सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पर्यावरण चित्र प्रदर्शनी जागरूकता का एक सशक्त माध्यम : डॉ. रामदास आत्रम, कुलपति

 


  • पर्यावरण जागरूकता पखवाड़ा के छठवें दिन पर्यावरण एवं स्वच्छता जागरूकता संबंधी रंगोली एवं चित्र प्रदर्शनी का आयोजन

प्रिया बिष्ट,

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया,



महू: पर्यावरण संबंधी जागरूकता से ही आने वाला कल सुरक्षित होगा. पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाती यह चित्र प्रदर्शनी एवं रंगोली विद्यार्थियों के चिंतन में बैठे पर्यावरण प्रेम को दर्शाता है। विद्यार्थियों द्वारा बनाई गयी प्रत्येक रंगोली एवं पोस्टर लोगों प्रेरित कर रहे है. साथ ही उकेरी गयी प्रत्येक कलाकृति पर्यावरण की समझ को विकसित करती है. समाज में प्रयावरण के प्रति सजगता का सन्देश देती है। मिशन लाइफ के अंतर्गत हम सभी लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के ऐसे प्रयास निरंतर करते रहना चाहिए। उक्त बातें डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामदास आत्रम ने पर्यावरण जागरूकता पखवाडा में आयोजित रंगोली एवं चित्र प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए कही।



कुलपति डॉ. आत्रम ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा बनाई गयी यह कलाकृतियाँ पर्यावरण संरक्षण की चेतना को प्रेरित करती हैं। ऐसी ही आदतों को आत्मसात कर हम सभी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक कदम उठा सकते हैं। जल संरक्षण तथा ग्लोबल वार्मिंग जैसे चित्र जलवायु परिवर्तन को समझने की दिशा में निरंतर प्रेरणा संचारित कर रहे हैं।  अम्बेडकर विचार एवं दर्शन अध्ययनशाला के अधिष्ठाता प्रो. डी.के. वर्मा, सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंधन अध्ययनशाला के अधिष्ठाता प्रो. सुनील गोयल, शिक्षा एवं कौशल विकास अध्ययनशाला की अधिष्ठाता डॉ. मनीषा सक्सेना, कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक नीलम निनामा तथा सहायक कुलसचिव संध्या मालवीय ने भी कार्यक्रम में शामिल हुए तथा चित्र प्रदर्शनी एवं रंगोली में  भाग लेने वाले विद्यार्थियों का मार्ग प्रशस्त किया।


कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शीतल झा ने पर्यावरण पखवाडा के अंतर्गत आयोजित रंगोली एवं चित्र प्रदर्शनी के बारे में विस्तार देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण के प्रति जागरूक है। विद्यार्थियों द्वारा हस्त निर्मित यह प्रदर्शनी पर्यावरण के प्रति जागरूकता को दृश्यांकित करती हैं। कुलपति ने विद्यर्थियो को प्रमाण पत्र देकर उत्साहवर्धन किया. आभार प्रदर्शन अधिष्ठाता प्रो. सुनील गोयल ने किया. इस अवसर पर विभिन्न संकायों के संकाय सदस्य, अतिथि विद्वान, विजिटिंग फैकल्टी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सनकी युवक ने धारदार हथियार से किया एक बेजुबान गौ वंश की हत्या : गिरफ्तार

