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संस्कृति विवि ने आयोजित की वेबिनार, विशेषज्ञों ने बांटा ज्ञान

संस्कृति विवि ने आयोजित की वेबिनार, विशेषज्ञों ने बांटा ज्ञान 



 


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में विषय विशेषज्ञ ने छात्र छात्राओं  के मध्य ग्यान साझा किया।
वेबिनार की संयोजक संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ इंजीनियरिंग की असिस्टेंट प्रोफेसर  सपना शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि घरों में आन लाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को अपने अध्ययन के साथ विषय संबंधित प्रशिक्षण दिया जाना भी जरूरी होता है। इसी सोच के साथ संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा वेबिनार आयोजित की जा रही हैं। स्कूल आफ इजीनियरिंग एंड इन्फोर्मेशन के छात्र छत्राओं के लिए 'रोबोटिक एंड आटोमेशन' के विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में मुख्य वक्ता और विषय विशेषज्ञ के रूप में चित्कारा विश्वविद्यालय के विवेक भारद्वाज ने भाग लिया।
 वेबिनार में विषय विशेषज्ञ भारद्वाज ने बताया कि रोबोटिक के कौन-कौन से पहलू होते हैं और इनका क्या उपयोग है। अंत में उन्होंने है वेबिनार में भाग ले रहे छात्र -छात्राओं से दी गई जानकारी के संबंध में सवाल भी किए। उन्होंने बताया कि रोबोटिक इंजीनियरिंग की एक ऐसी शाखा है, जिसमें रोबोट अवधारणा, रचना, उत्पादन तथा संचालन का अध्ययन करवाया जाता है। इस शाखा में इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर साइंस, नैनोटेक्नोलॉजी, मेकाट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी शामिल होते हैं। रोबोटिक का एक अर्थ ऑटोमेशन से भी लगाया जाता है, मगर स्वचालन तो इस की एक विशेषता है, जबकि रोबोटिक एक वृहद क्षेत्र है। रोबोटिक के पहलुओं को बताते हुए उन्होंने कहा कि आज विभिन्न प्रकार के रोबोट उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग भिन्न-भिन्न वातावरण में अलग-अलग कार्य करवाने में होता है। मगर एक मिलिट्री रोबोट और मेडिकल रोबोट के निर्माण में आधारभूत चीजों का उपयोग होता है। सभी रोबोट किसी एक खास आकार, आकृति में डिजाइन किए जाते हैं, ताकि एक लक्ष्य विशेष को हासिल किया जा सके। क्योंकि पानी में तैर पाने के लिए आप एक मुर्गे की आकृति वाला रोबोट काम में नहीं लेना चाहेंगे। इस कार्य को मछली का आकार वाला रोबोट ही उपयोग से निष्पादित कर सकता है।
असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुसार वेबिनार में संस्कृति विश्वविद्यालय के 78 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।


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