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दशहरा पर्व आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीकः शिव प्रताप शुक्ल




राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का शुभारम्भ किया

प्रिया बिष्ट 

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 

कुल्लू. राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज जिला कुल्लू के रथ मैदान में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने भगवान रघुनाथ जी की पारम्परिक रथ यात्रा में भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं।

मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जहां दुनियाभर के लोग अलग-अलग ढंग से दशहरा मनाते हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश में श्रद्धालु भगवान रघुनाथ जी के रथ को खींचकर समृद्ध परम्पराओं का निर्वहन कर सांस्कृतिक मूल्यों को संजोकर रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल उत्सव हीं नहीं, बल्कि यहां के लोगों की एकता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का भी प्रतीक है।



श्री शुक्ल ने कहा कि हिमाचल और विदेश के युवाओं में केवल यही भिन्नता है कि यहां के युवा हिमाचल के युवा समृद्ध संस्कृति के संरक्षक हैं। भगवान रघुनाथ जी की रथ यात्रा में भाग लेकर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाते हैं। यहां के युवा प्रदेश की संस्कृति और परंपरा से जुड़कर इसका संरक्षण कर रहे हैं।

राज्यपाल ने सभी देवताओं से हिमाचल को नशामुक्त राज्य बनाने की प्रार्थना की। उन्होंने इस सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए लोगों से सामुहिक प्रयास करने के लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल में नशे के लिए कोई स्थान नहीं है और हमें मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश हाल की प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेश में जानमाल की बहुत क्षति हुई है लेकिन यहां के लोगों के साहस और दृढ़ संकल्प के कारण प्रदेश में स्थिति सामान्य हो रही है। उन्होंने नागरिकों से नदियों और नालों के समीप निर्माण कार्य न करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।




इसके उपरांत, राज्यपाल ने सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनमें गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने कहा कि हिमाचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और परम्पराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा प्राकृतिक सम्पदाओं को संजोकर रखना सामुहिक जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने कहा कि यह उत्सव सभी को एकसूत्र में पिरोता है तथा प्रदेश की समृद्धि का प्रतीक है। इससे हम राज्य के सौहार्दपूर्ण और उज्ज्वल भविष्य के प्रति कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं।

इस उत्सव में कुल्लू जिला के विभिन्न क्षेत्रों के 300 से अधिक देवी-देवता भाग ले रहे हैं।

इससे पूर्व, स्थानीय लोगों ने भुन्तर पहुंचने पर राज्यपाल का गर्मजोशी से स्वागत किया।

विधायक सुन्दर सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र शौरी और भुवनेश्वर गौड़, हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश, पुलिस अधीक्षक डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचन्द्रन और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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