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काश मोदी आते मथुरा तो यमुना पान भी होता और सनातनियों का मान भी-विपिन स्वामी

 



लोकल न्यूज आफ इंडिया

"नींव का पत्थर दब जाता है", हां, ऐसा ही तो हुआ है। एक ऐसा व्यक्ति जो,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे सम्बद्ध भारतीय जनसंघ से लेकर जनता पार्टी,अब भारतीय जनता पार्टी तक के सफर में साथ है,और आगे भी साथ ही रहेगा,टस से मस नहीं  होगा। ऐसे व्यक्ति का यह हमारे संवाददाता द्वारा दूरभाष पर सम्पर्क कर, लिया गया विशेष वार्तालाप है। वह व्यक्ति और कोई नहीं विश्व सनातन धर्म रक्षक दल ( वि स ध र दल ) के संस्थापक संरक्षक विपिन स्वामी हैं,जो सनातन धर्म के चारों वर्णों ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र सभी को एक सूत्र में पिरोकर एकजुट करने में दशकों से सनातन धर्म के प्रचार और प्रसार में संलग्न है। गृह जनपद मथुरा से लोकसभा निर्वाचन में तीसरी बार हेमा मालिनी को भाजपा द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने से असहज महसूस कर रहे हैं, क्यों कि निजी ट्विटर अकाउंट से ब्रजमंडल की ओर से मथुरा का प्रतिनिधित्व करने के लिए मोदी जी को आमंत्रित किया था।


 आखिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को " सनातन " मुद्दा बनाना ही पड़ा, अन्यथा "हिन्दुत्व"तक ही सीमित थे। "इस बार चार सौ पार" सनातन के सहयोग से ही पूरा होगा। दशकों से राष्ट्र के विभिन्न प्रान्तों में जमीनी स्तर पर लोगों के मध्य रचनात्मकता लिए सनातन धर्म को सुदृढ़ करने में मग्न वि स ध र दल के संस्थापक संरक्षक विपिन स्वामी विगत कुछ वर्षों से गुजरात में हैं। वहां से सर्वाधिक गुजरात से "यमुना पान" हेतु मथुरा आने वाले श्रद्धालु तीर्थालु , वैष्णवों के मध्य हैं तथा वैष्णवों को यह समझा रहे हैं कि आपको "पान" करने हेतु यमुना का स्वच्छ, निर्मल, कल-कल प्रवाहित अविरल जल की धारा अवश्य प्राप्त होगी , क्यों कि "मोदी है तो मुमकिन है" स्वामी जी,आजकल मोदी जी के गृह प्रदेश के महानगर अहमदाबाद में निवास कर रहे हैं। वार्तालाप के कुछ अंश -


संवाददाता - स्वामी जी आपने मथुरा का प्रतिनिधित्व करने के लिए ब्रजमंडल में स्थापित सनातनियों की ओर से तो मोदी जी को आमंत्रित किया था, पार्टी ने तीसरी बार हेमा मालिनी को प्रत्याशी घोषित कर दिया, आप क्या सोचते हैं ?


स्वामी जी - " फिर इस बार, मोदी सरकार"


संवाददाता - मोदीजी की सरकार तो बनेगी ही, प्रश्न मथुरा जनपद से घोषित प्रत्याशी के संदर्भ में है।


स्वामी जी - हम संगठन से सम्बद्ध हैं, प्रत्याशी तय करना संगठन के अधिकार क्षेत्र में है।


संवाददाता - पिछले दो कार्यकाल अर्थात् दस वर्षों तक मथुरा से सांसद रहीं हेमा मालिनी की उपलब्धियों पर प्रकाश डालें।


स्वामी जी - " कोई टिप्पणी नहीं,मौन, विचार मग्न "


संवाददाता - आपने उत्तर नहीं दिया।जो भी हो,आप स्पष्ट वादी हैं जो कुछ भी सच्चाई है, खुलकर कहें।


स्वामी जी - उपलब्धियां सर्व विदित हैं, इसलिए आपका यह प्रश्न उचित नहीं है।


संवाददाता - ( हंसते हुए ) उपलब्धियां नहीं बताना चाहते, तो अनुपलब्धियों के बारे में ही सही, या कहिए जिन महत्वपूर्ण कार्यों को जनहित में दस वर्षों के कार्यकाल में सम्पन्न हो जाना चाहिए था,वे सम्पन्न न हो सके।


स्वामी जी - मथुरा में श्रीकृष्ण और श्रीकृष्ण की चतुर्थ प्रिया श्री यमुना महारानी की आराधना हेतु विश्व के कौने कौने से श्रद्धालु तीर्थालु भक्त वैष्णव जन, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर दर्शन करने तथा यमुना जल का पान करने आते हैं। यमुना का जल प्रदूषित है,पान नहीं कर सकते और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बैरीकेडिंग के कारण अपमानित होना पड़ता है, यह दशकों की पीड़ा है। मोदी जी ने देश के अतिरिक्त विश्व व्यापी स्वीकार्यता बढ़ाई....,और ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी जी.... ड्रीम में धकेल दिया।सपने अच्छे दिखाये, जागने पर हाथ कुछ नहीं आया।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और यमुना प्रदूषण की पीड़ा जस की तस है।


संवाददाता - स्वामी जी अन्तिम प्रश्न है, इतने पर भी आपका संगठन विश्व सनातन धर्म रक्षक दल ( वि स ध र दल ) मथुरा में हेमा मालिनी जी को चुनावों में विजय प्राप्त करने हेतु प्रचार करने जनता के मध्य जाएगा ?


स्वामी जी - "अवश्य"। यह चुनाव मोदी जी का है। मोदी जी अनभिज्ञ नहीं है। देश के अन्तिम व्यक्ति तक जिसकी पहुंच हो वह भला वि स ध र दल द्वारा निरंतर किये जाने वाले अनुरोध से कैसे अनभिज्ञ रह सकता है, फिर भी महत्वपूर्ण जनहित के अधूरे कार्यों को सम्पन्न कराने हेतु वि स ध र दल ध्यानाकर्षण करायेगा। मोदी जी का विशेष ध्यान मथुरा पर है, आदरणीय मोदी जी, श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा आकर दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। इसी विश्वास के साथ वि स ध र दल जनता के मध्य जाएगा।

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