प्रिया बिष्ट
लोकल न्यूज़ ऑफ इंडिया
गुरुग्राम जिला ग्रामीण महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शैलजा भाटिया द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संविधान का 106वां संशोधन) पर कांग्रेस का स्पष्ट पक्ष रखा गया।
इस अवसर पर महिला जिला अध्यक्ष (शहरी) पूजा शर्मा, कुसुम शर्मा एवं शर्मिला सहित महिला कांग्रेस की अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहीं।
शैलजा भाटिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित होकर कानून बन चुका है, इसलिए इसमें किसी प्रकार का विरोध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस कानून के पक्ष में रही है और महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए निरंतर प्रयासरत रही है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने इस कानून को लागू करने के बजाय इसे जातीय जनगणना और परिसीमन से जोड़कर 2029 तक टाल दिया। यदि सरकार की मंशा साफ होती, तो 2024 के चुनाव में ही 543 लोकसभा सीटों पर सीधे 33% महिला आरक्षण लागू किया जा सकता था।
भाटिया ने आरोप लगाया कि परिसीमन के बहाने राजनीतिक लाभ लेने और लंबे समय तक सत्ता में बने रहने की रणनीति बनाई जा रही थी, जिसे विपक्ष ने समय रहते उजागर कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि 16 अप्रैल की शाम को अचानक विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष को पर्याप्त समय दिए बिना चर्चा कराने का प्रयास लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
भाटिया ने भाजपा पर महिलाओं के मुद्दों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर महिला आरक्षण की बात की जाती है, जबकि दूसरी ओर देश में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
उन्होंने कांग्रेस की ओर से मांग रखी कि:
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए
543 लोकसभा सीटों पर सीधे 33% महिला आरक्षण दिया जाए
परिसीमन यदि किया जाए तो वह 2026 की जनगणना के आधार पर हो
सभी वर्गों (SC, ST, OBC) की महिलाओं के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए
अंत में उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और वे उनके नाम पर की जा रही राजनीति को भली-भांति समझती हैं। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को तब तक उठाती रहेगी जब तक महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार नहीं मिल जाता।

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