  अरबिंद गुप्ता  लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया  बीजपुर /सोनभद्र.  मामला थाना क्षेत्र बिजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बघाडू के टोला पर्वबतवा का है जहां एक युवक ने मानवता को शर्मसार करते हुए बेजुबान गौ वंश के साथ क्रूरता भरी कारनामे को अंजाम दिया है। पुत्र के इस कारनामे से नाराज पिता बिहारी लाल ने पुलिस को तहरीर दे कर बताया कि उनका 28 वर्षीय पुत्र रामजियावन जंगल से एक लावारिस बछिया पकड़ कर घर लाया और धारदार हथियार से काट कर शव को ठिकाने लगा दिया। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक और उनके नेतृत्व में गठित टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौका मुआयना कर जाँच पड़ताल शुरू कर दिए आरोपी की तलाश जारी थी कि इसी दौरान आरोपी रामजियावन मौका देख कहीं भागने की फिराक में चौक चौराहे का चक्कर काट रहा था कि अचानक पुलिस की नजर पड़ गई और सक्रिय पुलिस के जवानों ने बगैर देर किए युवक को धर दबोचा और पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार किया और बछिया की हत्या में उपयोग किए गए विभिन्न वस्तुओं को भी छिपा कर रखा था अभियुक्त की निशानदेही पर धारदार हथियार जैसे कुल्हाड़ी और नरकुल की रस्सी भी बरामद कर ली गयी। पुलिस ने...

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, 146060 अभ्यर्थी पास

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, 146060 अभ्यर्थी पास लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया  लखनऊ ।परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का परिणाम मंगलवार दोपहर जारी हो गया। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में 12.30 बजे परीक्षा समिति की बैठक के बाद अधिकारिक रूप से परिणामों की घोषणा की गई। पाठ्यक्रम के बाहर से पूछे गए हिन्दी साहित्य के तीन प्रश्नों पर प्रत्येक प्रश्न के लिए एक-एक (यानि कुल तीन-तीन) नंबर सभी अभ्यर्थियों को एक समान रूप से दिया गया है। 6 जनवरी 2019 को आयोजित परीक्षा के लिए पंजीकृत 431466 अभ्यर्थियों में से 409530 सम्मिलित हुए थे। इनमें से 146060 (35.66 प्रतिशत) सफल हैं। सामान्य वर्ग के 36614, ओबीसी 84868, एससी 24308 और एसटी के 270 अभ्यर्थी पास हैं। 69000 शिक्षक भर्ती रिजल्ट : 69000 भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी, बुधवार से देख सकेंगे रिजल्ट कोर्स के अनुसार बात की जाए तो डीएलएड (बीटीसी) करने वाले 38610, शिक्षामित्र 8018, बीएड 97368 और अन्य पाठ्यक्रम करने वाले 2064 अभ्यर्थी सफल हैं। परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी अपना परिणाम बु...

रोहित–त्रिशला : कोसी तट, हिमालय की पवित्र वेदी और वैदिक परिणय

  प्रिया बिष्ट  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  गर्जिया, ढिकुली. उत्तराखंड के रामनगर स्थित ढिकुली क्षेत्र में कोसी नदी के शांत तट पर डॉ. रोहित कटारिया और डॉ. त्रिशला परिहार का विवाह प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता के संतुलित संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। हिमालय की हरित शृंखलाओं की पृष्ठभूमि और कोसी के निरंतर प्रवाह के बीच आयोजित यह डेस्टिनेशन वेडिंग अपने वैदिक स्वरूप और सादगीपूर्ण आयोजन के कारण विशेष रहा। डॉ. त्रिशला परिहार स्वर्गीय श्रीमती पी.के. देवी एवं श्री रामाधार सिंह की पौत्री तथा श्रीमती सीमा सिंह और प्रो. अनिल कुमार सिंह की सुपुत्री हैं। उन्होंने एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में एचआईएमएसआर, दिल्ली से एमडी (सामुदायिक चिकित्सा) की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. रोहित कटारिया स्वर्गीय श्रीमती कमला देवी एवं श्री दौलत राम के पौत्र तथा श्रीमती मुकेश लता और श्री रमेश कटारिया, गुरुग्राम के सुपुत्र हैं। उन्होंने वीएमएमसी से एमबीबीएस और एमडी (रेडियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त की है तथा एम्स ऋषिकेश से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में पीजीडी किया है। विवाह समारोह कोसी नदी के तट पर स्थित कॉर्बेट ह...