सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खण्ड शिक्षा अधिकारी की लापरवाही से शिक्षा व्यवस्था बेपटरी,निर्माणाधीन विद्यालय भवन चढ़े भ्र्ष्टाचार की भेंट

 


जयचंद

लोकल न्यूज़ ऑफ इंडिया

बीजपुर/सोनभद्र प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी और महत्वकांक्षी निपुण भारत लक्ष्य और डीबीटी योजना म्योरपुर ब्लॉक में सुचारु रूप से चलती नजर नहीं आ रही है।योजना को शत प्रतिशत अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी खण्ड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर को शौपी गयी है लेकिन बीईओ की उदासीनता और लापरवाह कार्यशैली से ना बच्चे निपुण हो रहे हैँ और ना ही डीबीटी योजना का धन अभिभावकों तक पहुंच रहा है।बताया जा रहा है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर भवन निर्माण कराने वाले शिक्षकों और भगोड़े को प्रशिक्षण और बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के नाम पर संरक्षण देने में ही अपना पुरा ध्यान लगा रखे हैँ।ऐसे में विद्यालयों में पठन पाठन का माहौल खत्म हो गया है।




       शुक्रवार को म्योरपुर ब्लॉक के जरहा,किरबिल,सागोबाँध और म्योरपुर न्याय पंचायत के विभिन्न गांव में पहुँचे भाजपा के प्रतिनिधि  मंडल को ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक विद्यालय नहीं आते हैँ तो विद्यालय के बच्चे निपुण कैसे होंगे।

        मण्डल अध्यक्ष मोहरलाल खरवार को ग्रामीणों ने बताया कि  बच्चों को किताबें पढ़ने नहीं आती   लेकिन खण्ड शिक्षा अधिकारी के दबाव में निपुण दिखाने का खेल म्योरपुर में खेला जा रहा है।फर्जी डाटा भरकर छात्र उपस्थिति एवं निपुण के मामले में जिले के उच्चाधिकारियों को गुमराह कराया जा रहा है।

        मण्डल अध्यक्ष ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए बीएसए से बात कर खण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली,निपुण और डीबीटी धनप्रेशन के संबंध में जाँच कराकर तत्काल कार्यवाही की मांग किया गया।मण्डल अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक अवश्य पहुंचना चाहिए।म्योरपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों में बन रहे विद्यालय भवनों के निर्माण में मानकों की अनदेखी के मामले को भाजपा प्रतिनिधि मंडल द्वारा शनिवार को तहसील दिवस में पहुंच कर उपजिलाधिकारी तक पहुंचाया गया और भवन निर्माण में गैर विभागीय जाँच कराएं जाने की मांग किया गया।

        भाजपा के बभनी मण्डल के अध्यक्ष प्रमोद दुबे,म्योरपुर मण्डल अध्यक्ष मोहरलाल खरवार के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल द्वारा म्योरपुर ब्लॉक के लीलाडेवा,गड़िया,करकोरी,डडीहरा,कर्चाटोला,नगराज,लोझरा,चेखुरी,कुड़पान,मधुबन आदि गांवों में पहुंच कर विद्यालय भवन निर्माण कार्य की जाँच किया गया था। उस दौरान प्राथमिक विद्यालय गड़िया पर तो उपस्थित ग्रामीणों द्वारा भवन निर्माण में वित्तीय अनियमितता और मानकों की अनदेखी को लेकर काफी नाराजगी व्यक्त कर तत्काल कार्यवाही की मांग किया था।भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि भूकंप रोधी सुरक्षित विद्यालय भवन निर्माण के लिये शासन द्वारा लगभग 14 लाख रुपये स्वीकृत किया गया है,लेकिन खण्ड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर द्वारा ज्यादातर भवनों के निर्माण कार्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपने चहेते या संकुल शिक्षकों को शौप दिया गया है।खण्ड शिक्षा अधिकारी के संरक्षण में भवन प्रभारी शिक्षकों द्वारा वित्तीय अनियमितता कर धन आहरण कर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गयी है।भवन निर्माण में मानक के अनुरूप ना तो नींव भरवाया गया ना ही मानक के अनुरूप बालू,गिट्टी,बोल्डर,सरिया,बीम,कालम आदि का निर्माण कार्य में प्रयोग किया गया है।घटिया निर्माण कार्य के कारण कभी भी भविष्य में दुर्घटना हो सकती है।

भाजपा नेताओं ने उक्त के संबंध में जिलाधिकारी,मुख्य विकास अधिकारी सहित मुख्यमंत्री को भी पत्र प्रेषित कर कार्यवाही की मांग की है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सनकी युवक ने धारदार हथियार से किया एक बेजुबान गौ वंश की हत्या : गिरफ्तार

