सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

तीर्थन घाटी में कैसा हो टिकाऊ एवं जवाबदेह पर्यटन का स्वरूप, बंजार में हुआ मंथन।

परस राम भारती,

कुल्लू बंजार ,

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया,




  • स्थाई पॉलिसी निर्माण में ग्राम पंचायतों के साथ अब स्वैच्छिक संगठन निभाएंगे अपनी अहम भूमिका, लोगों को करेंगे जागरूक।
  • तीर्थन और जीभि घाटी में भविष्यकालीन पर्यटन विकास मॉडल लागू करवाने को आगे आए बुद्धिजीवी लोग।


 जिला कुल्लू में उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी को वर्ष 2014 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की सुची में शामिल किया गया है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, ट्राउट मछली, प्राकृतिक सौन्दर्य और अपनी अनूठी संस्कृति व सभ्यता के लिए महशुर तीर्थन घाटी में पर्यटन तेजी से विकसित हो रहा है। बंजार क्षेत्र की तीर्थन और जिभि घाटी में पर्यटन की संभावनाओं, वर्तमान स्वरूप, और भविष्य में पर्यटन के साथ आने वाली चुनौतियों पर विचार विमर्श करने के लिए बंजार के खुंदन में बुधवार को एक बैठक का आयोजन हुआ।



इस बैठक में पर्यटन कारोबारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वैच्छिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, पर्यटन विशेषज्ञ और अन्य प्रबुद्ध लोगों ने हिस्सा लिया। भविष्यकालीन में बंजार क्षेत्र की तीर्थन और जीभी घाटी में पर्यटन का एक भौंडा स्वरूप सामने ना आए इसके लिए यहां पर एक बेहतरीन,व्यवस्थित और टिकाऊ पर्यटन विकास मॉडल को विकसित किया जाना अनिवार्य है। इसी विषय को लेकर बुद्धिजीवी लोगों द्वारा इस बैठक में गहनता से विचार विमर्श और मंथन किया गया।


तीर्थन घाटी के सीमित प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण, यहां की संस्कृति व सभ्यता का संरक्षण एवं संवर्धन कैसे हो और भविष्य में यहां के लिए पर्यटन का स्वरूप कैसा होना चाहिए इस विषय पर बैठक में चर्चा परिचर्चा हुई। बैठक में उपस्थित बुद्धिजीवी लोगों ने तेजी से बढ़ते हुए पर्यटन से होने वाले कुप्रभावों और यहां की पारिस्थितिकी पर बढ़ते दबाव पर चिन्ता व्यक्त की है। बैठक में निर्णय लिया गया कि बंजार क्षेत्र की विभिन्न घाटियों में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े कारोबारियो, युवाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वैच्छिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर एक स्थाई पर्यटन नीति के मसौदे को अंतिम रूप देकर कानून के तहत लागू करवाने के लिए साझा प्रयास किए जाएंगे। ताकि यहां के प्राकृतिक संसाधनों और संस्कृति का संरक्षण संबर्धन भी हो तथा समूचे क्षेत्र को एक टिकाऊ पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।


इस बैठक में इको पर्यटन विशेषज्ञ एवं हिमालय नीति अभियान की सदस्य अदिती, हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह, सहारा संस्था के निदेशक राजेन्द्र चौहान, सहारा संस्था के सदस्य एवं पूर्व प्रधान हरी सिंह ठाकुर, सदस्य एवं पूर्व प्रधान स्वर्ण सिंह ठाकुर, पर्यटन एवं योगा शिक्षक नीरज ठाकुर, बरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरण प्रेमी दौलत भारती, ग्राम पंचायत शिल्ली के उपप्रधान मोहर सिंह, पर्यटन कारोबारी पदम सिंह आदि वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे हैं।

दिनांक:- 30, सितम्बर 2021.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रोहित–त्रिशला : कोसी तट, हिमालय की पवित्र वेदी और वैदिक परिणय

