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संसद पर हुआ हमला देश के इतिहास में काला दिन: नवीन गोयल

  • 19 साल पहले वर्ष 2001 में हुआ था आतंकी हमला
  • संसद पर हुए आंतकी हमले में शहीदों को दी श्रद्धांजलि
  • स्वतंत्रता सेनानी हॉल परिसर में शहीद स्मारक पर चढ़ाया पुष्प चक्र




ऋतू सैनी 
लोकल  न्यूज ऑफ इंडिया 
गुरुग्राम। युवा भाजपा नेता नवीन गोयल ने पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ संसद पर हमले में शहीद होने वालों को यहां शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि संसद पर हमले को आज 19 साल बीत चुके हैं। यह दिन हमारे देश के लिए काला दिन कहा जा सकता है। 

नवीन गोयल ने कहा कि वर्ष 2001 में देश की संसद पर हुए आतंकी हमले में दिल्ली पुलिस के 6 जवान, संसद के 2 सुरक्षा कर्मी और 1 माली शहीद हुए थे। उन्हें नमन, श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि संसद पर हमले जैसा दिन भारत में कभी ना आए। यह भी हमारे लिए गौरव की बात है कि पिछले 6 साल में देश के भीतर कोई आंतकी हमला नहीं हो पाया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही मजबूत सरकार से ही संभव हो पाया है। आज देश एकजुट है। हम सब देशवासियों को इसी तरह से एकता दिखाते हुए सरकार का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी हॉल परिसर में बने शहीद स्मारक को बेहतर बनाया जाए, इसकी पैरवी से सरकार से करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि शहीदों की शहादत को कभी भूले नहीं। अपनी भावी पीढ़ी को शहीदों की गाथाएं सुनाकर प्रेरित करें। उन्होंने आगे कहा कि जिन सैनिकों, जिन शहीदों की बदौलत आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उनके प्रति संवेदना अर्पित करना हर देशवासी का कर्तव्य है। उन्होंने शहीदों के परिवारों के बच्चों को स्कूलों में विशेष छूट दिए जाने, अस्पतालों में परिवार के सदस्यों को उपचार में विशेष छूट दिए जाने की पैरवी की। सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सैनिकों का सम्मान करें। 


शहीदों को नमन करते हुए बीजेपी निगरानी कमेटी के चेयरमैन सुमेर तंवर ने कहा कि हम सबको शहीदों का सदा सम्मान करना चाहिए। देश की सीमा पर 24 घंटे तैनात रहकर जो सैनिक हमारी रक्षा करते हैं, उनके इस साहस, पराक्रम को कभी भूलना नहीं चाहिए। इस मौके पर पूर्व जिला सचिव राजेश गुलिया, पूर्व कोषाध्यक्ष युवा मोर्चा गगन गोयल, पूर्व कोषाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, समाजसेवी अरुण प्रजापति, टोल हटाओ संघर्ष समिति से अत्तर सिंह संधू समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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