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मुख्यमंत्री सुक्खू से मिलीं लाहौल-स्पीति की उपायुक्त, 'जनजातीय मेला-2026' का दिया स्नेहपूर्ण निमंत्रण।



रघुबीर सिंह राणा /लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया।

​शिमला- लाहौल-स्पीति की उपायुक्त, किरण भड़ाना ने शिमला स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से औपचारिक भेंट की। इस दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को आगामी 'लाहौल-स्पीति जनजातीय मेला-2026' में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का स्नेहपूर्वक आमंत्रण पत्र सौंपा।

​मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस आत्मीय निमंत्रण के लिए उपायुक्त का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घाटी के समस्त भाइयों-बहनों को जनजातीय मेले के सफल आयोजन के लिए अग्रिम शुभकामनाएँ और बधाई दीं।

​सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन का अनूठा संगम

​हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति का यह वार्षिक मेला क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और जनजीवन का प्रतीक है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह राज्य स्तरीय जनजातीय मेला न केवल स्थानीय निवासियों के उत्साह को दर्शाता है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है।

  • ​सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: मेले के दौरान लाहौली और स्पीती लोक नृत्य (छम नृत्य), पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक दलों द्वारा भव्य प्रस्तुतियाँ दी जाती हैं।
  • ​स्थानीय हस्तशिल्प व व्यंजन: इसमें स्थानीय उत्पादकों द्वारा बनाए गए ऊनी वस्त्र, हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान के विशेष स्टॉल लगाए जाते हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों को आर्थिक बल मिलता है।
  • ​पर्यटन को बढ़ावा: चंद्रताल, काज़ा और केलांग की सुरम्य वादियों के बीच आयोजित होने वाला यह उत्सव घाटी में साहसिक पर्यटन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

​मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास और वहाँ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस मेले के माध्यम से न केवल नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक एवं व्यापारिक अवसरों को भी नई दिशा मिलती है।


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