेधा की चमक, शिक्षक सतर्कता के साथ कर्मयोगी का हुआ जय- जयकार!  चमकते सूरज की तरह परीक्षाओं की तपिश में कुन्दन बनकर निकले 'नये खण्ड शिक्षा अधिकारी' निष्ठा फैलाने की ललक, परम्परा,सिद्धांत त्याग,एवं समर्पण के बीच बेसिक शिक्षा म्योरपुर के गौरव बने "विश्वजीत" "साधना द्विवेदी" लोकल न्यूज़ आफ इन्डिया म्योरपुर, सोनभद्र। परिन्दों को मन्ज़िल मिलेगी यकीनन ए फैले हुए उनके पख बोलते है वे लोग रहते हैं खामोश अक्सर जमाने में जिनके हुनर बोलते है...  जैसे मेधा किसी की मोहताज नहीं होती... बड़े सपने कुछ यूँ ही नहीं पूरे होते उसी तरह कुशल प्रशासक का तमगा यूँ ही नहीं मिलता उसके लिए व्यक्तित्व एवं कृतित्व से विभाग के विविध रगों को सयोजने का काम करना पड़ता है, कुछ इन्ही पक्तियो से प्रेरित गजब के रस

आखिर देश की सबसे बड़ी क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के लाखो निवेशकों को रोजगार और जीविका देने की गति पर पूर्ण विराम क्यों ?

  (फाइल फोटो) विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  दिल्ली।  अखबारों की सुर्खियों पर नजर डाले तो आपको अंदाजा लगेगा कि  वास्तविकता में लगभग दो दशकों तक लाखो  निवेशकों के भरोसे पर खरी साबित होने वाली आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी  लिमिटेड पर आखिर  जांच एजेंसियों ने  प्रवर्तन निदेशालय ने ऐसी कौन सी गड़बड़ी पाई कि इस पर पूर्ण विराम लगाने की ओर उसकी सभी सम्पत्तिया और बैंकिंग सीज करके अब तक यानी लगभग चार साल से एक परिसमापक नियुक्ति तक करवाने में अक्षम रही।  सवाल अगर गड़बड़ी का हैं तो कार्रवाई सुनिश्चित करना ही ऐसी एजेंसियों का धर्म हैं और स्वतः संज्ञान लेकर भी यह अपनी कार्रवाई कर सकती हैं यह भी इनके अधिकार क्षेत्र का यही मामला हैं पर सरकार और सियासी गलियारों के अलावा समाज में रोजगार , बचत और लोगो की जीविका का साधन बनी देश दुनिया में क्रेडिट कोआपरेटिव क्षेत्र में दो दशकों तक बिना किसी विवाद या शिकायतों के चलने वाली इस कोआपरेटिव सोसाइटी पर क्या वाकई लें दें की गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग के कारण ताला लटका या इसमें कोई राजनीतिक रंजिश जैसा भी कोई एंगेल हैं ? यह तो शायद जांच करने के बाद संबंधित विभागीय या

लगभग सोलह लाख निवेशकों वाली आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड पर आखिर क्यों हैं सरकारी चुप्पी

विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  दिल्ली। कई ऐसे मामले हैं जो आम जनता से कोसो दूर अपने आप में कागजो में या फिर कागजी कार्रवाई और सरकारी निर्णय के आस में दम तोड़ रहे हैं और साथ  ही दम तोड़ रही हैं उन निवेशकों की उम्मीदे जिन्होंने बड़ी आस में इस आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में अपनी गाढ़ी कमाई लगाई होगी।  निवेशकों की संख्या हजार दो हजार नहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर साहब के दिए गए बयान की माने तो लगभग सोलह लाख की हैं जो न जाने कितने सदस्यों के परिवार वाली होगी इसका अंदाजा अगर सोसाइटी को कागजी चंगुल से आजादी दिलाने की लड़ाई लड़ रहे लोगो की माने तो लगभग करोड़ पार हैं।  यह माना जा रहा हैं कि वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी यानी मनी लॉन्ड्रिंग के चक्कर में इस कंपनी की सम्पत्तिया और इसके खाते सीज कर दिए गए थे जो कई अलग अलग एजेंसियों द्वारा की गयी कार्रवाई के हिसाब से हुए थे।  परिसमापक ने इस कार्रवाई को अपीलीय न्यायाधिकरण, दिल्ली के समक्ष अपील की हैं और मौजूदा समय में कोई भी संपत्ति परिसमापक के पास निहित नहीं हैं।  एक बार इस परिसंपत्तियों को जारी कर देने पर और उनका परिसमापन करने के