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जयगुरुदेव सत्संग में उमड़ा जनसैलाब पूज्य पंकज जी महाराज ने दिया शाकाहार का सन्देश

 प्रिया बिष्ट,

लोकल न्यूज़ आफ इण्डिया,



म्योरपुर:  स्थानीय ब्लॉक म्योरपुर सोनभद्र  के जामपानी में जयगुरुदेव आश्रम मथुरा से 26 दिसम्बर को पूज्य पंकज जी महाराज की अगुवाई में गतिमान 82 दिवसीय व छह प्रान्तीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध-आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा ने कल ग्राम बघमंदवा निकट लिलासी बाजार (ब्लाक म्योरपुर), तह. दुद्धी में पड़ाव किया। यह जनजागरण यात्रा शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध, चरित्र निर्माण, प्रभु प्राप्ति का सरल रास्ता, आपसी प्रेम व सद्भाव, आध्यात्मिकता के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सत्संग कार्यक्रम के साथ 17 मार्च 2024 तक निरन्तर गतिमान रहेगी। 

आज 3 जनवरी को यहाँ आयोजित सत्संग समारोह में प्रवचन करते हुये जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने कहा कि यह मानव तन बड़े सौभाग्य से मिला, इससे भी बड़ा सौभाग्य है सत्संग का मिलना। ‘‘सत्संग जल जो कोइ पावै, मैलाई सब कटि-कटि जावै।’’ पंक्ति को उद्धृत करते हुये महाराज जी ने कहा कि सत्संग से मन, बुद्धि, चित्त निर्मल होता है। सत्संग से ही हमें बड़ों का सम्मान व छोटों को प्यार करने का बोध होता है। सत्संग में ही यह विवेक जागता है कि ऐ नर-नारियो ! यह देश तुम्हारा नहीं है। ये रिश्ते-नाते, यह परिवार, यहाँ तक कि यह शरीर भी तुम्हारा नहीं है। यह जो कुछ भी आपको दिखाई, सुनाई देता है, यह सब  माया की छाया है। माया भी नहीं है। एक निश्चित समय के लिये आपके अच्छे, बुरे कर्मों के हिसाब से जाति-बिरादरी, धन दौलत, पद प्रतिष्ठा में आपका जन्म हो गया और जब श्वासों की पूंजी खत्म होगी तो अपना दिया हुआ सब सामान वह यहीं रखवा लेगा। सुई की नोंक बराबर भी सामान यहां से लेकर नहीं जा सकते और जिस शरीर का बड़ा गुमान करते हो यह यहीं पर जलाकर राख कर दिया जायेगा या तो जमीन में गड्ढा खोद कर दफन कर दिया जायेगा। सोचो! आप के साथ क्या जायेगा। इसलिये अब भी वक्त है खेती, दुकान, दफ्तर का काम मेहनत ईमानदारी से करने के बाद बाल-बच्चों की खिदमत, प्यार, दुलार करने के बाद चौबीस घण्टे में से दो घण्टे समय निकाल कर भगवान का भजन कर लो। यह भजन जीवन का सार है। यही भजन जीवात्मा को नर्कों व चौरासी में जाने से बचायेगा। ‘‘बिन हरि भजन न जाहिं कलेशा।’’ लेकिन इसके लिये किसी जानकार गुरु की आवश्यकता होती है। रविदास जी हरिजन थे, मीराबाई क्षत्राणी थी जब इनको वह परमात्मा मिल सकता है तो आपको भी मिल सकता है। इसी मनुष्य शरीर में दोनों आंखों के मध्य में जीवात्मा बैठी है। इसीलिये उसका श्रृंगार किया जाता है यानि कि टीका, चन्दन या बिन्दी, सिंदूर लगाया जाता है। जब गुरु की दया से वह द्वार (ज्ञान चक्षु, शिव नेत्र, तीसरा तिल) खुलता है तो मरने के पहले ही इसी शरीर में राम के, कृष्ण के, अन्य देवी देवताओं के दर्शन होने लगते हैं और वह जीव धन्य हो जाता है। यह जीवन की असली कमाई है। इसलिये आप लोग शाकाहारी रहे, नशों का परित्याग करें और समय निकाल कर भजन भी करें। महाराज जी ने कलयुग की सरल साधना सुरत शब्द योग (नाम-योग) की साधना का भेद भी बताया और सुमिरन, ध्यान, भजन की विधि भी समझाई।