  अरबिंद गुप्ता  लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया  बीजपुर /सोनभद्र.  मामला थाना क्षेत्र बिजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बघाडू के टोला पर्वबतवा का है जहां एक युवक ने मानवता को शर्मसार करते हुए बेजुबान गौ वंश के साथ क्रूरता भरी कारनामे को अंजाम दिया है। पुत्र के इस कारनामे से नाराज पिता बिहारी लाल ने पुलिस को तहरीर दे कर बताया कि उनका 28 वर्षीय पुत्र रामजियावन जंगल से एक लावारिस बछिया पकड़ कर घर लाया और धारदार हथियार से काट कर शव को ठिकाने लगा दिया। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक और उनके नेतृत्व में गठित टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौका मुआयना कर जाँच पड़ताल शुरू कर दिए आरोपी की तलाश जारी थी कि इसी दौरान आरोपी रामजियावन मौका देख कहीं भागने की फिराक में चौक चौराहे का चक्कर काट रहा था कि अचानक पुलिस की नजर पड़ गई और सक्रिय पुलिस के जवानों ने बगैर देर किए युवक को धर दबोचा और पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार किया और बछिया की हत्या में उपयोग किए गए विभिन्न वस्तुओं को भी छिपा कर रखा था अभियुक्त की निशानदेही पर धारदार हथियार जैसे कुल्हाड़ी और नरकुल की रस्सी भी बरामद कर ली गयी। पुलिस ने...

रोहित–त्रिशला : कोसी तट, हिमालय की पवित्र वेदी और वैदिक परिणय

  प्रिया बिष्ट  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  गर्जिया, ढिकुली. उत्तराखंड के रामनगर स्थित ढिकुली क्षेत्र में कोसी नदी के शांत तट पर डॉ. रोहित कटारिया और डॉ. त्रिशला परिहार का विवाह प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता के संतुलित संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। हिमालय की हरित शृंखलाओं की पृष्ठभूमि और कोसी के निरंतर प्रवाह के बीच आयोजित यह डेस्टिनेशन वेडिंग अपने वैदिक स्वरूप और सादगीपूर्ण आयोजन के कारण विशेष रहा। डॉ. त्रिशला परिहार स्वर्गीय श्रीमती पी.के. देवी एवं श्री रामाधार सिंह की पौत्री तथा श्रीमती सीमा सिंह और प्रो. अनिल कुमार सिंह की सुपुत्री हैं। उन्होंने एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में एचआईएमएसआर, दिल्ली से एमडी (सामुदायिक चिकित्सा) की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. रोहित कटारिया स्वर्गीय श्रीमती कमला देवी एवं श्री दौलत राम के पौत्र तथा श्रीमती मुकेश लता और श्री रमेश कटारिया, गुरुग्राम के सुपुत्र हैं। उन्होंने वीएमएमसी से एमबीबीएस और एमडी (रेडियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त की है तथा एम्स ऋषिकेश से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में पीजीडी किया है। विवाह समारोह कोसी नदी के तट पर स्थित कॉर्बेट ह...

पोषाहार वितरण में लापरवाही की शिकायत पर मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारी : आंगनवाड़ी हुई कार्य मुक्त

अरविन्द गुप्ता  लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया  बीजपुर/सोनभद्र: विकास खण्ड म्योरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जरहा टोला दिघुल में तत्कालीन आंगनवाड़ी कार्यकत्री श्रीमति जावित्री दुबे द्वारा नियमित पोषाहार वितरण नहीं किए जाने की शिकायत पुष्टाहार विभाग को लंबे समय से मिल रहा था कि एक बार पुनः दिघुल के लाभार्थियों व ग्रामीणों द्वारा लिखित शिकायत विभाग को भेजा गया जिसकी शिकायत पर 31अगस्त दिन रविवार पूर्वाह्न 11 बजे विभागीय अधिकारी (सी.डी.पी.ओ.म्योरपुर) औचक निरीक्षण के लिए उनके जरहा 5 आंगनबाड़ी केंद्र बरडाड पर पहुंचे तो मौजूदा लाभार्थियों ने इनकी घोर लापरवाही का पूरा दस्तूर सुनाया तथा मौके पर अधिकारी ने देखा कि आंगनबाड़ी जावित्री दुबे द्वारा बरडाड केंद्र पर वितरण हो रहा चने के दाल में पूरी तरह से घुन लगे हुए थे सी. डी. पी. ओ. ने रजिस्टर चेक किए तो रजिस्टर में वितरित नाम 48 थे जबकि मौके पर 38 लाभार्थी ही मिले जिस पोषाहार को शासन द्वारा कुपोषण से बचाने के लिए बच्चों व गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क वितरण कराया जाता रहा है वही पोषाहार जमीनी स्तर से पशुओं को खाने के योग्य भी नहीं पाया गया जिससे विभागीय...