  प्रिया बिष्ट  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया  गर्जिया, ढिकुली. उत्तराखंड के रामनगर स्थित ढिकुली क्षेत्र में कोसी नदी के शांत तट पर डॉ. रोहित कटारिया और डॉ. त्रिशला परिहार का विवाह प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता के संतुलित संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। हिमालय की हरित शृंखलाओं की पृष्ठभूमि और कोसी के निरंतर प्रवाह के बीच आयोजित यह डेस्टिनेशन वेडिंग अपने वैदिक स्वरूप और सादगीपूर्ण आयोजन के कारण विशेष रहा। डॉ. त्रिशला परिहार स्वर्गीय श्रीमती पी.के. देवी एवं श्री रामाधार सिंह की पौत्री तथा श्रीमती सीमा सिंह और प्रो. अनिल कुमार सिंह की सुपुत्री हैं। उन्होंने एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में एचआईएमएसआर, दिल्ली से एमडी (सामुदायिक चिकित्सा) की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. रोहित कटारिया स्वर्गीय श्रीमती कमला देवी एवं श्री दौलत राम के पौत्र तथा श्रीमती मुकेश लता और श्री रमेश कटारिया, गुरुग्राम के सुपुत्र हैं। उन्होंने वीएमएमसी से एमबीबीएस और एमडी (रेडियोलॉजी) की उपाधि प्राप्त की है तथा एम्स ऋषिकेश से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में पीजीडी किया है। विवाह समारोह कोसी नदी के तट पर स्थित कॉर्बेट ह...

39 साल की सरकारी सेवा के बाद अब वैश्विक मंच पर डॉ. गोपाल पाटील!

  66 वर्ष की उम्र में मानवाधिकारों की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, ग्लोबल ह्यूमन राइट्स डिफेंस ने बनाया एशिया का डिप्लोमैट और अंतरराष्ट्रीय सलाहकार परिषद का सलाहकार न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा, बांग्लादेशी हिंदू समुदाय के बीच मानवाधिकारों की आवाज उठाई, मोहन भागवत के कार्यक्रम में भी हुए शामिल डॉ विजय शुक्ल  लोकल न्यूज ऑफ इंडिया पुणे/नई दिल्ली।  जिंदगी की असली पहचान इस बात से नहीं होती कि किसी व्यक्ति ने कितने वर्षों तक किस पद पर काम किया, बल्कि इस बात से होती है कि अपने अनुभव, ज्ञान और सामर्थ्य को उसने समाज के लिए कितना उपयोगी बनाया। महाराष्ट्र के पुणे निवासी विद्यावाचस्पति डॉ. भाऊ उर्फ गोपाल राधाबाई किशनराव पाटील की जीवनयात्रा इसी सोच का उदाहरण बनकर सामने आई है। भारत संचार निगम लिमिटेड में 39 वर्षों तक सेवाएं देने और उप महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने 66 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के क्षेत्र में नई जिम्मेदारी संभाली है। नीदरलैंड के हेग स्थित ग्लोबल ह्यूमन राइट्स डिफेंस (जीएचआरडी) ने उन्हें एशिया के लिए डिप्लोमैट और अं...

बंधी मे नहाते चपकी के तीन बच्चो की मौत शैलेश कुमार

बंधी मे नहाते चपकी के तीन बच्चो की मौत शैलेश कुमार लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया बभनी / सोनभद्र ।स्थानीय थाना क्षेत्र के चपकी मे बन्धी मे नहाते समय पानी मे डुबने से तीन बच्चो की मौत हो गयी है। प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक कल दोपहर में लगभग दो बजे अपने घर चपकी से महुआ बीनने जंगल मे बंधी के पास आये थे बंधी में तीनों नहाते समय डूब गए। घर वाले शाम को 7बजे खोजते हुए महुए के पास आये तो बंधी के किनारे कपड़ा मिला जिसके आधार पर बंधी में तलाशा गया । तीनो बच्चो के शव बंधी से निकलवा लिये गए है जिनके नाम पता क्रमशः 1 अमन बियार पुत्र रामबदन उम्र 8 वर्ष 2 अमरेश चंद्र पुत्र रामबदन उम्र 6 वर्ष 3 सोनू बियार पुत्र नन्दलाल उम्र 7 वर्ष निवासीगण ग्राम चपकी  शक्ति डांड थाना बभनी जनपद सोनभद्र  सूचना पर मौके पहुची बभनी पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवा कर अग्रिम कार्यवाही मे जुट गई है।