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पैराग्लाइडिंग घाटी बीड़-बिलिंग फिर ज़िंदा होता पर्यटन 

पैराग्लाइडिंग घाटी बीड़-बिलिंग फिर ज़िंदा होता पर्यटन 


गौरव सूद 


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


धर्मशाला। पैराग्लाइडिंग घाटी बीड़-बिलिंग  में लंबे अंतराल के बाद सड़क मार्ग खुलने के बाद   दर्जनों पैराग्लाइडर पायलटों ने बिलिंग से उड़ान भर रहे हैं। पर्यटक टैंडम उड़ानों का भी आनंद ले रहे हैं।  कोरोना प्रकोप के चलते बिलिंग घाटी पिछले 6 माह से बंद पड़ी हुई थी। इसकेे अलावा बीड़ से बिलिंग मार्ग पर कंकरीट डालने का काम भी बड़े जोरों- शोरों पर चला हुआ था, जोकि बीते सप्ताह  ही पूरा हुआ है। इस दौरान साडा सुपरवाइजर रणविजय ने बिलिंग मार्ग पर बने पर्यटक सूचना केंद्र में वाहन चालकों व पर्यटकों का पर्यटन विभाग द्वारा जारी गाईडलाइनों के बाद एस.ओ.पी. नियमों के तहत उनकी जांच की व बाद में बिलिंग की ओर जाने दिया। पर्यटकों के आने के बाद बीड़-बिलिंग घाटी में लंबे अंतराल के बाद पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर रौनक देखने को मिली। गौरतलब है कि अक्तूबर व नंबवर पैरागलाइडिंग उड़ानों के लिए वर्ष भर में सबसे सव्रश्रेष्ठ समय माना गया है, जिसके तहत हर वर्ष यहां विदेशी पायलट बीड़ बिलिंग का रूख करते थे, लेकिन इस बार कोरोना प्रकोप के चलते विदेशी पर्यटकों की कमी अभी भी बिलिंग में खली है। बिलिंग मार्ग खुलने के बाद पर्यटकों की संख्या में बढ़ौतरी होने की उम्मीद बीड़ के कारोबारी कर रहे हैं।



चौगान स्थित होटल सूर्या के मालिक सुरेश ठाकुर,पायलट ज्योति, अरविंद पाल, राजकुमार,देशराज आदि ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से बार्डर खुलने के बाद बीड़-बिलिंग में बाहरी राज्यों से पर्यटक   आने शुरू हो गए हैं व पायलट भी पूरे एस.ओ.पी. नियमों के तहत पालना करते हुए टैंडम उड़ानें करवाने के लिए प्रयासरत हैं। उधर, एसडीएम बैजनाथ छवि नांटा ने बताया कि बीड़-बिलिंग जाने वाले पर्यटकों व पैराग्लाइडरों को पर्यटन विभाग द्वारा जारी गाईडलाईन की अनुपालना करने के दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। जिसके तहत पर्यटकों व बिलिंग जाने वाले पायलटों का थर्मल स्कैन किया जा रहा है।

नो-पार्किंग जोन पर खड़े हो रहे वाहन


चौगान से लैडिंग साइट पर नो-पार्किं जोन घोषित है, लेकिन फिर भी सड़क किनारे वाहनों की कतारें देखी जा रही हैं। जोकि
पायलटों की सुरक्षा के लिए खतरनाक तो है ही, साथ में पर्यटक जोकि टेंडम उड़ानों का आनंद ले रहे हैं, उनकी सुरक्षा पर भी हर समय दावं पर लगी रहती है।


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