प्रिया बिष्ट लोकल न्यूज ऑफ इंडिया हिमाचल प्रदेश की प्रशासनिक संरचना में कई ऐसे नाम रहे हैं जिन्होंने चुपचाप, बिना अधिक प्रचार के, शासन व्यवस्था को आकार दिया। उन्हीं में एक नाम है जगदीश चंद्र शर्मा का। एक ऐसे आईएएस अधिकारी, जिनकी पहचान फील्ड एडमिनिस्ट्रेशन से लेकर नीति निर्माण तक फैली रही। यह कहानी उनके व्यक्तित्व की नहीं, बल्कि उस प्रशासनिक क्रम की है जिसमें एक युवा अधिकारी राज्य की नौकरशाही की परतों को समझते हुए शीर्ष जिम्मेदारियों तक पहुँचा। उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा में उस दौर में हुआ जब हिमाचल प्रदेश विकास की बुनियादी चुनौतियों से जूझ रहा था। पहाड़ी राज्य होने के कारण सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा ढांचा सबसे बड़ी प्राथमिकता थे। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली तैनाती उप-मंडल स्तर पर हुई। एसडीएम के रूप में उन्होंने राजस्व मामलों, आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था की बारीकियों को नजदीक से समझा। यही वह चरण था जहाँ एक अधिकारी की संवेदनशीलता और निर्णय क्षमता की असली परीक्षा होती है। इसके बाद उन्हें जिला प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ मिलीं। बतौर अतिरिक्त उपायुक्त और ...