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ऐसा प्राचीन मंदिर जहां  सिर्फ मेंढक की होती हैं पूजा

ऐसा प्राचीन मंदिर जहां  सिर्फ मेंढक की होती हैं पूजा

 

२०० साल पुराने इस मंदिर की कपिला के महान तांत्रिक ने तंत्रवाद पर बनाई थी वास्तु संरचना


 

अंजलि यादव 

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

दिल्ली. भारत देश में ऐसे कई प्राचीन मंदिर है जो दुनियाभर में मशहूर है. हमारे भारत देश में ऐसे कई मंदिर मौजूद हैं, जहां अलग-अलग तरह के पूजा – पाठ किए जाते हैं, फिर चाहे जानवरों की पूजा ही क्यों ना हो. यहां देवी-देवताओं के अलावा जानवरों की भी पूजा की जाती है. देश में कुछ ऐसे मंदिर भी है जहां केवल जानवरों की ही पूजा की जाती है. यह पढ़कर आपको भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह बिल्कुल सच है. इसी कड़ी में आज हम आपको भिरत के एकमात्र ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं, जिस मंदिर में मेंढक की पूजा – आराधना बड़ी हीं आस्था से की जाती है. जी हां, देश के एक मात्र ऐसे मंदिर के बारे में जहां पर मेंढक की पूजा की जाती है. बताया जाता है कि यह मंदिर मांडूक तंत्र पर आधारित है. शिवजी मेंढक की पीठ पर विराजमान हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में खास बातें…


महान तांत्रिक ने की थी वास्तु परिकल्पना
बताया जाता है कि यह देश में एक मात्र मेंढक मंदिर है जो उत्तरप्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले के ओयल कस्बें में स्तिथ है. यह मेंढक मंदिर करीब 200 साल पुराना है. मान्‍यता है कि सूखे और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए इस मंदिर का निर्माण कराया गया था. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर की वास्तु परिकल्पना कपिला के एक महान तांत्रिक ने की थी. तंत्रवाद पर आधारित इस मंदिर की वास्तु संरचना अपनी विशेष शैली के कारण यह सभी को बहुत पसंद है.



हर किसी की मनोकामना होती है पूरी


बताया जाता है कि यह जगह ओयल शैव संप्रदाय का प्रमुख केंद्र था और यहां के शासक भगवान शिव के उपासक थे. इस कस्बे के बीच मंडूक यंत्र पर आधारित प्राचीन शिव मंदिर भी है. यह क्षेत्र ग्यारहवीं शताब्‍दी के बाद से 19वीं शताब्‍दी तक चाहमान शासकों के आधीन रहा. चाहमान वंश के राजा बख्श सिंह ने ही इस अद्भुत मंदिर का निर्माण कराया था. मंदिर की दीवारों पर तांत्रिक देवी-देवताओं के मूर्तियां लगी हुई हैं. मंदिर के अंदर भी कई विचित्र चित्र भी लगे हुए हैं. इस मंदिर में दीपावली और महाशिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्‍या में भक्त आते हैं. मान्यता है कि मंदिर में पूजा करने पर हर किसी की मनोकामना पूरी होती है और विशेष फलों की प्राप्ति होती है.



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