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अब टनल में सतलुज

 



  • शिमला जिला के रामपुर के समीप निरथ में निर्माणाधीन 210 मैगावाट की लुहरी जल विद्युत परियोजना स्थल निरथ में सतलुज नदी के बहाव को मोड़ कर आज विधिवत डाला गया डायवर्जन टनल में
  • ताकि परियोजना निर्माण की अहम कड़ी बांध के निर्माण कार्य को किया जा सके तेज
  • एसजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने इलेक्ट्रिक बटन दबा कर तोड़ा आखिरी ब्लास्ट को
  • अठारह सौ दस करोड़ लागत वाली यह परियोजना बन कर तैयार होगी 2025 में




लोकेन्द्र सिंह वैदिक,गब्बर सिंह वैदिक

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

रामपुर बुशहर।सतलुज नदी के प्रवाह को निर्माणाधीन लुहरी जल विद्युत परियोजना के डायवर्जन टनल में आज विधिवत प्रवेश कराकर परियोजना निर्माताओं ने मिल का पत्थर रख दिया है। केंद्र एवं हिमाचल सरकार के संयुक्त उपक्रम एसजेवीएन द्वारा 1810 करोड़ की लागत वाली इस 210 मैगावाट की परियोजना के निर्माण को 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के निर्माण में करीब एक हजार लोग सीधे तौर से जुड़े है, जबकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर से देखे तो तीन से चार हजार लोगो को रोजगार से जोड़ा गया है। 



लुहरी परियोजना को पर्यावरण मित्र बनाने के उद्देश्य से तीन स्टेजिज में निर्माण किया जा रहा है। ताकि लम्बी सुरंगो के निर्माण की आवश्यकता न पड़े। लुहरी चरण एक 210 मैगावाट की परियोजना निर्माण का कार्य 2021 में शुरू किया गया था और 2025 पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन परियोजना निर्माताओं ने समय से एक वर्ष पूर्व निर्माण कर निर्माण लागत को कम करने के साथ देश को आवश्यकतानुसार समय से पहले बिजली उपलब्ध कराने का परियोजना निर्माताओं ने प्रयास आरम्भ किया है। आज विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद एसजेवीएन के प्रमुख नंदलाल ने इलेक्ट्रिक बटन दबाकर आखरी ब्लास्ट करते हुए सतलुज नदी के प्रवाह को 617 मीटर लम्बी सुरंग में डाल दिया। शिमला जिला के रामपुर उपमंडल के निरथ में सतलुज नदी तट पर निर्माणाधीन लुहरी stage-1 जल विद्युत परियोजना के बाँध निर्माण सतलुज के बहाव को सुरंग में मोड़ते ही तेज कर। डायवरजन टनल में सतलुज को मोड़ते हुए एसजेवीएन के निदेशक समेत तीन परियोजनाओं के प्रमुख और निगम के कई उच्च अधिकारी मौजूद थे।



एसजेवीएन के प्रमुख नन्द लाल ने बताया लुहरी चरण एक 210 मेगावाट की निर्माण का पहला मिल का पत्थर आज नदी के बहाव को डायवर्जन टनल में डाल कर रखा गया। उन्होंने कहा आधिकारिक तौर से परियोजना को 2025में पूर्ण किया जाना है लेकिन निगम का प्रयास है की इसे 2024 में ही

पूरा किया जाए। उन्होंने कहा करीब 12 सौ लोगो को सीधे तौर से रोजगार मिला है। अप्रत्यक्ष तौर से देखे तो 3 से 4 हजार लोग जुड़े है। उन्होंने बताया कि लुहरी स्टेज -1 ऐसी परियोजना है जिसमें टनल नहीं है, पानी को डैम के माध्यम से रोका है।

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