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कारगिल में सेना की त्वरित मानवीय सहायता, बादल फटने से प्रभावित ग्रामीणों के लिए बनी जीवनरेखा

 


प्रिया बिष्ट 

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

कारगिल।लद्दाख के कारगिल क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के बाद भारतीय सेना ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और सेवा भावना का परिचय दिया। 2 अगस्त 2026 को गुंड, हारदास क्षेत्र में बादल फटने की घटना के कारण अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज बहाव वाले पानी से सड़क संपर्क बाधित हो गया और कई स्थानीय निवासी प्रभावित होकर फंस गए।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फॉरएवर इन ऑपरेशंस डिवीजन के अंतर्गत तैनात 154 फील्ड रेजिमेंट (154 FD Regt) के जवानों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। चुनौतीपूर्ण मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सैनिकों ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थानीय लोगों की सहायता की।




सेना के जवानों ने प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही घायलों और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इसके अलावा ग्रामीणों को पीने का पानी, आवश्यक सामग्री और गर्म भोजन वितरित किया गया। राहत अभियान के दौरान जवान लगातार स्थानीय समुदाय के साथ खड़े रहे और हर संभव सहायता उपलब्ध कराते रहे।


3 अगस्त 2026 को सेना ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को और गति दी। जवानों ने मलबा हटाने, सड़क मार्गों को दोबारा चालू करने तथा पेयजल और बिजली व्यवस्था बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेना के प्रयासों से प्रभावित गांवों में सामान्य स्थिति बहाल करने में तेजी आई और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।


कारगिल जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में भारतीय सेना की यह पहल केवल सैन्य जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुरक्षा और सेवा के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय सेना हमेशा स्थानीय प्रशासन और जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहती है।


स्थानीय ग्रामीणों ने भी सेना के इस त्वरित सहयोग और मानवीय प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। कठिन परिस्थितियों में सैनिकों की तत्परता ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय सेना केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि संकट के समय देशवासियों की सबसे बड़ी सहारा भी बनती है।

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