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अहंकार त्याग भगवान राम के आदर्शों पर चलें: नवीन गोयल


पौराणिक गुडग़ांव गांव की गुरू द्रोणाचार्य रामलीला में राम को किया राजतिलक



लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

गुरुग्राम। शहर की पौराणिक गुडग़ांव गांव की 60 साल पुरानी गुरू द्रोणाचार्य रामलीला में भगवान राम के राजतिलक की लीला में पर्यावरण संरक्षण विभाग भाजपा हरियाणा प्रमुख नवीन गोयल ने शिरकत की। उन्होंने भगवान राम के पात्र के रूप में कलाकार सहित अन्य पात्रों को भी तिलक किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में नवीन गोयल ने कहा कि कोई भी तीज-त्योहार हमें अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का संदेश देता है। हमें एकता व भाईचारे से रहने की सीख देता है। रामलीला का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ आज व्याप्त बुराइयों को खत्म करने की प्रेरणा देना है। उन्होंने कहा कि हर किसी को भगवान राम के आदर्शों पर चलना चाहिए। आपसी भेदभाव मिटाकर एक होकर जीवन में आगे बढऩा चाहिए। अगर हम सब इन बातों को अपने जीवन में ढाल लेते हैं तो रामराज्य की स्थापना संभव है। नवीन गोयल ने आगे कहा कि रावण ने अहंकार नहीं त्यागा और आखिर में सब कुछ गंवा दिया। भगवान राम ने उनका संहार किया। रावण के चरित्र से भी हमें सीख लेते हुए अहंकार का त्याग करना चाहिए। इस अवसर पर नवीन गोयल के साथ ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग गुरुग्राम के जिला संयोजक प्रवीण अग्रवाल, कैनविन फाउंडेशन के संस्थापक डीपी गोयल, पुरानी रामलीला कमेटी सदर बाजार से मनोज गुप्ता (गुड्डू), पार्षद दिनेश सैनी, भाजयुमो के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गगन गोयल, समाजसेवी बाली पंडित मौजूद रहे।

नवीन गोयल के समक्ष गुरू द्रोणाचार्य रामलीला कमेटी की ओर से चेयरमैन महा सिंह कटारिया, प्रधान रविंद्र कटारिया, महासचिव हरींद्र सैनी, सचिव रजनीश सैनी, कैशियर लीलू राम सैनी, निर्देशक मनोज सैनी, सहायक निर्देशक योगेश कुमार आदि ने मांग भी रखी गई। जिसमें कहा गया कि गुडग़ांव गांव में कभी 8 रामलीलाएं होती थी। समय के साथ यहां की आबादी बढ़ती गई और जगह नहीं होने के कारण सभी बंद हो गई। अब एक मात्र गुरू द्रोणाचार्य रामलीला बची है। किसी तरह जगह लेकर रामलीला करने का प्रयास कमेटी करती है। भविष्य में अन्य रामलीलाओं की तरह इस पौराणिक रामलीला को बंद ना करने पड़े, इसके लिए शहर में कहीं स्थायी जगह अलॉट कराई जाए। नवीन गोयल ने इस संदर्भ में सकारात्मक पहल करते हुए सरकार, प्रशासन स्तर पर वकालत करने की बात कही।

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