संस्थाध्यक्ष पूज्य पंकज जी ने वर्तमान में देश में बढ़ती हिंसा और अपराध की प्रवृत्ति में अशुद्ध खान-पान (मांसाहार) और नशीले पदार्थों (शराब आदि) के सेवन को ही बताया। परिवार को, समाज को, देश को शांति सुकून देखना चाहते हो तो हमारी सभी धर्म के मानने वालों से, समाज के शुभचिन्तकों व समाज के अगुवाकारों से अपील है कि सभी लोग आपस में परस्पर प्रेम-सौहार्द के साथ रहें और एक-दूसरे के काम आवें तथा एक अच्छे समाज के निर्माण में अपना योगदान दें। इसी लक्ष्य और उद्देश्य के साथ हम निकले हैं।

उन्होंने बताया कि बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने सबकी भलाई के लिये कह रखा है ‘‘आगे जो मुसीबत आयेगी उस समय सारी दुनिया धर्म को कबूल कर लेगी और महात्माओं को मानने लगेगी, कोहराम कोलाहल, हाहाकार, त्राहि माम, त्राहिमाम मचेगा। अक्ल सबकी ठीक हो जायेगी। महात्माओं की मेहनत बेकार नहीं जाती है। होशियार! निरामिष बनो, शराब मत पीना वरना बहुत रोओगे और पछताओगे।’’

उन्होंने आगामी 24 से 26 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में आयोजित होने वाले होली सत्संग में आने का निमन्त्रण दिया तथा बताया कि मथुरा में वरदानी जयगुरुदेव मन्दिर बना है जहां बुराईयां चढ़ाने पर मनोकामना की पूर्ति होती है। जिला-इटावा की तह. भरथना के गांव खितौरा धाम में बाबा जी की पावन जन्मभूमि है यहां पर भी भव्य वरदानी मन्दिर बना है। यहां सभी सम्प्रदायों के लोग आते हैं। हम आप सबके सुखद भविष्य और भजन में तरक्की की शुभकामना करते हैं। आयोजन में शांति व सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। हम सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त करते हैं। 

इस अवसर पर जिला सोनभद्र के अध्यक्ष अवधू सिंह यादव, राजेश जायसवाल, सोबरन यादव, पूर्व मंत्री विजय सिंह गोड़,जिला पंचायत सदस्य सुषमा सिंह, भूस्वामी जगन्नाथ प्रसाद,  ग्राम पबुद्धिनारायण यादव, ग्राम प्रधान जामपानी जगपत, उदयराज, रघुवीर पनिका, पूर्व. विधायक रघुवीर सिंह गौड़, सत्यनारायण यादव,अनीता गुप्ता, अशोक यादव, युवा संगत के ज्ञान चन्द,रामधनी यादव, ग्राम प्रधान महुअरिया शिव कुमार यादव तथा संस्था के पदाधिकारीगण  एवं हजारों की तादाद में जयगुरुदेव अनुयायी उपस्थित रहे।

सत्संग समापन के बाद धर्मयात्रा ग्राम त्रिशूूली पुल पर, थाना सनावल ब्लाक व तहसील रामचन्द्रपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) के लिये प्रस्थान कर गई। यहाँ आज दोप. 12.00 बजे से सत्संग समारोह आयोजित है। छत्तीसगढ़ प्रान्त में दि. 3 जनवरी से 27 जनवरी तक सत्संग कार्यक्रम सुनिश्चित हैं।

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