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स्वतंत्रता सेनानियों की सम्मान राशि बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री बधाई के पात्र : प्रेमी देवी

 

  • प्राकृतिक आपदा में दिन रात एक कर कार्य कर रहे मुख्यमंत्री


विजयराज उपाध्याय

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 



बिलासपुर


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों को मिलने वाली सम्मान राशि 25 हजार रुपये करने का ऐलान किया है उसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। हिमाचल प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी परिषद की अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद की सदस्य प्रेम देवी शास्त्री ने मुख्यमंत्री को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई दी है और कहा है कि पिछले दिनों वह स्वयं मुख्यमंत्री से मिली थी तथा उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था। जिसमें उक्त राशि को बधाई जाने की मांग रखी गई थी। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुख वास्तव में स्वतंत्रता सेनानियों के हित चिंतक हैं। क्योंकि उन्होंने उस आग्रह को स्वीकार करते हुए ही यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से स्वतंत्रता सेनानी भारत की आजादी को लाने में महत्वपूर्ण योगदान अदा कर चुके हैं और उनका सम्मान किया जाना उचित है। हिमाचल प्रदेश में हो रहे आपदा से हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के बारे में प्रेमी देवी ने कहा कि इस बारे में बहुत गहर गहन विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि भारी बारिश व भू-स्खलन से जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश के तमाम जिलों में त्रासदी हुई है, उसके पीछे अवैज्ञानिक रूप से विकसित की जा रही कालोनियां व नदी-नालों के किनारे बस रही आबादी को काफी हद तक बड़ा कारण माना जा रहा है। नदी-नाले व खेतों में नई बस्तियों का निर्माण भविष्य के लिए चिंता पैदा कर रहा है। जिला बिलासपुर में भी जिस प्रकार आबादी लगातार बढ़ रही है, उससे जिला में जमीन व जंगल कंकरीट के ढेर में बदल रहे हैं। नदी-नालों का दायरा सिमट रहा है तथा वन क्षेत्र भी लगातार कम हो रहा है।

यही कारण है कि प्रतिवर्ष बरसात के दौरान बादल फटने व भू-स्खलन व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जो त्रासदी हो रही है उससे भी आम लोग सबक नहीं ले रहे हैं।  जिस प्रकार तेजी से वन क्षेत्र घट रहा है तथा बिलासपुर के आसपास का क्षेत्र कंकरीट में तबदील हो रहा है, उससे लोग चिंता में हैं। इसका मुख्य कारण शहरी क्षेत्रों में हो रहा भवन निर्माण है, उसका मलबा अवैध रूप से अवैज्ञानिक तरीके से नदी-नालों में डंप किया जा रहा है। नदी-नालों का दायरा भी इस अवैध डंपिंग से कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दिन रात एक कर के आपदा से निपटने में लगे हैं जिसके लिए पूरे प्रदेश की जनता उनके साथ है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की की हिमाचल प्रदेश को अत्यधिक नुकसान उठाने के कारण आर्थिक पैकेज दिया जाए।

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