सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संस्कृति आयुर्वेद कालेज ने सौंपा अधिकारियों को काढ़ा

संस्कृति आयुर्वेद कालेज ने सौंपा अधिकारियों को काढ़ा

 



संस्कृति आयुर्वेद कॉलेज की डॉक्टर सुपर्णा एडीएम (ई) सतीश कुमार त्रिपाठी को काढ़े के पैकेट सौंपती हुई।


 

लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 

 

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय की टीम द्वारा प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों  सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में संस्कृति आयुर्वेद कालेज एवं हास्पिटल में निर्मित काढ़े का वितरण किया गया।

 


संस्कृति आयुर्वेद कॉलेज की डॉक्टर सुपर्णा एडीएम (एफ एंड आर) बृजेश कुमार को काढ़े के पैकेट सौंपती हुई।

टीम का नेतृत्व कर रहीं डा. सुपर्णा ने बताया कि शुक्रवार को संस्कृति आयुर्वेद कालेज की टीम ने एडीएम(ई)सतीश कुमार त्रिपाठी, एडीएम(एफ एंड आर) ब्रजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह को काढ़े के पैकेट वितरित किए। इससे पूर्व गुरुवार को संस्कृति आयुर्वेद कालेज की टीम ने एसडीएम छाता, सीओ छाता, अकबर पुर पुलिस चौकी, नगला बिरजा, गांव नरी, गांव सैमरी में जरूरतमंदों को काढ़े के पैकेटों का निशुल्क वितरण किया।

उलेखनीय है कि संस्कृति विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के द्वारा आयुष मंत्रालय के निर्देशों के क्रम में आयुष काढ़ा बनाकर गोद लिए 5 गांव में काढ़े का वितरण किया जा रहा है।शुरू कर दिया है।

 

 

 पंचकर्मा विभाग के डॉक्टर हनुमंत ने बताया कि आयुष काढ़ा वितरण के साथ लोगों को यह भी बताया गया कि वे कैसे इसको प्रयोग करें और इस काढ़े क सेवन के क्या लाभ हैं। डा. हनुमंत ने बताया कि वर्तमान करोना महामारी के इस दौर में लोगों की प्रतिरोधक क्षमता के विकास की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति और जो संक्रमित नहीं हैं, उन सभी के लिए यह काढ़ा बहुत उपयोगी है। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज ने अपने यहां आयुष काढ़ा तैयार करके विश्वविद्यालय द्वारा आसपास के गांवों में लोगों को अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए वितरित किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार काढ़ा बनाकर 50- 50, 100-100,200-200 ग्राम की पैकिंग में वितरित किया जा रहा है ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रोहित–त्रिशला : कोसी तट, हिमालय की पवित्र वेदी और वैदिक परिणय

  प्रिया बिष्ट  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  गर्जिया, ढिकुली. उत्तराखंड के रामनगर स्थित ढिकुली क्षेत्र में कोसी नदी के शांत तट पर डॉ. रोहित कटारिया और डॉ. त्रिशला परिहार का विवाह प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता के संतुलित संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। हिमालय की हरित शृंखलाओं की पृष्ठभूमि और कोसी के निरंतर प्रवाह के बीच आयोजित यह डेस्टिनेशन वेडिंग अपने वैदिक स्वरूप और सादगीपूर्ण आयोजन के कारण विशेष रहा। डॉ. त्रिशला परिहार स्वर्गीय श्रीमती पी.के. देवी एवं श्री रामाधार सिंह की पौत्री तथा श्रीमती सीमा सिंह और प्रो. अनिल कुमार सिंह की सुपुत्री हैं। उन्होंने एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में एचआईएमएसआर, दिल्ली से एमडी (सामुदायिक चिकित्सा) की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. रोहित कटारिया स्वर्गीय श्रीमती कमला देवी एवं श्री दौलत राम के पौत्र तथा श्रीमती मुकेश लता और श्री रमेश कटारिया, गुरुग्राम के सुपुत्र हैं। उन्होंने वीएमएमसी से एमबीबीएस और एमडी (रेडियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त की है तथा एम्स ऋषिकेश से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में पीजीडी किया है। विवाह समारोह कोसी नदी के तट पर स्थित कॉर्बेट ह...

39 साल की सरकारी सेवा के बाद अब वैश्विक मंच पर डॉ. गोपाल पाटील!

  66 वर्ष की उम्र में मानवाधिकारों की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, ग्लोबल ह्यूमन राइट्स डिफेंस ने बनाया एशिया का डिप्लोमैट और अंतरराष्ट्रीय सलाहकार परिषद का सलाहकार न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा, बांग्लादेशी हिंदू समुदाय के बीच मानवाधिकारों की आवाज उठाई, मोहन भागवत के कार्यक्रम में भी हुए शामिल डॉ विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया पुणे/नई दिल्ली।  जिंदगी की असली पहचान इस बात से नहीं होती कि किसी व्यक्ति ने कितने वर्षों तक किस पद पर काम किया, बल्कि इस बात से होती है कि अपने अनुभव, ज्ञान और सामर्थ्य को उसने समाज के लिए कितना उपयोगी बनाया। महाराष्ट्र के पुणे निवासी विद्यावाचस्पति डॉ. भाऊ उर्फ गोपाल राधाबाई किशनराव पाटील की जीवनयात्रा इसी सोच का उदाहरण बनकर सामने आई है। भारत संचार निगम लिमिटेड में 39 वर्षों तक सेवाएं देने और उप महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने 66 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के क्षेत्र में नई जिम्मेदारी संभाली है। नीदरलैंड के हेग स्थित ग्लोबल ह्यूमन राइट्स डिफेंस (जीएचआरडी) ने उन्हें एशिया के लिए डिप्लोमैट और अं...

बंधी मे नहाते चपकी के तीन बच्चो की मौत शैलेश कुमार

बंधी मे नहाते चपकी के तीन बच्चो की मौत शैलेश कुमार लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया बभनी / सोनभद्र ।स्थानीय थाना क्षेत्र के चपकी मे बन्धी मे नहाते समय पानी मे डुबने से तीन बच्चो की मौत हो गयी है। प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक कल दोपहर में लगभग दो बजे अपने घर चपकी से महुआ बीनने जंगल मे बंधी के पास आये थे बंधी में तीनों नहाते समय डूब गए। घर वाले शाम को 7बजे खोजते हुए महुए के पास आये तो बंधी के किनारे कपड़ा मिला जिसके आधार पर बंधी में तलाशा गया । तीनो बच्चो के शव बंधी से निकलवा लिये गए है जिनके नाम पता क्रमशः 1 अमन बियार पुत्र रामबदन उम्र 8 वर्ष 2 अमरेश चंद्र पुत्र रामबदन उम्र 6 वर्ष 3 सोनू बियार पुत्र नन्दलाल उम्र 7 वर्ष निवासीगण ग्राम चपकी  शक्ति डांड थाना बभनी जनपद सोनभद्र  सूचना पर मौके पहुची बभनी पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवा कर अग्रिम कार्यवाही मे जुट गई है।